श्रावस्ती जिले के नासिरगंज कस्बे में शनिवार देर रात सुज्जन अली के अज़ाखाने पर एक मजलिसे अज़ा का आयोजन हुआ। इसमें अज़ादारों ने कर्बला के शहीदों को नम आँखों से याद किया। मजलिस की शुरुआत मर्सिया और सोज़-ख्वानी से हुई, जिसमें पैगंबर-ए-इस्लाम और इमामों की शान में कलाम पेश किए गए। इसके उपरांत, नौहाख्वानों ने हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और कर्बला के अन्य शहीदों की याद में नौहे पढ़े। नौहाख्वानी के दौरान अज़ादारों ने मातम किया और कर्बला के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर, पैगंबर-ए-इस्लाम के नवासे हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत और उनके इंसानियत व हक के संदेश पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कर्बला की जंग को जुल्म के खिलाफ सब्र और सच्चाई की जीत का प्रतीक बताया। मजलिस के समापन के बाद, अज़ाखाने के मेजबान सुज्जन अली ने उपस्थित सभी अज़ादारों को तबर्रक (प्रसाद) वितरित किया।
सुज्जन अली के अज़ाखाने पर मजलिसे अज़ा:कर्बला के शहीदों को नम आँखों से किया याद
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