लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस की त्वरित कार्रवाई और मेटा (इंस्टाग्राम-फेसबुक) के सुसाइडल अलर्ट सिस्टम की मदद से गौतम बुद्ध नगर में एक 21 वर्षीय युवक की जान बचा ली गई। प्रेमिका के परिजनों द्वारा दोनों के मिलने पर रोक लगाए जाने से मानसिक तनाव में आए युवक ने इंस्टाग्राम पर आत्महत्या संबंधी वीडियो और संदेश पोस्ट कर दिया था। मेटा द्वारा भेजे गए अलर्ट पर पुलिस मुख्यालय ने तत्काल कार्रवाई करते हुए युवक की लोकेशन ट्रेस कराई और स्थानीय पुलिस ने मात्र पांच मिनट में मौके पर पहुंचकर उसे आत्मघाती कदम उठाने से रोक लिया।
पुलिस के अनुसार, 19 जुलाई 2026 को गौतम बुद्ध नगर कमिश्नरेट के थाना बिसरख क्षेत्र के रहने वाले 21 वर्षीय युवक ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उसने खुद को चाकू मारकर आत्महत्या करने की बात लिखी थी। इस पोस्ट के संबंध में उसी दिन तड़के 3:48 बजे मेटा कंपनी की ओर से पुलिस महानिदेशक मुख्यालय, लखनऊ स्थित सोशल मीडिया सेंटर को ई-मेल के माध्यम से सुसाइडल अलर्ट प्राप्त हुआ।
अलर्ट मिलते ही सोशल मीडिया सेंटर ने तत्काल मामले का संज्ञान लिया और इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के निर्देश पर सोशल मीडिया सेंटर ने मेटा द्वारा उपलब्ध कराए गए मोबाइल नंबर के आधार पर युवक की लोकेशन ट्रेस की और पूरी सूचना तत्काल गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट को भेज दी।
मुख्यालय से सूचना मिलते ही थाना बिसरख के उपनिरीक्षक अनुज और हेड कांस्टेबल विकास तोमर तुरंत युवक के घर के लिए रवाना हुए। पुलिस टीम मात्र पांच मिनट में मौके पर पहुंच गई। परिजनों को इंस्टाग्राम पोस्ट की जानकारी देकर जब पुलिस युवक के कमरे में पहुंची तो वह अपनी कलाई पर ब्लेड से वार करने का प्रयास कर रहा था और मानसिक रूप से बेहद तनावग्रस्त अवस्था में था। पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए उसके हाथ से ब्लेड छीन लिया और परिजनों की मदद से उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत सामान्य होने पर उसे घर भेज दिया गया।
स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद युवक ने पुलिस को बताया कि वह 12वीं पास है और मजदूरी का काम करता था। वह एक युवती से प्रेम करता था, लेकिन युवती के परिजनों ने दोनों के मिलने पर रोक लगा दी और उसे गांव भेज दिया। इस घटना के बाद वह गहरे मानसिक तनाव और अवसाद में चला गया, जिसके कारण उसके मन में आत्महत्या जैसे विचार आने लगे और उसने यह कदम उठाने का प्रयास किया।
पुलिस ने युवक की विस्तृत काउंसलिंग की, जिसके बाद उसने भविष्य में कभी भी ऐसा कदम न उठाने का आश्वासन दिया। युवक के परिजनों ने पुलिस की संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई और मानवीय व्यवहार की सराहना करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस का आभार व्यक्त किया।
2022 से चल रही है मेटा और यूपी पुलिस की विशेष व्यवस्था
उत्तर प्रदेश पुलिस और मेटा कंपनी के बीच वर्ष 2022 से एक विशेष व्यवस्था लागू है। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति फेसबुक या इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से संबंधित पोस्ट, वीडियो या संदेश साझा करता है तो मेटा उसकी जानकारी ई-मेल और फोन के माध्यम से उत्तर प्रदेश पुलिस के सोशल मीडिया सेंटर को तत्काल भेजता है। इसके बाद पुलिस संबंधित व्यक्ति की लोकेशन का पता लगाकर स्थानीय पुलिस को सक्रिय करती है ताकि समय रहते उसकी जान बचाई जा सके।
3,322 लोगों की बचाई जा चुकी है जान
उत्तर प्रदेश पुलिस के अनुसार 1 जनवरी 2023 से 5 जुलाई 2026 तक मेटा से प्राप्त आत्महत्या संबंधी अलर्ट पर कार्रवाई करते हुए प्रदेशभर में 3,322 लोगों के प्राण बचाए जा चुके हैं। आत्महत्या रोकथाम की इस अभिनव पहल के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस को SKOCH Award-2025 और The Economic Times GovTech Awards-2026 से भी सम्मानित किया जा चुका है।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि आधुनिक तकनीक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और पुलिस की त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई मिलकर समय रहते किसी की भी अनमोल जान बचा सकती है।












