गोरखपुर।जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की आम सभा की बैठक रविवार को शास्त्री चौक स्थित गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब के तृतीय तल पर स्थित हाल में सम्पन्न हुई। बैठक में लगभग 200 की संख्या में सम्मानित पत्रकार सदस्यों की उपस्थिति रही, आम सभा में संगठन से जुड़े कई अहम मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा करते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक की शुरुआत संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा के साथ हुई, जिसमें पदाधिकारियों ने प्रेस क्लब की वर्तमान स्थिति, कार्यप्रणाली और भविष्य की योजनाओं पर अपने विचार रखे। आम सभा में उपस्थित सभी सदस्यों ने संगठन को मजबूत और व्यापक बनाने के उद्देश्य से नए सदस्यों को जोड़ने के प्रस्ताव पर आम सहमति व्यक्त की। सदस्यों का मानना था कि अधिक से अधिक सक्रिय और योग्य पत्रकारों को संगठन से जोड़कर इसकी ताकत और प्रभावशीलता को बढ़ाया जाए।
बैठक में एक महत्वपूर्ण मुद्दा वर्ष 2017 में कल्याण कोष से एक गैर सदस्य को 50 हजार रुपये की सहायता राशि दिए जाने का उठा। इस पर कई सदस्यों ने सवाल उठाए और पारदर्शिता की मांग की। सदस्यों ने कहा कि संगठन के नियमों के अनुरूप ही कल्याण कोष का उपयोग होना चाहिए। इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने के लिए आम सभा ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया।
इसके अलावा पत्रकारों के खिलाफ कुछ संगठनों द्वारा दिग्भ्रमित करने की कथित गतिविधियों पर भी चर्चा हुई। आम सभा के दौरान प्रेस क्लब के एक पूर्व मंत्री द्वारा समय-समय पर प्रेस क्लब को लेकर पत्रकारों को गुमराह करने का प्रयास किया गया है। इस पर आम सभा ने नाराजगी जताते हुए ऐसे कृत्यों की निंदा की और पत्रकार एकता बनाए रखने पर जोर दिया।
सोशल मीडिया पर अनुशासनहीनता का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठा। एक वार्षिक सदस्य द्वारा ग्रुप में अपशब्दों के प्रयोग की घटना पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई गई। सदस्यों ने स्पष्ट किया कि संगठन की गरिमा बनाए रखने के लिए सभी को मर्यादित भाषा और आचरण का पालन करना अनिवार्य है।
संस्थापक सदस्यों की संख्या को लेकर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। बताया गया कि प्रारंभ में संस्थापक सदस्यों की संख्या 20 थी, जो बाद में बढ़कर 27 हो गई। इस बदलाव के आधार और प्रक्रिया को स्पष्ट करने की मांग उठी। इस विषय को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया।
उपरोक्त सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए आम सभा ने पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया। इस जांच समिति में संस्थापक सदस्य श्री कृष्ण त्रिपाठी, पूर्व अध्यक्ष एसपी सिंह, पूर्व अध्यक्ष अरविंद राय तथा पूर्व उपाध्यक्ष अजित यादव के साथ ही संयोजक के रूप में महामंत्री शामिल होंगे। समिति को सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बैठक में संगठन के पदाधिकारियों और वरिष्ठ पत्रकारों की सक्रिय भागीदारी रही। अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी ने सभी सदस्यों को एकजुट होकर संगठन की गरिमा बनाए रखने और पारदर्शिता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। कोषाध्यक्ष दुर्गेश यादव ने आय व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत किया ।उपाध्यक्ष धनेश कुमार निषाद, संयुक्त मंत्री महेंद्र गौड़, पुस्तकालय मंत्री संजय कुमार, कार्यकारिणी सदस्य डॉ. मनोज मिश्रा, रजनीश त्रिपाठी, अजित सिंह के साथ ही
पूर्व संपादक सुजीत पांडेय, पूर्व अध्यक्ष रितेश मिश्रा, पूर्व उपाध्यक्ष भूपेंद्र द्विवेदी,पूर्व उपाध्यक्ष मृत्युंजय शंकर सिन्हा,संजय श्रीवास्तव समेत कई पूर्व पदाधिकारी एवं वरिष्ठ पत्रकार मौजूद रहे।












