वॉशिंगटन/ओटावा। अमेरिका, कनाडा और यूरोप की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने भारतीय मूल के संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी संयुक्त कार्रवाइयों में से एक को अंजाम देते हुए ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल (Operation Hard Ball)’ के तहत 24 लोगों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई का केंद्र लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़, जग्गू भगवानपुरिया और रविंदर सिंह ढांडा से जुड़े तीन आपराधिक गिरोह रहे। छापेमारी के दौरान करीब 1,000 किलोग्राम कोकीन, एक किलोग्राम हेरोइन, 40 हजार डॉलर नकद और लगभग एक दर्जन हथियार बरामद किए गए।इस संयुक्त अभियान में एफबीआई (FBI), लॉस एंजिल्स पुलिस विभाग (LAPD), रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) सहित कई देशों की सुरक्षा और जांच एजेंसियों ने समन्वित कार्रवाई की।
37 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र, 24 गिरफ्तार
अमेरिकी अधिकारियों ने तीन अलग-अलग आरोपपत्र दाखिल करते हुए कुल 37 लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें से 24 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि 10 आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं।अधिकारियों के अनुसार, 11 गिरफ्तारियां कैलिफोर्निया में हुईं, जबकि अन्य आरोपियों को इंडियाना, जॉर्जिया, कनाडा और स्पेन से पकड़ा गया।
लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ पर गंभीर आरोप
जांच एजेंसियों की ओर से दायर आरोपपत्र में दावा किया गया है कि जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके करीबी सहयोगी गोल्डी बराड़ ने वर्ष 2023 में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरे शहर में खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश रची थी। आरोपपत्र के अनुसार, 18 जून 2023 को दो हमलावरों ने निज्जर की गोली मारकर हत्या कर दी थी।यह ध्यान देने योग्य है कि यह अमेरिकी अभियोजन पक्ष के आरोप हैं और इन पर संबंधित अदालतों में न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
भारत-कनाडा विवाद से जुड़ा मामला
हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद भारत और कनाडा के संबंधों में तनाव बढ़ गया था। कनाडा लंबे समय से इस हत्या की जांच कर रहा है। अमेरिकी अभियोजन दस्तावेजों में भी पंजाब के एक प्रमुख राजनीतिक एवं धार्मिक व्यक्ति की हत्या का उल्लेख किया गया है, जिसकी पहचान हरदीप सिंह निज्जर के रूप में की गई है।
जग्गू भगवानपुरिया और ढांडा नेटवर्क भी निशाने पर
संयुक्त अभियान में जग्गू भगवानपुरिया सिंडिकेट और रविंदर सिंह ढांडा नेटवर्क को भी निशाना बनाया गया।जांच एजेंसियों के अनुसार, जग्गू भगवानपुरिया गिरोह पर सुपारी लेकर हत्या करने और मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप हैं।वहीं, कनाडा में सक्रिय रविंदर सिंह ढांडा के नेटवर्क पर आरोप है कि वह ट्रकों के जरिए हर सप्ताह कैलिफोर्निया से कनाडा तक सैकड़ों किलोग्राम कोकीन और मेथामफेटामाइन की तस्करी करता था।
भारी मात्रा में ड्रग्स और हथियार बरामद
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने लगभग:
1,000 किलोग्राम कोकीन
1 किलोग्राम हेरोइन
40,000 अमेरिकी डॉलर नकद
लगभग एक दर्जन हथियार बरामद किए। जांच एजेंसियों का मानना है कि ये गिरोह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी, जबरन वसूली और संगठित अपराध के बड़े नेटवर्क का संचालन कर रहे थे।
कनाडा पहले ही घोषित कर चुका है आतंकी संगठन
कनाडा सरकार ने सितंबर 2025 में लॉरेंस बिश्नोई गैंग को आतंकवादी संगठन घोषित किया था। अधिकारियों के अनुसार, इस गिरोह पर कनाडा और अमेरिका में जबरन वसूली, भारतीय मूल के लोगों को धमकाने, प्रतिद्वंद्वी गिरोहों से बड़ी मात्रा में कोकीन लूटने और हिंसक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं। एक मामले में गैंग ने कनाडा में रहने वाले भारतीय मूल के एक अभिनेता और गायक के घर पर हुई गोलीबारी की जिम्मेदारी लेने का भी दावा किया था।
भारतीय समुदाय में फैला रहे थे डर
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि ये आपराधिक नेटवर्क लंबे समय से अमेरिका और कनाडा में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों को धमकाकर जबरन वसूली कर रहे थे तथा हिंसा का माहौल बना रहे थे।फर्स्ट असिस्टेंट अमेरिकी अटॉर्नी बिल एसेली ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय संगठित अपराधियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा। आरोपियों पर रैकेट चलाने की साजिश, जबरन वसूली, मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य गंभीर अपराधों के आरोप लगाए गए हैं। यदि अदालत में आरोप सिद्ध होते हैं, तो कई आरोपियों को उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। हालांकि, सभी आरोपियों को तब तक कानून की नजर में निर्दोष माना जाएगा, जब तक अदालत में उनके विरुद्ध आरोप सिद्ध नहीं हो जाते।












