वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग जल्द ही शांति में बदल जाएगी। इसके लिए कई देश मध्यस्थता कर रहे हैं और बातचीत कर शांति बहाल हो जाएगी। इस तरह की राहत भरीं खबरें हकीकत में बदलतीं इससे पहले ही ईरान ने साफ कर दिया कि ये सिर्फ अटकलें और भ्रामक खबरें है। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बघेर गालिबाफ ने सीधे संवाद की खबरों को खारिज करते हुए इन्हें फेक न्यूज करार दिया। ईरान का रुख फिलहाल सख्त बना हुआ है, लेकिन अमेरिका के इस रुख के बाद वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है और कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गई हैं। भले ही ईरान ने प्रस्ताव मिलने की बात स्वीकार की है, लेकिन अंतिम समझौते तक पहुंचने की राह अब भी कूटनीतिक दांव-पेचों में फंसी नजर आती है। वहीं दूसरी तरफ बताया जा रहा है कि ईरान के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि उन्हें मध्यस्थों के माध्यम से अमेरिका की ओर से कुछ महत्वपूर्ण प्रस्ताव मिले हैं।
इधर खबरें चल रहीं है कि ईरान इन प्रस्तावों की गंभीरता से समीक्षा कर रहा है। अधिकारी के अनुसार, अमेरिका की ओर से भेजे गए कुछ बिंदुओं पर विचार किया जा रहा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि लंबे समय से जारी गतिरोध और प्रत्यक्ष टकराव के बावजूद दोनों देशों के बीच पर्दे के पीछे कूटनीतिक संवाद का रास्ता खुला है। यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ समझौते की संभावना जताई थी। हालांकि खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष जारी है और इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन अब ईरान ने भी स्वीकार किया है कि मध्यस्थों के जरिए अमेरिका का प्रस्ताव उन तक पहुंचा है। इससे पहले ईरान किसी भी तरह की बातचीत से इनकार करता रहा था। बताया जा रहा है कि अमेरिका की ओर से ईरान को 15 बिंदुओं का एक ड्राफ्ट भेजा गया है, जिसमें तनाव कम करने की रूपरेखा तैयार की गई है। क्षेत्रीय शांति के लिए तुर्की और मिस्र जैसे देश सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान से फोन पर चर्चा की है। फिदान ने कतर, सऊदी अरब, पाकिस्तान और यूरोपीय संघ के अधिकारियों के साथ भी संपर्क साधा है। दूसरी ओर, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल सीसी ने भी स्पष्ट किया है कि उन्होंने ईरान को तनाव कम करने के लिए कड़े संदेश भेजे हैं। मिस्र के अधिकारियों के अनुसार, इन संदेशों का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा के बुनियादी ढांचे पर हमलों को रोकना है, ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़े संकट से बचाया जा सके। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक चौंकाने वाले बयान में कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच सकारात्मक बातचीत हुई है, जिसके बाद उन्होंने ऊर्जा ढांचों पर होने वाले संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए टालने का निर्णय लिया। ट्रंप ने दावा किया कि बातचीत बेहद मजबूत रही है और लगभग सभी मुद्दों पर सहमति बन सकती है।
तेहरान और अमेरिका के बीच शांति के लिए मध्यस्थता वाली खबरें फेक: ईरान
गोद लेने पर भी मिल जाएगी मैटरनिटी लीव, सुप्रीम कोर्ट ने हटाया 3 महीने वाला नियम
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ‘मातृत्व अवकाश’ को लेकर बड़ा फैसला सुनाया। इसमें कहा कि अब बच्चा गोद लेने वाली सभी माताओं को मातृत्व अवकाश मिल सकेगा। शीर्ष कोर्ट ने सुनवाई के दौरान उस कानूनी प्रावधान को भी निरस्त कर दिया, जिसके तहत 3 महीने तक के बच्चे को गोद लेने पर ही अवकाश मिलने की व्यवस्था की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने पुराने कानूनी नियम को गैर-संवैधानिक घोषित कर दिया और इसे समानता के अधिकार (संविधान के अनुच्छेद 14) का हनन माना है। बच्चे की उम्र चाहे जो भी हो सभी गोद लेने वाली माताएं गोद लेने की तारीख से 12 हफ्ते की छुट्टी की हकदार होंगी। कोर्ट ने कहा कि पुराना नियम मां और बच्चे दोनों के लिए भेदभाव वाला है।
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कोर्ट ने यह भी कहा है कि मातृत्व एक मौलिक मानव अधिकार है। उसे इस तरह की सीमा में नहीं बांधा जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
जस्टिस जेबी पारदीवाला और आर महादेवन की बेंच ने कहा, ‘गोद लेना परिवार बनाने का एक उतना ही अच्छा तरीका है… बायोलॉजिकल फैक्टर सिर्फ परिवार के मूल्यों और हकों को तय नहीं कर सकते।’ बेंच ने गोद लिए गए बच्चे के अधिकार की चर्चा अपने फैसले में की है। उन्होंने कहा है कि मां का प्यार पाना बच्चे का अधिकार है। उसे नए परिवार से जुड़ने में समय लगता है। संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत बच्चे और अभिभावकों को गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार है, लेकिन यह कानून उसका भी उल्लंघन करता है।
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केंद्र सरकार से विचार करने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि वह सामाजिक कल्याण के तरीके के तौर पर मातृत्व अवकाश शुरू करने पर विचार करे। याचिकाकर्ता ने मूल रूप से 1961 के मैटरनिटी बेनेफिट एक्ट 1961 की धारा 5(4) की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि 2020 में लागू सोशल सिक्योरिटी कोड ने 1961 के कानून की जगह ले ली है। इसकी धारा 60(4) में वही लिखा है, जो 1961 के कानून की धारा 5(4) में था।
कोर्ट ने रद्द करदी धारा
2020 के सोशल सिक्योरिटी कोड की धारा 60(4) में बच्चा गोद लेने वाली महिलाओं को अधिकतम 12 सप्ताह की मातृत्व अवकाश का प्रावधान है, मगर यह लाभ उन्हीं महिलाओं के लिए है जिन्होंने 3 महीने से कम आयु का बच्चा गोद लिया हो। इसी धारा को सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया।
सोनिया गांधी की तबीयत बिगड़ी, सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती, डॉक्टरों ने दी जानकारी
नई दिल्ली: कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते मंगलवार (24 मार्च) देर रात दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया है. डॉक्टरों के मुताबिक, उन्हें सीने में जकड़न और सांस लेने में हल्की तकलीफ महसूस हो रही थी, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें निगरानी में रखने का फैसला किया.
दिल्ली में बदलते मौसम और बढ़ते प्रदूषण की वजह से उनकी तबीयत पर असर पड़ा है. डॉक्टरों की एक टीम उनके स्वास्थ्य की बारीकी से जांच कर रही है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, उनका ब्रोंकियल अस्थमा थोड़ा बढ़ गया है, जो ठंडी हवा और धूल के कारण अक्सर सक्रिय हो जाता है. अस्पताल के चेयरमैन डॉ. अजय स्वरूप ने संक्षिप्त जानकारी देते हुए बताया कि सोनिया गांधी की स्थिति फिलहाल स्थिर है. उन्हें एहतियात के तौर पर भर्ती किया गया है और उन्हें एंटीबायोटिक्स व अन्य जरूरी दवाएं दी जा रही हैं.
79 वर्षीय सोनिया गांधी पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना कर रही हैं. जनवरी माह में इससे पहले भी उन्हें सांस संबंधी दिक्कत के कारण भर्ती होना पड़ा था. जून 2025 में उन्हें पेट में संक्रमण के कारण अस्पताल में कुछ दिन बिताने पड़े थे. सितंबर 2022 में उन्होंने इलाज के लिए विदेश की यात्रा भी की थी. फिलहाल, डॉक्टर उनकी रिकवरी पर नजर रख रहे हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि एक-दो दिनों में स्थिति पूरी तरह सामान्य होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है.
ईरान पर अकेला पड़ा अमेरिका, NATO और चीन को धमका रहे ट्रंप, नई मुसीबत की आहट?
इजरायल, अमेरिका और ईरान की जंग, दुनिया के मुसीबत बनकर आ रही है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर जहाजों की आवाजाही ईरान ने रोक दी है, जिसकी वजह से कई देशों में तेल और गैस संकट पैदा हो गया है। ईरान के साथ जारी जंग अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिलने की बजाय बड़े देश, अमेरिकी नीति से दूरी बना रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप, कई देशों को अपने टैरिफ से नाराज कर चुके हैं, ऐसे में उनके साथ किसी की भी हमदर्दी नहीं है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब नॉर्थ अटलांटिक ट्रिटी ऑर्गेनाइजेशन (NATO) के सहयोगियों को कड़ी चेतावनी दी है। डोनाल्ड ट्रंप ने फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में कहा है कि अगर NATO के सदस्य देश होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित बनाने में अमेरिका की मदद नहीं करते हैं तो संगठन का भविष्य बहुत बुरा हो सकता है।
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NATO को क्यों धमकाने लगे ट्रंप?
ईरान ने जंग शुरू होने के बाद से ही इजरायल और अमेरिका पर दबाव बनाने के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है। अब वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित हुई है। अचानक तेल की कीमतें बेतहाशा बढ़ने लगीं हैं। अब कच्चे तेल की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है।
डोनाल्ड ट्रंप, राष्ट्रपति, अमेरिका:-
यह ठीक है कि जो देश स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से मुनाफा हासिल करते हैं, वे इसे सुरक्षित रखने में मदद करें। अगर कोई जवाब नहीं आता या नकारात्मक जवाब आता है तो NATO का भविष्य बहुत बुरा होगा। अब सहयोगियों को अमेरिका की मदद करनी चाहिए, नहीं तो NATO एकतरफा सड़क बन जाएगा।
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डोनाल्ड ट्रंप की यह धमकी NATO के भीतर तनाव बढ़ा रही है। संगठन का मकसद सदस्य देशों की रक्षा करना है, न कि किसी सदस्य की ओर से छेड़ी गई जंग में उस देश की मदद करना। अमेरिका की मदद करने से NATO के देश इसी वजह से कतरा रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप फ्रांस और दूसरे यूरोपीय देशों जंगी जहाज भेजे जाने की गुहार लगा रहे हैं लेकिन कोई भेजने को तैयार नहीं है। अब फारस की खाड़ी में अमेरिका कमजोर पड़ रहा है।

NATO का क्या बिगाड़ सकते हैं ट्रंप?
डोनाल्ड ट्रंप की इस आक्रामक रणनीति से नई मुसीबत की आहट सुनाई दे रही है। NATO सहयोगी इस दबाव को NATO की एकता के लिए खतरा मान रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन युद्ध में अमेरिका की मदद का हवाला देते हुए कहा कि अब सहयोगियों को अमेरिका की मदद करनी चाहिए। अगर NATO में फूट पड़ती है तो अमेरिका के लिए भी यह जोखिम है।
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इजरायल के लिए जंग लड़ रहा अमेरिका?
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और इजरायल के सैन्य लक्ष्य समान हैं। इजरायल ने कहा है कि उसकी कार्रवाई कम से कम तीन सप्ताह और जारी रहेगी। अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि युद्ध कुछ हफ्तों में समाप्त हो सकता है। ईरान ने 700 मिसाइल और 3,600 ड्रोन हमलों का दावा किया है। अब इस जंग पर अमेरिका में ही डोनाल्ड ट्रंप का विरोध हो रहा है।

चीन को क्यों धमकाने लगे हैं ट्रंप?
डोनाल्ड ट्रंप, अब चीन पर दबाव बढ़ाने लगे हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से सीधे अपील की कि वह होर्मुज स्ट्रेट में सहयोग करे, क्योंकि चीन अपनी 90 प्रतिशत तेल इसी राह से हासिल करता है। उन्होंने कहा कि वह चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ प्रस्तावित शिखर सम्मेलन को टाल सकते हैं, अगर चीन अपना रुख साफ नहीं करता है।
डोनाल्ड ट्रंप, राष्ट्रपति, अमेरिका:-
चीन को भी मदद करनी चाहिए। हम स्थिति जानना चाहते हैं, क्योंकि दो सप्ताह लंबा समय है। हम इसे टाल सकते हैं।
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अलग पड़ गए हैं डोनाल्ड ट्रंप?
ब्रिटेन, फ्रांस और जापान जैसे देशों ने डोनाल्ड ट्रंप की मांग पर तटस्थ रुख अभी तक अपनाया है। अमेरिका की मदद करने के लिए कोई तैयार नहीं है। डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से भी अपील की है कि वह इस संकट में सहयोग करे, क्योंकि चीन अपनी तेल की जरूरतों के लिए इस रूट पर निर्भर है। डोनाल्ड ट्रंप ने फाइनेंशियल टाइम्स को दिए साक्षात्कार में कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट से जिन देशों को लाभ मिलता है, उन्हें अमेरिका की मदद करनी चाहिए। डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पर भी नाराजगी जताई है। उन्होंने दावा किया है कि ब्रिटेन ने तुरंत मदद नहीं की।

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नया खतरा क्या है?
डोनाल्ड ट्रंप का जैसा रुख है, कोई देश उनकी मदद करने के लिए तैयार नहीं है। वह खीजकर एक बार फिर टैरिफ बढ़ाने पर जोर दे सकते हैं, आर्थिक प्रतिबंध बढ़ा सकते हैं, जिसकी वजह से अमेरिका पर निर्भर देशों में आर्थिक अस्थिरता और बढ़ सकती है। डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू ने पहले ही पश्चिम एशिया को जंग के मुहाने पर खड़ा कर दिया है।
खाड़ी के देशों को ईरान तबाह कर रहा है, इजरायल की राजधानी येरुशलम में बम मार रहा है, खाड़ी के तेल ठिकानों को निशाना बना रहा है। कुवैत पर भी ईरान की टेढ़ी नजर है। अगर यह जंग कुछ दिन और चली तो भारत जैसे देश में भी पेट्रोलियम संकट पैदा हो सकता है।
शनिवार को बन रहा है गुरु और शनि का शुभ योग, आपकी राशि पर असर क्या? पढ़ें राशिफल
फाल्गुन अमावस्या के बाद मूलांक 3 वाले लोगों के लिए 21 फरवरी का दिन नए रास्ते खोलने जा रहा है। मीन राशि के चंद्रमा और बृहस्पति की ऊर्जा से आज का दिन बौद्धिक कार्यों और सकारात्मक बदलावों के लिए बेहद खास रहेगा। आज का दिन उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो अपनी रचनात्मकता और बुद्धिमानी से कुछ नया करना चाहते हैं।
शनिवार और मूलांक 3 का यह दुर्लभ संयोग न केवल आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा बल्कि पुराने रुके हुए कामों में भी गति लाएगा। आइए जानते हैं आपकी राशि के लिए आज का दिन क्या खास लेकर आया है।
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क्या करें और क्या न करें?
मेष राशि
आज किस्मत आपके साथ है। बिजनेस और नौकरी में अचानक कोई अच्छी खबर मिल सकती है।
क्या करें: खुद पर भरोसा रखें। परिवार को समय दें।
क्या न करें: किसी से झगड़ा न करें। पैसों का बड़ा जोखिम न लें।
वृषभ राशि
आर्थिक रूप से दिन मजबूत है। पुराने कर्ज से राहत मिल सकती है। रिश्तों में प्यार बढ़ेगा।
क्या करें: बजट बनाकर चलें। अपनी सेहत का ध्यान रखें।
क्या न करें: बिना बात के गुस्सा या बहस करने से बचें।
मिथुन राशि
आज आपकी बुद्धि का लोहा माना जाएगा, छात्रों को परीक्षा में सफलता मिलने के पूरे योग हैं।
क्या करें: लोगों से संपर्क बढ़ाएं। पढ़ाई पर पूरा ध्यान दें।
क्या न करें: अफवाहों पर यकीन न करें। किसी भी काम में जल्दबाजी न दिखाएं।
कर्क राशि
घर में शांति का माहौल रहेगा और माता-पिता का सहयोग मिलेगा। प्रॉपर्टी से जुड़े काम बन सकते हैं।
क्या करें: घर के जरूरी काम निपटाएं। मन को शांत रखें।
क्या न करें: बीती हुई बातों को दोबारा न उखाड़ें। तनाव से दूर रहें।
सिंह राशि
कार्यक्षेत्र में आपकी लीडरशिप की तारीफ होगी। सीनियर्स का पूरा सपोर्ट मिलेगा।
क्या करें: बड़े फैसले लेने के लिए सही समय है। एक्सरसाइज जरूर करें।
क्या न करें: घमंड करने से बचें साथ ही फालतू के खर्चों को कंट्रोल करें।
कन्या राशि
नौकरी में प्रमोशन या किसी बड़े इनाम की संभावना है, आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
क्या करें: अपनी मेहनत जारी रखें और छोटे-छोटे लक्ष्यों को पूरा करें।
क्या न करें: आलस को खुद पर हावी न होने दें और सेहत को नजरअंदाज न करें।
तुला राशि
शादीशुदा जिंदगी और लव लाइफ शानदार रहेगी। आज आपका मन आर्ट और म्यूजिक की ओर झुकेगा।
क्या करें: पार्टनर के साथ अच्छा समय बिताएं। अपनी हॉबी पर ध्यान दें।
क्या न करें: अपने साथी पर शक करने से बचें।
वृश्चिक राशि
आज आपको कोई गुप्त लाभ मिल सकता है। आप अपने विरोधियों पर भारी पड़ेंगे।
क्या करें: रिसर्च या छिपे हुए कामों को पूरा करें। मेडिटेशन करें।
क्या न करें: मन में नफरत या बदले की भावना बिल्कुल न रखें।
धनु राशि
लंबी यात्रा और धार्मिक कार्यों के लिए दिन बहुत शुभ है। किस्मत पूरी तरह आपके पक्ष में है।
क्या करें: नई चीजें सीखें। अपने गुरुओं या बड़ों का सम्मान करें।
क्या न करें: जोश में आकर नियमों को तोड़ने का प्रयास न करें।
मकर राशि
करियर में बड़ी छलांग लगाने का मौका मिलेगा। अधिकारियों से मदद मिलेगी। आर्थिक स्थिरता आएगी।
क्या करें: अनुशासन में रहें। अपने टारगेट पर फोकस करें।
क्या न करें: किसी भी काम में देरी न करें। निगेटिव विचारों से बचें।
कुंभ राशि
समाज में आपकी इज्जत बढ़ेगी और पुराने दोस्तों से मुलाकात या मदद मिल सकती है।
क्या करें: मिलजुल कर काम करें। सामाजिक सेवा में रुचि लें।
क्या न करें: अकेले कोई बड़ा फैसला न लें। दूसरों से जलन न करें।
मीन राशि
आज चंद्रमा आपकी ही राशि में हैं, जो आपके लिए सुख, समृद्धि और मान-सम्मान लेकर आए हैं।
क्या करें: दान-पुण्य और आध्यात्मिक काम करें।
क्या न करें: संकोच या आलस की वजह से आए हुए मौके को हाथ से न जाने दें।
डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत जानकारी के लिए ज्योतिषि से संपर्क करें।
कोलंबिया में वायुसेना का विमान टेकऑफ के दौरान हुआ दुर्घटनाग्रस्त, 125 लोग थे सवार
बोगोटा। दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां वायुसेना का एक शक्तिशाली लॉकहीड सी-130 हरक्यूलिस विमान टेकऑफ के दौरान भीषण हादसे का शिकार हो गया। यह दुर्घटना पुतुमायो के प्यूर्टो लेगुइज़ामो इलाके में हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उड़ान भरते समय विमान अचानक अनियंत्रित होकर गिर पड़ा और देखते ही देखते उसमें भीषण आग लग गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया।
कोलंबिया के रक्षा मंत्री पेड्रो सांचेज़ ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि विमान में बड़ी संख्या में सैन्य जवान सवार थे। प्रारंभिक सूचनाओं में भारी जनहानि की आशंका जताई गई थी, लेकिन राहत एवं बचाव कार्य के साथ स्थिति धीरे-धीरे स्पष्ट हो रही है। वायुसेना के कमांडर कार्लोस फर्नांडो सिल्वा ने एक आधिकारिक संदेश में जानकारी दी कि विमान में 11 चालक दल के सदस्यों सहित कुल 125 लोग सवार थे। गनीमत यह रही कि बचाव टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक कम से कम 48 लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाल लिया है, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। हादसे की भयावहता को देखते हुए पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। सैन्य और नागरिक राहत टीमें मलबे में फंसे अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं। हालांकि, आग की लपटों ने शुरुआत में बचाव कार्य में काफी बाधा उत्पन्न की थी। विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारणों का अभी तक सटीक पता नहीं चल पाया है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी खराबी, मानवीय चूक या मौसम जैसे सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर एक उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। सरकार ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है। साथ ही, आम जनता से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों और अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
रामनवमी पर बन रहा अद्भुत संयोग! इस पत्ते का भोग दिलाएगा तरक्की, फिर नहीं मिलेगा मौका
मर्यादा पुरुषोत्तम राम का जन्मोत्सव देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है. अयोध्या से लेकर काशी तक इस दिन देशभर के राम मंदिरों में आस्थावानों की भीड़ होती है. वैदिक हिन्दू पंचांग के अनुसार, चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को ‘रामनवमी’ का महापर्व मनाया जाता है. त्रेता युग में इस दिन ही अभिजीत मुहूर्त में कौशल्या के गर्भ से प्रभु श्री राम का जन्म हुआ था. इस बार राम नवमी के महापर्व पर ग्रह नक्षत्रों का अद्भुत संयोग भी बन रहा है, जो इस दिन को बेहद खास बनाता है. वैदिक पंचांग के मुताबिक, चैत्र शुक्ल नवमी तिथि की शुरुआत 26 मार्च को सुबह 11 बजकर 49 मिनट पर हो रही है, जो अगले दिन यानी 27 मार्च को सुबह 10 बजकर 07 मिनट तक रहेगा. ऐसे में उदयातिथि के अनुसार रामनवमी के महापर्व 27 मार्च को मनाया जाएगा. इस दिन पुनर्वसु और पुष्य नक्षत्र के साथ अतिगण्ड योग का महासंयोग बन रहा है. दोपहर में चंद्रमा कर्क राशि में प्रवेश कर रहे हैं.
40 मिनट का समय सबसे शुभ
बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी के ज्योतिष डिपार्टमेंट के प्रोफेसर पंडित सुभाष पांडेय बताते है कि 27 मार्च को अभिजीत मुहूर्त का समय दोपहर 12 बजकर 7 मिनट से 12 बजकर 47 मिनट तक है. इसी शुभ मुहूर्त में प्रभु श्रीराम का जन्म होगा और रामभक्त उनका जन्मोत्सव मनाएंगे. इस दिन कुछ आसान प्रयोग से मनुष्य अपने जीवन को खुशहाली से भर सकता है.
निगेटिव ऊर्जा समाप्त
इस दिन अखंड रामायण का पाठ करना बेहद शुभकारी माना जाता है. इससे घर की निगेटिव ऊर्जा समाप्त होती है. इस दिन हो सके तो ब्राह्मणों को श्रीरामचरितमानस की पुस्तक का दान भी करना चाहिए. इससे जीवन के अनजान संकट दूर होते हैं. रामनवमी के दिन तुलसी के माले का दान करना भी बेहद चमत्कारिक होता है. इससे माता लक्ष्मी की कृपा जातकों पर बरसती है और मनुष्य को धन, वैभव और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है. इस दिन रामभक्त हनुमान की पूजा से भी जीवन के सभी कष्ट और क्लेश दूर होते हैं. संकट मोचन हनुमान जी को तुलसी के पत्ते का भोग जरूर लगाएं. इससे शारीरिक कष्ट भी दूर होते हैं.
दिल्ली करोल बाग में स्लीपर बस पलटी: 2 की मौत, 23 घायल
नई दिल्ली। करोल बाग इलाके में स्थित झंडेवालान मंदिर के पास मंगलवार तड़के एक स्लीपर टूरिस्ट बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 23 यात्री घायल हो गए। पुलिस और स्थानीय लोगों की त्वरित कार्रवाई से बस में फंसे यात्रियों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस के मुताबिक 25 मार्च 2026 को करीब 1:05 बजे पीसीआर कॉल के जरिए सूचना मिली कि करोल बाग के हनुमान मंदिर के पास एक स्लीपर बस पलट गई है और कई यात्री घायल हैं। यह बस टूरिस्ट स्लीपर बस थी, जो जयपुर से दिल्ली के फतेहपुरी, सदर बाजार की ओर जा रही थी। बस में हादसे के समय करीब 30 यात्री सवार थे।
लोगों की मदद से पुलिस ने शुरू किया रेस्क्यू
सूचना मिलते ही करोल बाग थाने की टीम मौके पर पहुंची। उस समय बस पलटी हुई थी और कई यात्री अंदर फंसे हुए मदद के लिए चिल्ला रहे थे। पुलिसकर्मियों ने तुरंत एक गुजर रही जेसीबी मशीन को रुकवाया और स्थानीय लोगों की मदद से बस को हल्का उठाकर सीमेंट के ब्लॉकों से सहारा दिया। इसके बाद राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया।
सबसे पहले करीब 10 गंभीर घायलों को एंबुलेंस की मदद से सर गंगाराम अस्पताल भेजा गया। बाद में अन्य पुलिस अधिकारियों और टीमों के पहुंचने के बाद बाकी यात्रियों को भी सुरक्षित बाहर निकाला गया।
आरएमएल में हुई दो यात्रियों की मौत
कुल 23 घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जिनमें से 12 को डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां दो पुरुषों की मौत हो गई। 10 को सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया और एक को लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
मृतकों में से एक की पहचान शहबाज आलम (30) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के धामपुर गांव का रहने वाला था। दूसरे मृतक (लगभग 25–26 वर्ष) की पहचान अभी नहीं हो सकी है और पुलिस उसकी पहचान कराने की कोशिश कर रही है।
बस चालक पंकज कुमार (26) निवासी अलवर, राजस्थान भी घायल है और उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने चालक को हिरासत में ले लिया है। मामले की जांच की जा रही है
RSS और रॉ पर बैन लगे…, अमेरिकी आयोग ने ऐसी सिफारिश क्यों की है?
अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) ने अपनी 2026 की वार्षिक रिपोर्ट में भारत को उन देशों की सूची में रखा है, जहां ‘विशेष चिंता’ की जरूरत है। USCIRF ने अमेरिकी सरकार से सिफारिश की है कि भारत को ‘कंट्री ऑफ पर्टिकुलर कंसर्न’ की लिस्ट में रखा जाए। आसान भाषा में इसे ‘विशेष चिंता वाला देश’ कह सकते हैं।
USCIRF ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (R&W) पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है। अमेरिकी संस्था का दावा है कि भारत में धार्मिक आजादी खतरे में है, अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। आयोग का कहना है कि रॉ और RSS धार्मिक स्वतंत्रता के मामलों में भेदभावपूर्ण नीति अपनाते हैं।
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USCIRF का नया दावा क्या है?
USCIRF की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति 2025 में और बिगड़ी है, जिसमें धार्मिक अल्पसंख्यकों और उनके पूजा स्थलों को निशाना बनाया गया। रिपोर्ट में अमेरिकी सरकार से अपील की गई है कि वह भारत को हथियार न बेचे और ऐसी बिक्री को रोकने के लिए आर्म्स एक्सपोर्ट कंट्रोल एक्ट की धारा 6 लागू कर दे। सुरक्षा सहायता और द्विपक्षीय व्यापार नीतियों को धार्मिक स्वतंत्रता में सुधार से जोड़े।
USCIRF ने अमेरिकी संसद से ‘ट्रांजिशनल रिप्रेशन रिपोर्टिंग एक्ट 2024’ को फिर से पारित करने की मांग की थी। यह मांग की जा रही है कि अमेरिका में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ भारतीय सरकार की ओर से किए जा रहे दमन की सालाना रिपोर्ट भी दी जाए।
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भारत सरकार ने क्या कहा है?
भारत सरकार ने इस रिपोर्ट पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। बीते कुछ साल में USCIRF की रिपोर्टों को पूर्वाग्रह और राजनीति से प्रेरित बताया है। भारत ऐसे आरोपों को एक सिरे से खारिज करता रहा है।
USCIRF क्या चाहता है?
- भारत को विशेष चिंता वाला देश माना जाए
- RSS और R&W पर रोक लगे, संपत्ति जब्त हो
- अमेरिका में संस्था से जुड़े लोगों पर प्रतिबंध लगे
- हथियार बिक्री रोकने के लिए आर्म्स एक्सपोर्ट कंट्रोल एक्टर की धारा 6 लागू हो
- सुरक्षा सहायता और व्यापार नीतियों को धार्मिक स्वतंत्रता से जोड़ा जाए
- भारत में USCIRF और राज्य विभाग को जांच करने की इजाजत मिले
किस आधार पर USCRIF कह रहा है ऐसा?
USCIRF का इशारा वक्फ कानूनों की तरफ है। आयोग का कहना है कि साल 2025 में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति और खराब हुई, सरकार ने अल्पसंख्यक समुदायों और उनके पूजा स्थलों को निशाना बनाने वाली नई विधेयकों को लागू किया।
अमेरिका का कहना है कि धर्म परिवर्तन से जुड़े कानूनों को देश के कई राज्यों ने सख्त किया है, कड़ी जेल योजनाओं का खाका तैयार किया है। भारतीय अधिकारियों ने नागरिकों और धार्मिक शरणार्थियों को डिपोर्ट करने की आसान योजनाएं बनाई हैं। भारत ने अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों पर सही समय पर कार्रवाई नहीं की है।
USCIRF का कहना है कि महाराष्ट्र, ओडिशा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में सांप्रदायिक झड़पें हुईं, जिनमें RSS से जुड़े विश्व हिंदू परिषद जैसे समूहों को हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया गया। वक्फ (संशोधन) अधिनियम और उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण अधिनियम जैसी विधेयकों की आलोचना की गई है।
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USCIRF पर लगते हैं दुष्प्रचार के आरोप
अमेरिका की यह संस्था, भारत के खिलाफ नफरती सोच से भरी है। ऐसे आरोप इस संस्था पर कई बार लगे हैं। साल 2025 में विदेश मंत्रालय ने USCIRF की रिपोर्ट को पूर्वाग्रही और राजनीतिक रूप से प्रेरित करार दिया था। मंत्रालय ने कहा था कि USCIRF अलग-थलग घटनाओं को गलत तरीके से पेश कर भारत की जीवंत विविधतापूर्ण संस्कृति का अपमान करती है। यह अमेरिका का सुनियोजित एजेंडा है। भारत सरकार ने कहा था कि भारत में डेढ़ अरब लोग रहते हैं, यहां हर धर्म के अनुयायी हैं। भारत सह अस्तित्व में भरोसा करता है। भारत ने कई बार USCIRF को वीजा देने से इनकार किया है। यह संस्था भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करती है।
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USCIRF है क्या?
यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (USCIRF) की स्थापना साल 1998 में हुई थी। साल 1998 में ही अमेरिकी संसद ने इसे एक अधिनियम बनाकर स्थापित किया था। यह विदेश में धार्मिक स्वतंत्रता की जांच करने का दावा करती है। अमेरिकी राष्ट्रपति, विदेश मंत्री और संसद को यह सिफारिशें भेजती है। इस आयोग में 9 कमिश्नर होते हैं, जिनकी नियुक्ति राष्ट्रपति और अमेरिकी संसद के सीनियर नेता करते हैं।
गर्मी से राहत, किसानों के लिए आफत, बारिश, तेज आंधी और ओले, जानिए मौसम का हाल

देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। मार्च के महीने में ही कई राज्यों में लू चलने से लोग परेशान हो गए थे लेकिन अब बदलते मौसम के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तर, पूर्व और मध्य भारत के कई राज्यों में बारिश, तेज हवाएं, गरज-चमक और ओले गिरने की संभावना बनी हुई है। देशभर में पिछले 48 घंटों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है, जिससे अधिकांश राज्यों के न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। अगले 48 घंटों में भी मौसम इसी तरह रह सकता है।
दिल्ली-एनसीआर में पिछले 48 घंटों में बादलों की आवाजाही और हल्की बूंदाबांदी के बाद लोगों को गर्मी और प्रदूषण से राहत मिली है। न्यूनतम और अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है जिससे मौसम काफी सुहावना है। मौसम विभाग के अनुसार, आज भी दिल्ली में बादलों की आवाजाही जारी रहेगी। आज दिल्ली में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना बै। मौसम में इस बदलाव के कारण एयर क्वालिटी में सुधार देखने को मिल रहा है। सीपीसीबी के अनुसार, आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर कम होकर 100-150 के बीच रह सकता है।
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हिमाचल-कश्मीर में बारिश-बर्फबारी
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी पश्चिम विक्षोभ के सक्रिय रहने की संभावना जताई है। जम्मू-कश्मीर में अगले कई दिनों तक बारिश और बर्फबारी का क्रम जारी रहेगा, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। यानी कश्मीर वालों को अभी कुछ दिन और ठंड का सामना करना होगा। हिमाचल प्रदेश के चंबा, मंडी, केलांग, कांगड़ा, कुल्लू, शिमला, हमीरपुर, सोलन, ऊना और सिरमौर समेत करीब 10 जिलों में आज मौसम खराब रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने इन जिलों में 40 से 50 किलोमीट प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल में बढ़ते तापमान से राहत जरूर मिलेगी और रात और सुबह के समय सर्दी बढ़ेगी।
यूपी-बिहार में कैसा रहेगा मौसम?
उत्तर भारत के अन्य राज्यों की तरह उत्तर प्रदेश में भी मौसम में बदलाव से गर्मी से राहत मिली है। हालांकि, तेज हवाओं और ओले गिरने से फसलों को नुकसान हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, आज पश्चिम विक्षोभ के सक्रिय होने का असर उत्तर प्रदेश में भी देखने को मिलेगा। आज भी उत्तर प्रदेश में आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है, जिसने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने कुछ जिलों में तो येलो अलर्ट भी जारी कर दिया है।
वहीं, बिहार की बात करें तो बिहार में भी मौसम ने करवट ली है। मौसम में बदलाव से गर्मी से राहत तो मिली है लेकिन ओले गिरने से फसलों के नुकसान की संभावना बनी हुई है। पटना, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, गया, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल गोपालगंज, सिवान, सारण, वैशाली, ईस्ट चंपारण, वेस्ट चंपारण, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, अररिया, सुपौल, किशनगंज, कटिहार, मधेपुरा, पूर्णिया, सहरसा, भागलपुर, खगड़िया, बांका, मुंगेर, बेगूसराय, लखीसराय, शेखपुरा, नवादा और जमुई में आंधी-बारिश और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
इन राज्यों में भी होगी बारिश
मौसम विभाग ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान के लिए आने वाले कुछ दिनों के लिए हल्की बारिश की संभावना जताई है। उत्तराखंड में 19 और 20 मार्च को,हिमाचल प्रदेश में 18 और 19 मार्च को, पंजाब-हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान में 19 और 20 मार्च को कुछ स्थानों बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना जताई है।
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अन्य राज्यों का मौसम
अन्य राज्यों की बात करें तो महाराष्ट्र ,गुजरात , कोंकण और गोवा के लिए हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया है। विदर्भ में और छत्तीसगढ़ में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। इन दोनों जगहों पर ओले गिरने की संभावना है। इसके अलावा दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में भी बारिश की संभावना जताई गई है। कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु में मौसम की गतिविधियां आज भी जारी रहेंगीं। वहीं, पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश होने की संभावना है।
क्या इस्लामाबाद में निकलेगा ईरान-अमेरिका युद्ध का समाधान! व्हाइट हाउस का बयान
वाशिंगटन। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग लगातार जारी है। इन सब के बीच हाल की कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि जंग रोकने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हो सकती है। हालांकि इसकी पुष्टि करने से व्हाइट हाउस ने इनकार किया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट से संपर्क कर पूछा कि कुछ रिपोर्टों के मुताबिक क्या अमेरिका के शीर्ष अधिकारी इस्लामाबाद में ईरानी अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इस पर लेविट ने कहा कि ये संवेदनशील कूटनीतिक चर्चाएं हैं और अमेरिका प्रेस के जरिए बातचीत नहीं करेगा। यह एक बदलती हुई स्थिति है और मुलाकातों के बारे में लगाए जा रहे अंदाजों को तब तक अंतिम नहीं माना जाना चाहिए, जब तक कि व्हाइट हाउस द्वारा उनकी औपचारिक घोषणा न की जाए।
रिपोर्ट के मुताबिक लेविट की यह टिप्पणी कुछ प्रकाशनों में अधिकारियों के हवाले से उन खबरों के बाद आई, जिनमें कहा गया था कि पिछले महीने शुरू हुए ईरान-अमेरिका युद्ध को खत्म करने पर बातचीत इस्लामाबाद में हो सकती है। खबरों में एक पाकिस्तानी अधिकारी और एक दूसरे सूत्र का हवाला दिया, वहीं इजराइल ने चैनल का हवाला देते हुए एक इजराइली अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि ईरान और अमेरिका इस हफ्ते के आखिर में इस्लामाबाद में बातचीत के लिए मिल सकते हैं। उन्होंने बताया कि वैंस के अलावा, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर अमेरिका का प्रतिनिधित्व करेंगे और ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ तेहरान से आने वाले प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। खास बात यह है कि पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने सोमवार को कहा था कि उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से बात की और इस क्षेत्र में शांति लाने में इस्लामाबाद की मदद का वादा किया।
इस जंग के बीच सोमवार को समाधान की कुछ उम्मीद जगी जब ट्रंप ने दावा किया कि ईरान किसी समझौते के लिए उत्सुक है और कुशनर-विटकॉफ ने रविवार को एक ईरानी नेता के साथ बातचीत की थी। हालांकि ट्रंप ने उस नेता का नाम नहीं बताया, लेकिन ईरान के मोहम्मद बाघर गालिबफ ने बाद में ट्रंप के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कोई बातचीत नहीं हुई थी। ईरानी नेता ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि फेक न्यूज का इस्तेमाल वित्तीय और तेल बाजारों में हेरफेर करने और उस दलदल से निकलने के लिए किया जाता है, जिसमें अमेरिका और इजराइल फंसे हुए हैं।


























