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बस्ती जिले के विक्रमजोत कस्बे में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को अक्सर गैर-जनपद के अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। यह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 321 गांवों की लगभग दो लाख आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए जिम्मेदार है। इसके साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुकरौली और जितियापुर छावनी, तथा 17 उप-स्वास्थ्य केंद्र भी इस क्षेत्र की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करते हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अतुल सिंह के अनुसार, सीएचसी में रोजाना करीब तीन दर्जन से अधिक मरीज ओपीडी में आते हैं। इनमें वायरल बुखार के अलावा सर्दी, जुकाम, पेट संबंधी और सांस के मरीज अधिक होते हैं। अस्पताल में खून, पेशाब, शुगर, बलगम जैसी सभी प्रकार की जांचों के लिए उपकरण उपलब्ध हैं। एक्सरे मशीन और दांत संबंधी उपकरण भी मौजूद हैं। हालांकि, बुनियादी सुविधाओं और तकनीकी कमियों के कारण इनका उपयोग नहीं हो पा रहा है। वर्तमान में केवल कार्ड से संबंधित जांचें ही उपलब्ध हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दो चिकित्साधिकारी और एक दंत चिकित्सक तैनात हैं। इनके अलावा, संविदा पर एक आयुष चिकित्सक, नेत्र परीक्षण अधिकारी, एलटी, डेंटल हाईजिनिस्ट, एक्सरे टेक्नीशियन, चार स्टाफ नर्स और तीन अन्य स्वास्थ्यकर्मी कार्यरत हैं। वहीं, वरिष्ठ सहायक सहित चौदह स्वास्थ्यकर्मियों के पद खाली पड़े हैं। कर्मचारियों की कमी और संसाधनों के अभाव के कारण चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। सीएचसी प्रभारी ने बताया कि मानक और नियमों के अनुसार अस्पताल में सभी तरह की दवाएं उपलब्ध हैं। संसाधनों और उपकरणों की कमी के बावजूद बेहतर सुविधाएं प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है।
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विक्रमजोत CHC में सुविधाओं का अभाव:दो लाख आबादी के लिए आयुष डॉक्टर के भरोसे ओपीडी, मरीज बाहर जाने को मजबूर
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