श्रावस्ती में भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित सीमा स्तंभों की मरम्मत और पुनर्निर्माण को लेकर दोनों देशों के अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान सीमा सुरक्षा और समन्वय को मजबूत करने पर सहमति बनी। यह निरीक्षण 10 मई 2026 को किया गया, जिसमें नेपाल द्वारा किए जा रहे सीमा स्तंभों के मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति का स्थलीय जायजा लिया गया। भारतीय दल का नेतृत्व डायरेक्टर ऑफ सर्वे श्री दुर्गेश नंदन पाठक ने किया। निरीक्षण के दौरान भारत की ओर से डिप्टी सुपरिटेंडेंट सर्वेयर श्री पी.के. आर्या अपनी सर्वे टीम के साथ मौजूद रहे। 62वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), भिनगा के कमांडेंट श्री अमरेंद्र कुमार वरुण सहित एसएसबी के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। नेपाल राष्ट्र की ओर से डिप्टी डायरेक्टर जनरल श्री सुशील डोंगल और चीफ सर्वे ऑफिसर श्री रमेश ग्यावली अपनी टीम के साथ शामिल हुए। नेपाल सशस्त्र पुलिस बल (APF) के अधिकारी भी निरीक्षण दल का हिस्सा थे। सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई संयुक्त निरीक्षण के बाद सीमा चौकी सुईयां में एक समन्वय बैठक आयोजित की गई। श्री दुर्गेश नंदन पाठक की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में भारत और नेपाल के सर्वे दलों तथा सुरक्षा बलों के अधिकारियों ने भाग लिया। इसमें सीमा स्तंभों की मरम्मत, पुनर्निर्माण, स्पष्ट पहचान, दीर्घकालिक स्थिरता और सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के दौरान दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमा स्तंभों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए आपसी समन्वय, सहयोग और निरंतर संवाद को मजबूत करने पर सहमति जताई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सीमा से जुड़े सभी कार्य सौहार्दपूर्ण वातावरण में, पारस्परिक विश्वास और अंतरराष्ट्रीय समझौतों के अनुरूप संयुक्त रूप से किए जाएंगे ताकि भविष्य में कोई भ्रम या विवाद उत्पन्न न हो। अधिकारियों ने संयुक्त प्रयासों से भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और सौहार्द बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने भविष्य में भी इसी प्रकार के समन्वित निरीक्षण और बैठकों के आयोजन पर जोर दिया।
भारत-नेपाल सीमा स्तंभों का संयुक्त निरीक्षण:मरम्मत, पुनर्निर्माण और सुरक्षा-समन्वय पर बनी सहमति, SSB और नेपाल APF के जवान रहे मौजूद
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