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मंत्री हरदीप पुरी की बेटी ने एपस्टीन फाइल को लेकर दायर किया मानहानि का केस

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की बेटी हिमायनी पुरी ने दिल्ली हाई कोर्ट में मानहानि का केस दायर किया है। उन्होंने जेफरी एपस्टीन से जुड़े आरोपों वाली ऑनलाइन खबरें, पोस्ट, वीडियो और दूसरे कंटेंट को हटवाने की मांग की है। हिमायनी ने 10 करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा है। साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया कंपनियों और अज्ञात लोगों के खिलाफ स्थायी रोक लगाने की गुहार लगाई है। उन्होंने दुनिया भर के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से ये सामग्री हटवाने का आदेश मांगा है।

उन्होंने एक्स, गूगल, मेटा (फेसबुक-इंस्टाग्राम) और लिंक्डइन जैसी कंपनियों से कहा है कि अगर भविष्य में ऐसे ही झूठे और मानहानिकारक आरोप उनके नोटिस में आएं, तो उन्हें तुरंत हटा दिया जाए। कोर्ट में यह केस जल्द ही, शायद मंगलवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हो सकता है।

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सोशल मीडिया के खिलाफ आरोप

हिमायनी के मुताबिक, 22 फरवरी 2026 से सोशल मीडिया पर कई जगहों पर उनके खिलाफ आरोप लगाए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि उनका जेफरी एपस्टीन से सीधा या अप्रत्यक्ष व्यापारिक, आर्थिक, निजी या कोई और संबंध था। साथ ही उनके अपराधों से जुड़े थे।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया गया कि जहां हिमायनी काम करती थीं, रियल पार्टनर्स एलएलसी (Realm Partners LLC) को एपस्टीन या उनके साथियों से फंडिंग, आर्थिक फायदा या गलत तरीके से पैसे मिले थे। रॉबर्ट मिलार्ड नाम के व्यक्ति के साथ मिलकर उन्होंने एक बड़े बैंक लेहमन ब्रदर्स को गिराने में भूमिका निभाई थी।

कहा- आरोप दुर्भावनापूर्ण हैं

हिमायनी का कहना है कि ये सभी आरोप पूरी तरह झूठे, दुर्भावनापूर्ण हैं और इनके खिलाफ किसी भी प्रकार का कोई सबूत नहीं है। उनके केस में लिखा है कि कुछ लोग (डिफेंडेंट नंबर 1 से 14 और कई अज्ञात लोग) ने जानबूझकर ये झूठी बातें फैलाई हैं। वे एडिटेड वीडियो, गुमराह करने वाले कैप्शन और फर्जी थंबनेल इस्तेमाल करके लोगों में गुस्सा भड़काना चाहते हैं। इससे सोशल मीडिया पर वायरल होकर उनके सम्मान को ठेस पहुंची है।

केस में कहा गया है कि उन्हें भारत और दुनिया भर में एक सोची-समझी साजिश के तहत निशाना बनाया जा रहा है। सिर्फ इसलिए क्योंकि वह केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की बेटी हैं।

जेठमलानी ने तैयार किया केस

केस में यह भी लिखा है कि हिमायनी एक बहुत सफल और खुद पर निर्भर प्रोफेशनल महिला हैं लेकिन सिर्फ उनके पिता के कैबिनेट मंत्री होने की वजह से उन पर इतनी बुरी तरह से हमला किया जा रहा है।

यह केस सीनियर एडवोकेट महेश जेठमलानी ने तैयार किया है। इसे लेक्सस्टर लॉ एलएलपी के वकीलों शांतनु अग्रवाल, मधुलिका राय शर्मा, मनस अरोड़ा और सैयद हमजा गयूर ने दायर किया है।

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यह मामला सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और राजनीतिक कारणों से जुड़ा दिखता है, जहां कई लोग बिना सबूत

के आरोप लगा रहे हैं।

झड़ते बालों की समस्या से हैं परेशान, ऐसे करें मोरिंगा का इस्तेमाल, मिलेगा फायदा

खराब लाइफस्टाइल की वजह से बाल रूखे और बेजान नजर आते हैं। साथ ही हम केमिकल्स वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं जो बालों से जुड़ी समस्याओं को बढ़ा देते हैं। अगर आप बाल झड़ने की समस्या से परेशान हैं तो मोरिंगा का इस्तेमाल कर सकते हैं। मोरिंगा को हिंदी में सहजन कहा जाता है। यह सिर्फ सेहत के लिए ही नहीं बालों के लिए भी बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसमें आयरन की भरपूर मात्रा होती है जो ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है।

मोरिंगा में विटामिन ए और ई की भरपूर मात्रा होती है जो स्कैल्प को मजूबत करने में मदद करता है। इसके अलावा जिंक और एमिनो एसिड पाया जाता है। आप बालों के झड़ने की समस्या से परेशान हैं तो मोरिंगा के तेल या मास्क का इस्तेमाल कर सकते हैं।

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झड़ते बालों के लिए कैसे फायदेमंद है मोरिंगा?

बाल झड़ने की समस्या से परेशान हैं तो आप मोरिंगा के तेल, पाउडर और मास्क का इस्तेमाल कर सकते हैं। आइए जानते हैं आप मोरिंगा का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं।

मोरिंगा ऑयल

मोरिंगा का ऑयल लगाकर आपको 10 मिनट तक मसाज करना है और फिर एक लिए 1 घंटे के लिए छोड़ दें। इसके बाद माइल्ड शैंपू और क्लींजर का इस्तेमाल करें। इससे बालों में चमक आएगी। साथ ही रूखेपन की समस्या से भी छुटकारा मिलता है।

मोरिंगा पाउडर

बालों के लिए हेल्दी बनाने के लिए मोरिंगा पाउडर का इस्तेमाल करें। इसमें फाइटोकेमिकल्स, विटामिन सी, ए और ई, आयरन और जिंक भरपूर मात्रा में पाया जाता है। मोरिंगा का पाउडर बालों की क्वालिटी को सुधारता है।

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मोरिंगा हेयर मास्क

अगर आपको डैंड्रफ की समस्या है तो मोरिंगा का हेयर मास्क लगाए। हेयर मास्क बालों के लिए बहुत फायदेमंद है। मोरिंगा हेयर मास्क बनाने के लिए आपको 4 चम्मच मोरिंगा पाउडर में 2 चम्मच दही और 1 चम्मच शहद मिलाकर पेस्ट तैयार कर लेना है। इस हेयर मास्क को बालों में 30 से 40 मिनट तक लगाकर रखें। इसके माइल्ड शैंपू से धो लें।

सूर्यग्रहण पर भारत में सूतक लगेगा या नहीं? सही बात जान लीजिए

साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लगने जा रहा है। इस बार लगने वाले सूर्य ग्रहण में ‘रिंग ऑफ फायर’ देखने का मौका मिलेगा। भारत के लोगों के लिए राहत की बात यह है कि यहां इसका प्रभाव नहीं पड़ेगा। भारतीय समय के अनुसार यह ग्रहण दोपहर में शुरू तो होगा लेकिन भारत के किसी भी हिस्से में यह दिखाई नहीं देगा।

यह ग्रहण भारत मे दिखाई नहीं दे रहा है इसलिए ज्योतिण शास्त्र के अनुसार यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा। इसका मतलब है कि देशभर के मंदिरों के कपाट खुले रहेंगे, पूजा-पाठ हमेशा की तरह होगा और रोज के कामों पर कोई पाबंदी नहीं रहेगी।

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ग्रहण का समय और अवधि

भारतीय समय के अनुसार यह सूर्य ग्रहण दोपहर से शुरू होकर शाम तक चलेगा। ग्रहण की शुरुआत दोपहर 3 बजकर 26 मिनट पर होगी। यह शाम 5 बजकर 42 मिनट पर अपने चरम पर रहेगा। इसी समय ‘रिंग ऑफ फायर’ दिखाई देगा। ग्रहण की समाप्ति शाम 7 बजकर 57 मिनट पर होगी। इस तरह यह पूरी घटना लगभग 4 घंटे 32 मिनट तक चलेगी।

क्या होता है ‘रिंग ऑफ फायर’?

इस बार ग्रहण में ऐसी स्थिति बन रही है जिसमें चंद्रमा, सूर्य को पूरी तरह ढक नहीं पाता जिससे सूर्य का बाहरी हिस्सा एक चमकती हुई अंगूठी यानी रिंग की तरह नजर आता है। यही कारण है कि इसे ‘रिंग ऑफ फायर’ का नाम दिया गया है। इस स्थिति को ‘वलयाकार सूर्य ग्रहण’ (Annular Solar Eclipse) कहा जाता है।

दुनिया में कहां दिखेगा यह नजारा?

भले ही हम भारत में इसे न देख पाएं लेकिन दुनिया के कई हिस्सों में यह साफ नजर आएगा। इसमें अंटार्कटिका और दक्षिणी महासागर के कई इलाके, दक्षिण अफ्रीका, तंजानिया, जाम्बिया और जिम्बाब्वे जैसे अफ्रीकी देश शामिल है।

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क्या करें और क्या न करें?

भले ही भारत में इसका असर नहीं है, फिर भी कुछ बातों का ध्यान रखना बेहतर है-

  • सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों जैसे कि खाना न बनाना या पानी न पीना, इन पर ध्यान न दें क्योंकि भारत में ग्रहण नहीं दिख रहा है।
  • प्रेग्नेंट महिलाएं किसी भी तरह का स्ट्रेस न लें, आपकी रूटीन सामान्य रह सकती है।
  • अगर आप चाहें तो अपनी श्रद्धा अनुसार मंत्र जाप या ध्यान कर सकते हैं, यह मानसिक शांति के लिए अच्छा है।
  • जहां ग्रहण दिख रहा है, वहां बिना सोलर फिल्टर वाले चश्मे के सूर्य को देखना आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है।

आज का दिन एक सामान्य दिन की तरह ही बीतेगा। अगर आप इस खगोलीय घटना को देखना चाहते हैं, तो साइंस चैनलों की ऑनलाइन लाइव स्ट्रीम का सहारा ले सकते हैं।

मिडिल ईस्ट में जंग, CBSE ने कहां टाल दी परीक्षा? समझ लीजिए

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने मिडिल ईस्ट के कई देशों में होने वाली कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को पूरी तरह से रद्द करने का फैसला लिया है। यह कदम अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के हालातों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को देखते हुए उठाया गया है। बोर्ड ने साफ किया है कि उनका सबसे पहला मकसद छात्रों, शिक्षकों और परीक्षा स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस फैसले के बाद अब उन देशों में कोई भी बची हुई परीक्षा नहीं होगी जो 16 मार्च से 10 अप्रैल 2026 के बीच होनी थी।

सीबीएसई का यह फैसला मिडिल ईस्ट के उन सभी देशों में लागू होगा जहां सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूल मौजूद हैं। इन देशों में मुख्य रुप से बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) शामिल हैं। इन सभी जगहों पर मोर्च-अप्रैल 2026 के सत्र में होने वाली परीक्षाएं अब नहीं कराई जाएंगी। इससे पहले भी बिगड़ते हालातों की वजह से कुछ परीक्षाओं को टाला गया था। लेकिन अब सुरक्षा को देखते हुए पूरे शेड्यूल को ही खत्म कर दिया गया है।

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पहले भी पोस्टपोन हुई थी परीक्षाएं

बोर्ड ने अपने अधिकारिक नोटिस में यह भी स्पष्ट कर दिया है कि जो परीक्षाएं पहले 1 मार्च, 3 मार्च, 5 मार्च, 7 मार्च और 9 मार्च 2026 को पोस्टपोन की गई थीं, वे भी अब पूरी तरह से रद्द मानी जाएंगी। इसका मतलब यह है कि अब उन पुरानी तारीखों वाली परीक्षाओं को दोबारा आयोजित करने की कोई योजना नहीं है। छात्रों को अब उन विषयों के लिए फिर से परीक्षा केंद्र पर जाने की जरूरत नहीं होगी।

कैसे करेंगे रिजल्ट का चुनाव?

परीक्षा रद्द होने के बाद अब सबसे बड़ी बात यह है कि छात्रों का रिजल्ट किस तरह तैयार होगा। सीबीएसई ने बताया है कि वे इसके लिए एक नया तरीका ढूंढ रहे हैं। इसका मतलब यह है कि छात्रों को उनके पुराने रिकॉर्ड या स्कूल में हुए टेस्ट के आधार पर नंबर दिए जा सकते हैं। रिजल्ट का सही तरीका और नियम क्या होंगे इसकी जानकारी बोर्ड जल्द ही एक नए नोटिस जारी करेगी।

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छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा

मिडिल ईस्ट में हालात बहुत खराब है जिसकी वजह से वहां स्कूल चलाना या एग्जाम लेना मुमकिन नहीं है। सीबीएसई ने यह फैसला सिर्फ इसलिए लिया है ताकि किसी भी छात्र या टीचर को कोई खतरा न हो। अब सभी स्कूलों और बच्चों को बोर्ड के अगले आदेश का इंतजार करना होगा जिससे यह पता चलेगा कि उनके फाइनल नंबर कैसे तय किए जाएंगे।

होर्मुज स्ट्रेट में क्या भारत युद्धपोत तैनात करेगा? विदेश मंत्रालय ने दिया जवाब

भारत ने अमेरिका के साथ होर्मुज स्ट्रेट में युद्धपोत भेजने पर कोई द्विपक्षीय बातचीत नहीं की है। यह जानकारी विदेश मंत्रालय ने सोमवार को दी। यह बात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बीच आई है, जिसमें उन्होंने कई देशों से अपील की कि वे अपने युद्धपोत भेजकर इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को सुरक्षित और खुला रखें।

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और अन्य देश, जो ईरान की वजह से प्रभावित हैं, इस क्षेत्र में युद्धपोत भेजें ताकि जलमार्ग सुरक्षित रहे लेकिन इन देशों ने अभी तक ऐसा कोई वादा नहीं किया है।

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क्या बोले जयशंकर?

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से जब पूछा गया कि क्या अमेरिका ने भारत से युद्धपोत भेजने के लिए संपर्क किया है और भारत का क्या रुख है, तो उन्होंने कहा, ‘हम इस मुद्दे पर कई देशों की चर्चा से वाकिफ हैं। हमने अभी तक इसे द्विपक्षीय स्तर पर नहीं चर्चा की है।’

जायसवाल ने कहा कि भारत इस मामले पर कई पक्षों से बातचीत जारी रखेगा। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने फाइनेंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में भी इस पर बात की। जयशंकर ने कहा कि भारत के पास ईरान के साथ भारतीय जहाजों के लिए कोई ‘कंप्लीट व्यवस्था’ नहीं है, लेकिन तेहरान से सुरक्षित मार्ग पर को लेकर बातचीत चल रही है और यह कुछ नतीजे दे रही है।

दो जहाजों ने पार किया था स्ट्रेट

शनिवार को दो भारतीय जहाजों शिवालिक और नंदा देवी ने 92,712 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर होर्मुज स्ट्रेट पार किया। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच फोन पर बातचीत और विदेश मंत्री जयशंकर तथा ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची की चर्चा के बाद हुआ।


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जानकारों का कहना है कि भारत ने लाल सागर या होर्मुज में बहुराष्ट्रीय नौसेना बल में शामिल नहीं हुआ है, लेकिन भारतीय नौसेना ने भारतीय जहाजों की सुरक्षा के लिए युद्धपोत तैनात किए हैं और अन्य देशों की नौसेनाओं के साथ समन्वय किया है।

जायसवाल ने दोहराया कि भारत और ईरान के बीच पुराने संबंध हैं और भारतीय जहाजों के सुरक्षित गुजरने के बदले भारत ने कुछ भी नहीं दिया। उन्होंने कहा, ‘यह हमारी साझेदारी का आधार है, यह कोई लेन-देन नहीं है।’

भारत ने जारी किया बयान

भारत ने इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू युद्ध पर 28 फरवरी, 3 मार्च और 9 मार्च को बयान जारी किए। जायसवाल ने कहा, ‘हम लगातार डी-एस्केलेशन, संयम बरतने और बातचीत व कूटनीति के रास्ते पर चलने की अपील करते हैं ताकि यह संघर्ष जल्द खत्म हो। हमने कहा है कि सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान होना चाहिए।’

यूरोपीय संघ से मिले थे जयशंकर

जयशंकर ब्रुसेल्स में यूरोपीय संघ के मंत्रियों से मिलने गए हैं, जहां पश्चिम एशिया के हालात एजेंडे में ऊपर रहेंगे। जायसवाल ने कहा कि वहां प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा जैसे सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।

शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि होर्मुज के पश्चिम में फारस की खाड़ी में 22 भारतीय जहाज फंसे हैं। इनमें 6 एलपीजी कैरियर, एक एलएनजी कैरियर और 4 क्रूड ऑयल टैंकर शामिल हैं। इन पर 611 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं, लेकिन ये कब घर लौट पाएंगे, इसकी जानकारी नहीं है।


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यह स्थिति ईरान-अमेरिका तनाव के कारण बनी है, जहां ईरान ने स्ट्रेट को बंद करने की कोशिश की, जिससे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं और भारत जैसे देशों को ऊर्जा सुरक्षा की चिंता है। भारत कूटनीति से अपना हित सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहा है।

बार-बार मैग्नीशियम की गोली खाना हार्ट और किडनी के लिए खतरनाक, समझिए कैसे?

हमारे शरीर के लिए विटामिन्स और मिनरल्स बहुत जरूरी होते हैं। भारत में 60% से ज्यादा लोग मैग्नीशियम की कमी से जूझ रहे हैं। National Library Of Medicine की रिपोर्ट में यह स्टडी पब्लिश हुई है। मैग्नीशियम एक जरूरी सप्लीमेंट्स है जो शरीर में 300 से ज्यादा एंजाइम्स को बांधने का काम करता है। ये आपके मसल्स, नर्वस सिस्टम और हार्ट के लिए जरूरी है। साथ ही आपके ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है। इसके अलावा हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है।

आज कल लोग विटामिन्स और मिनरल्स की टैबलेट्स बिना डॉक्टर की सलाह के खाने लगते हैं। इसकी वजह से आपके हृदय, किडनी समेत अन्य अंगों पर प्रभाव पड़ता है। मैग्नीशियम को अगर अधिक मात्रा में लेते हैं तो सेहत के लिए कितना खतरनाक है? किन चीजों में मैग्नीशियम पाया जाता है और कितनी मात्रा में लेना चाहिए। हमने इस बारे में न्यूट्रीप्लस की डायरेक्टर और सीनियर क्लीनिकल न्यूट्रिशनिस्ट डॉक्टर अंजलि फाटक से बात की।

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ज्यादा मात्रा में मैग्नीशियम लेने से क्या नुकसान होता है?

अगर आप मैग्नीशियम को ज्यादा मात्रा में लेते हैं तो सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। एक व्यक्ति को हर दिन 350 माइक्रोग्राम लेना चाहिए। इसमें भी जो महिलाएं हैं उन्हें 310 से 320 माइक्रोग्राम लेना चाहिए। पुरुष को प्रति दिन 400 माइक्रोग्राम से ज्यादा मैग्नीशियम नहीं लेना चाहिए। अगर आप जरूरत से ज्यादा मैग्नीशियम की टैबलेट्स लेते हैं तो पेट में दर्द, पेट में ऐंठन, उल्टी, मितली की समस्या हो सकती है।

हृदय पर पड़ता है प्रभाव

मैग्नीशियम की मात्रा ज्यादा होने से ब्लड प्रेशर कम होने लगाता है। इसकी वजह से चक्कर आने लगता है। इसके अलावा हृदय पर भी प्रभाव पड़ता है। अनियमित हार्ट बीट का खतरा बढ़ जाता है।

किडनी पर दबाव बढ़ता है

मैग्नीशियम की मात्रा ज्यादा होने की वजह से किडनी पर प्रभाव पड़ता है। कई लोग बिना डॉक्टर को दिखाए मैग्निशियम खाते रहते हैं जिसकी वजह से मसल्स कमजोर हो जाती है, सांस लेने में दिक्कत होती है। इस सब कारणों से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

मैग्नीशियम की कमी से दिखते हैं ये लक्षण

  • लगातार थकान
  • तनाव या घबराहट
  • बेचैनी
  • नींद ठीक से न आना
  • मांसपेशियों में खिंचाव (क्रैम्प्स)
  • चिंता

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किन लोगों के लिए खतरनाक है ज्यादा मैग्नीशियम?

  • लो बीपी की समस्या
  • किडनी या हार्ट संबंधी बीमारियां
  • हाइपरेटेंशन
  • जो लोग ड्यूरेटिक की दवा लेते हैं।
  • प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए खतरनाक है।

कौन सा टेस्ट करवाएं?

अगर मैग्नीशियम की कमी है तो कितनी कमी है? इसके लिए आपको सीरम मैग्नीशियम टेस्ट करवाना पड़ेगा। ये टेस्ट बताता है कि ब्लड में मैग्नीशियम का कितना लेवल है। इस टेस्ट के हिसाब से डॉक्टर आपको सलाह देता है कि आपका खानपान बदलने से ठीक हो जाएगा। क्या सप्लीमेंट्स लेने पड़ेंगे या फिर इंजेक्शन की जरूरत है। कितने दिनों तक दवा चलेगी? इन सभी चीजों के बारे में डॉक्टर से पूछें। खुद से डॉक्टर न बनें।

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किन चीजों में मैग्नीशियम होता है?

पालक, दालें, बादाम, सीताफल के बीज, सूरजमूखी के बीज, अलसी के बीज, हरी पत्तेदार सब्जियां, बीन्स,राजमा, काला चना, अंजीर, सोयाबीन और डार्क चॉकलेट ले रहे हैं क्योंकि उसमें 70 कोको होता है। ये सभी चीजें मैग्नीशियम का अच्छा सोर्स है।

चाय-कॉफी का सेवन कम करें। इन दोनों की वजह से शरीर में मैगनीशियम कम एब्जॉर्ब होता है। इसके अलावा तली-भूनी चीजों का सेवन कम करना चाहिए। अगर शरीर में विटामिन डी की कमी है तो मैग्नीशियम अच्छे से एब्जॉर्ब नहीं होगा।

फाल्गुन अमावस्या पर चंद्रमा कैसे बदलेंगे आपका भाग्य? पढ़ें राशिफल

आध्यात्मिक और व्यावहारिक दृष्टि से 17 फरवरी 2026 का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। फाल्गुन महीने की अमावस्या होने के कारण यह दिन आत्म-चिंतन करने का समय है। साथ ही पुरानी बातों को पीछे छोड़ कर नई शुरुआत करने का भी है। चंद्रमा इनोवेशन की राशि कुंभ में रहेंगे जो लोगों को लीक से हटकर सोचने की प्रेरणा देंगे। वहीं 17 फरवरी मूलांक 8 का है, जिसके स्वामी शनि देव हैं।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मंगलवार और शनि के मूलांक का यह मेल उन लोगों के लिए बेहतरीन नतीजे लाएगा जो मेहनत और अनुशासन में विश्वास रखते हैं। आज जल्दबाजी के बजाय ‘धीरे मगर पक्के’ कदम उठाना आपको लंबी अवधि का लाभ और आर्थिक मजबूती देगा। आइए जानते हैं आपकी राशि के लिए आज के सितारे क्या संकेत दे रहे हैं?

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किस्मत का लेखा-जोखा

मेष राशि

आज आप ऊर्जा से लबरेज रहेंगे। करियर में नई जिम्मेदारी मिल सकती है जो भविष्य में लाभकारी होगी।

क्या करें: नए प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू करें और परिवार के साथ समय बिताएं।

क्या न करें: गुस्से में आकर कोई भी फैसला न लें।

वृष राशि

आर्थिक मोर्चे पर आज का दिन शानदार है। नौकरी में प्रमोशन की राह आसान होगी और रिश्तों में प्यार बढ़ेगा।

क्या करें: बचत की योजना बनाएं और दोस्तों की सलाह पर गौर करें।

क्या न करें: फालतू के खर्चों और बहसबाजी से बचें।

मिथुन राशि

आज आपकी बुद्धि और क्रिएटिविटी चरम पर होगी। शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों को बड़ी सफलता मिल सकती है।

क्या करें: नई स्किल सीखने पर ध्यान दें और सकारात्मक रहें।

क्या न करें: दूसरों की बुराई या गपशप में अपना कीमती समय न गंवाएं।

कर्क राशि

आज मन शांत रहेगा और घर-परिवार में खुशियां आएंगी। घरेलू उलझनों को सुलझाने के लिए अच्छा दिन है।

क्या करें: माता-पिता का आशीर्वाद लें और योग-ध्यान को समय दें।

क्या न करें: भावनाओं में बहकर कोई बड़ा फैसला न लें।

सिंह राशि

समाज में आपका रुतबा बढ़ेगा और नेतृत्व करने का मौका मिलेगा। बिजनेस में बढ़ोतरी के योग हैं।

क्या करें: टीम को साथ लेकर चलें और जरूरतमंदों की मदद करें।

क्या न करें: अपने व्यवहार में घमंड को जगह न दें।

कन्या राशि

आपकी प्लानिंग और काम करने का तरीका आज ऑफिस में तारीफ दिलाएगा। नई नौकरी के ऑफर मिल सकते हैं।

क्या करें: बारीकियों पर ध्यान दें और अच्छी किताबें पढ़ें।

क्या न करें: स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न बरतें।

तुला राशि

आज का दिन निजी रिश्तों में मधुरता और संतुलन लेकर आएगा। कलात्मक कार्यों में रुचि बढ़ेगी।

क्या करें: पार्टनर के साथ समय बिताएं और निवेश के मामलों में सक्रिय रहें।

क्या न करें: खाने-पीने में लापरवाही न करें।

वृश्चिक राशि

आज आपकी एकाग्रता बहुत मजबूत रहेगी। जो काम लंबे समय से अटके थे, उनके पूरे होने का समय आ गया है।

क्या करें: गहरी रिसर्च करें और मन को शांत रखने के लिए ध्यान लगाएं।

क्या न करें: किसी के प्रति मन में घृणा की भावना न पालें।

धनु राशि

यात्रा और ज्ञान के लिए आज का दिन बेहतरीन है। विद्यार्थियों को पढ़ाई में अच्छे नतीजे मिलेंगे।

क्या करें: नई जगहों पर जाएं और कुछ नया सीखने की कोशिश करें।

क्या न करें: शारीरिक क्षमता से ज्यादा काम कर खुद को न थकाएं।

मकर राशि

आपकी मेहनत और अनुशासन का फल मिलने वाला है। बड़े अधिकारी आपकी कार्यशैली से प्रभावित होंगे।

क्या करें: भविष्य के लिए ठोस प्लान तैयार करें।

क्या न करें: खुद को अकेला न होने दें, लोगों से मेलजोल बढ़ाएं।

कुंभ राशि

चंद्रमा आपकी ही राशि में है, जिससे आज नए आइडियाज पर काम करना फायदेमंद रहेगा। दोस्त आपकी मदद करेंगे।

क्या करें: सोशल नेटवर्किंग बढ़ाएं और समाज कल्याण के काम करें।

क्या न करें: अपनी सेहत की नियमित जांच में कोताही न बरतें।

मीन राशि

आज का दिन शांति और सुकून भरा रहेगा। अध्यात्म और कला की ओर आपका झुकाव बढ़ेगा।

क्या करें: प्रार्थना करें और दूसरों के प्रति दया का भाव रखें।

क्या न करें: पैसों से जुड़ा कोई बड़ा जोखिम आज न उठाएं।

डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत जानकारी के लिए ज्योतिषि से संपर्क करें।

बेंजामिन नेतन्याहू को ढूंढकर मार डालेगा ईरान? पीछा करने की ली कसम

ईरान ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को जान से मारने की धमकी दी है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने वादा किया है कि इजरायल और अमेरिका के साथ युद्ध जारी रहने पर वे नेतन्याहू को निशाना बनाएंगे और मार डालेंगे। यही नहीं IRGC ने नेतन्याहू का ‘पीछा करके उन्हें मार डालने’ की कसम खाई। इस धमकी के बाद युद्ध में एक नया मोड़ आ गया है।

इससे पहले अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमला करके तेहरान में 28 फरवरी को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को हवाई हमले में मार दिया था। इस हमले के बाद ही यह खूंखार जंग शुरू हुई है।

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‘बच्चों को मारने वाला अपराधी’

ईरान सेना ने रविवार को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को चेतावनी देते हुए कहा, ‘अगर यह बच्चों को मारने वाला अपराधी जिंदा है, तो हम पूरी ताकत से उसका पीछा करते रहेंगे और उसे मार डालेंगे।’

मरने की उड़ी अफवाह?

दरअसल, IRGC का यह बयान इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू की कथित मौत की खबरों को खारिज करने के बाद आया है। इजरायली प्रधानमंत्री के ऑफिस ने न्यूज एजेंसी अनादोलु अजानसी को बताया कि नेतन्याहू की हत्या के बारे में सोशल मीडिया पर चल रहे दावे फेक न्यूज हैं। साथ ही कहा कि प्रधानमंत्री ठीक हैं।

दरअसल, नेतन्याहू की मौत की अफवाहें तब आनी शुरू हुईं जब उन्होंने शुक्रवार को अपने X अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट की। इसी दौरान सोशल मीडिया पर दावा किया जाने लगा कि नेतन्याहू के दाहिने हाथ पर एक एक्स्ट्रा उंगली देखी गई है। इस बात से अंदाजा लगाया जाने लगा कि उनकी हत्या हो गई है।

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अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध आज 16वें दिन में प्रवेश कर गया। अमेरिका लगातार ईरान पर मिसाइल और ड्रोन हमले करके सैन्य ठिकानों और हथियारों के गोदाम को खत्म कर रही है। ईरान भी जवाबी हमले करते हुए गल्फ देशों में अमेरिकी एयर बेस और उनके लड़ाकू विमानों को मार रहा है। इस बीच ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, जंग में 2,000 से अधिक लोग मारे गए हैं। इसमें से 13,00 लोग अकेले ईरान में हैं।

राज्यसभा चुनाव में NDA की बड़ी जीत, बिहार में पांचों तो ओडिशा की 3 सीट पर कब्जा

आज देश में राज्यसभा की 11 सीटों के लिए मतदान हुआ। ये सीटें हरियाणा, बिहार और ओडिशा से हैं। शाम 5 बजे मतदान खत्म होने के बाद वोटों की गिनती शुरू हुई। बिहार में सभी 5 सीटों पर एनडीए के उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। ओडिशा में बीजेपी को 3 सीटें मिलीं (एक निर्दलीय सहित), जबकि बीजेडी को 1 सीट मिली। हरियाणा में गिनती विवाद के कारण रुकी हुई है लेकिन एनडीए को फायदा होने की उम्मीद है।

यह चुनाव इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि अप्रैल में कई राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। कुल 37 सीटों में से 26 उम्मीदवार पहले ही बिना मुकाबले के चुने जा चुके थे। बाकी 11 सीटों पर आज वोट डाले गए। एनडीए को इन चुनावों से ऊपरी सदन में अपनी ताकत बढ़ाने में मदद मिल सकती है। एनडीए के पास पहले से करीब 130 सीटों का बहुमत है।

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बिहार में एनडीए की क्लीन स्वीप

बिहार की 5 राज्यसभा सीटों पर एनडीए ने पूरी जीत दर्ज की। जीतने वाले उम्मीदवार हैं- नीतीश कुमार (जेडीयू), रामनाथ ठाकुर (जेडीयू), नितिन नवीन (बीजेपी), उपेंद्र कुशवाहा (राष्ट्रीय लोक मोर्चा) और शिवेश कुमार (बीजेपी)। ये सभी उम्मीदवार जीतकर राज्यसभा पहुंच गए हैं।

महागठबंधन (आरजेडी, कांग्रेस आदि) को बड़ा झटका लगा है। खास बात यह है कि महागठबंधन के 4 विधायकों ने वोटिंग ही नहीं की। आरजेडी के फैसल रहमान, कांग्रेस के मनोहर प्रसाद, सुरेंद्र कुशवाहा और मनोज विश्वास ने मतदान से दूरी बनाई। इससे महागठबंधन की स्थिति कमजोर हो गई।

बीएसपी के इकलौते विधायक सतीश यादव ने महागठबंधन के पक्ष में वोट डाला। उन्होंने कहा कि एनडीए से भी कई ऑफर आए लेकिन उन्होंने महागठबंधन का साथ दिया। सतीश ने दावा किया कि पांचवीं सीट महागठबंधन जीत सकता था लेकिन 4 विधायकों के न आने से ऐसा नहीं हुआ।

ओडिशा में हंगामा, क्रॉस वोटिंग का आरोप

वहीं ओडिशा की 4 सीटों पर मतदान के दौरान काफी हंगामा हुआ। पोलिंग बूथ पर बीजेपी और बीजेडी विधायकों के बीच हाथापाई हो गई। स्थिति को किसी तरह से काबू में किया गया। परिणामों में बीजेपी को 2 सीटें मिलीं। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और ओडिशा प्रमुख मनमोहन सामल और मौजूदा सांसद सुजीत कुमार जीते। बीजेपी के समर्थन वाले निर्दलीय उम्मीदवार और पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप रे भी जीते। यहां कई बीजेडी और कांग्रेस विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, जिससे दिलीप रे को फायदा हुआ।

बीजेडी के संत्रुप्त मिश्रा एक सीट जीतकर पार्टी का प्रतिनिधित्व बचाए रखा। पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बीजेपी पर ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने आपराधिक इतिहास वाले कई लोगों को इकट्ठा किया और उन्हें वोट दिलवाए।

हरियाणा में विवाद, गिनती रुकी

हरियाणा की 2 सीटों पर मतदान हुआ। यहां गिनती विवाद के कारण रोक दी गई है। परमवीर सिंह, भरत बेनीवाल और अनिल विज के वोट पर यहां आपत्ति लगी। बीजेपी ने कांग्रेस विधायकों के दो वोटों पर आपत्ति लगाई कि गोपनीयता भंग हुई। कांग्रेस ने बीजेपी के अनिल विज के वोट पर सवाल उठाए।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव आयोग को पत्र लिखा। उन्होंने धांधली का आरोप लगाते हुए तुरंत हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा कि हरियाणा में हो रही धांधली पर रोक लगाई जाए। कांग्रेस ने एक बैठक की मांग भी की। चुनाव आयोग के फैसले का इंतजार है। उसके बाद ही गिनती आगे बढ़ेगी।


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इन चुनावों से एनडीए को राज्यसभा में मजबूती मिलने की संभावना है। बिहार में क्लीन स्वीप और ओडिशा में 3 सीटों से पार्टी को फायदा हुआ। हरियाणा का परिणाम भी एनडीए के पक्ष में आने की उम्मीद है।

रात को 10 मिनट पहले फॉलो करें ये स्किन केयर रूटीन, टैनिंग की समस्या होगी दूर

फरवरी के महीने में सुबह और शाम के समय में हल्की ठंड रहती है और दिन में गर्मी का मौसम रहता है। ऐसे में मौसम में त्वचा का खास ख्याल रखने की जरूरत होती है। दोपहर के समय में सूरज की हानिकारक किरणों की वजह से टैनिंग और मुंहासों का खतरा ज्यादा रहता है। कुछ लोगों को धूप में रहने की वजह से रेडनेस और खुजली की समस्या भी होती हैं।

ऐसे लोगों को सनस्क्रीन जरूर लगाना चाहिए। इसके अलावा रात के समय में त्वचा का खास ख्याल रखने की जरूरत होती है। रात के समय में त्वचा के सेल्स रिपेयर मोड में होते हैं। आपको रात को सोने से पहले 5 स्टेप का स्कीन केयर रूटीन फॉलो करना चाहिए।

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रात में फॉलो करें ये स्किन केयर स्टेप

क्लींजर का इस्तेमाल करें

रात को सोने से पहले अपने चेहरे को गर्म पानी से धोना है और माइल्ड क्लींजर का इस्तेमाल करें। क्लींजर आपके चेहरे से पूरे दिन भर की जमी धूल को साफ करने का काम करता है। आपका चेहरा फ्रेश और खिला हुआ नजर आएगा।

मॉश्चराइजर लगाएं

अगर आपकी ऑयली स्किन है तो मॉश्चराइजर का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। मॉश्चराइजर त्वचा को ड्राई होने से बचाता है। इस वजह से त्वचा मुलायम और ग्लोइंग नजर आती

हैं।

सही चीजों का इस्तेमाल करें

रात को सही नाइट क्रीम का इस्तेमाल करें। अगर आपकी त्वचा बहुत सेंसिटिव हैं तो प्रोडक्ट्स के लेबल को जरूर पढ़ें। किसी भी तरह का प्रोडक्ट लगाने से पहले स्किन स्पेलिस्ट से जरूर बात करें।

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सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें

हमेशा SPF 30+ वाली सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें। आपको सनस्क्रीन दो दिन में दोबार लगानी चाहिए। आपको घर से बाहर निकलने से 15 से 20 मिनट पहले सनस्क्रीन लगाना चाहिए।

ज्यादा केमिकल वाली चीजों को लगाने से बचें

अगर आपकी त्वचा सेंसिटिव है तो माइल्ड क्लींजर का इस्तेमाल करें। ज्यादा केमिकल वाले प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से बचें। इसके अलावा रात के समय में त्वचा को चमकदार और मुलायम रखने के लिए एलोवेरा फेस मास्क, हल्दी मास्क, हनी मास्क का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये घरेलू नुस्खें हैं जो त्वचा के लिए फायदेमंद है। आप ये मास्क हफ्ते मे दो बार लगा सकते हैं।

गुप्तेश्वर धाम: जहां खुद शिव ने छिपकर बचाई थी जान

बिहार के रोहतास जिले में कैमूर की ऊंची पहाड़ियों के बीच एक ऐसा शिव मंदिर है, जिसे लेकर श्रद्धालु हैरान रहते हैं। इसे ‘गुप्ताधाम’ या गुप्तेश्वर धाम के नाम से जाना जाता है। इस गुफा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां के शिवलिंग पर चौबीसों घंटे पहाड़ों से बूंद-बूंद करके पवित्र जल टपकता रहता है। भक्त इस जल को भगवान का आशीर्वाद और प्रसाद मानकर ग्रहण करते हैं।

यह स्थान ने केवल अपनी धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है बल्कि यहां तक आना भी किसी रोमांच से कम नहीं है। शिवरात्रि और सावन के महीने में यहां लाखों की भीड़ उमड़ती है, जो इस दुर्गम रास्ते को पार कर महादेव के दर्शन करने पहुंचती है।

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पौराणिक कथा

पौराणिक कथाओं की मानें तो इस गुफा का इतिहास भस्मासुर से जुड़ा है। कहा जाता है कि जब भस्मासुर ने भगवान शिव से ‘किसी के भी सिर पर हाथ रखकर भस्म करने’ का वरदान पा लिया, तो वह खुद शिव पर ही इसे आजमाने चल पड़ा। अपनी जान बचाने के लिए महादेव ने इसी गुफा में शरण ली थी। इसी वजह से इसे ‘गुप्तेश्वर’ धाम कहा जाता है।

पाताल गंगा और अनोखा शैलचित्र

गुफा के अंदर लगभग 363 फीट गहराई में जाने पर एक बड़ा जलकुंड मिलता है, जिसे स्थानीय लोग ‘पाताल गंगा’ कहते हैं। गुफा का रास्ता काफी संकरा और अंधेरे से भरा है, जहां कृत्रिम रोशनी के सहारे ही आगे बढ़ा जा सकता है। खास बात यह है कि यहां की दीवारों पर प्राचीन शैलचित्र भी देखने को मिलते हैं, जो इसकी ऐतिहासिकता को और पुख्ता करते हैं।

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कैसे पहुंचें यहां?

जिला मुख्यालय सासाराम से लगभग 35 किलोमीटर दूर चेनारी प्रखंड में यह धाम स्थित है। यहां पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को पांच पहाड़ियों की चढ़ाई करनी पड़ती है और ‘दुर्गावती’ नदी को पांच बार पार करना होता है। दुर्गम रास्ता होने के बावजूद बाबा के प्रति अटूट आस्था भक्तों को यहां खींच लाती है। लोग बक्सर से गंगाजल लाकर यहां जलाभिषेक करते हैं और अपनी मन्नतें मांगते हैं।

नोट: इस खबर में लिखी गई बातें धार्मिक और स्थानीय मान्यताओं पर आधारित हैं। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।

कंधार में पाक का हमला, मिलिट्री ठिकानों और टनल को ध्वस्त करने का दावा

रविवार को पाकिस्तान ने कहा कि उसकी सेना ने दक्षिणी अफगानिस्तान में सैन्य ठिकानों और ‘आतंकवादी ठिकानों’ पर हमले किए हैं। यह इस्लामाबाद और तालिबान सरकार के बीच तनाव की ताजा घटना है।

पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि कंधार शहर में हमलों से तकनीकी सहायता के इन्फ्रास्ट्रक्चर और हथियारों के भंडार को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। कंधार वह जगह है जहां तालिबान के सर्वोच्च नेता हिबतुल्लाह अखुंदजादा का प्रशासन है।

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कंधार में हुआ हमला

एक अन्य हमला कंधार में एक सुरंग पर हुआ, जिसे लेकर पाकिस्तान का दावा है कि अफगान तालिबान और पाकिस्तानी तालिबान समूह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) दोनों इस्तेमाल करते थे। पाकिस्तान टीटीपी को हाल के हमलों के लिए जिम्मेदार ठहराता है।

कंधार के स्थानीय लोगों ने बताया कि रात में सैन्य विमान शहर के ऊपर उड़ते दिखे और धमाके सुनाई दिए। एक निवासी ने कहा, ‘पहाड़ पर जहां सैन्य सुविधा है, वहां सैन्य विमान उड़े और उसके बाद धमाका हुआ।’ बाद में आग की लपटें दिखीं।

स्पिन बोल्डक शहर में भी हवाई हमले की आवाजें सुनी गईं। अफगानिस्तान के पूर्वी बॉर्डर प्रांत खोस्त में शनिवार रात झड़पें हुईं।

सिविलियन फेसिलिटी को नुकसान

तालिबान सरकार के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि हमलों से नागरिक सुविधाओं को सीमित नुकसान हुआ। उन्होंने दावा किया कि निशाना बनाए गए स्थान इन जगहों से दूर थे। कंधार में एक ड्रग रिहैबिलिटेशन सेंटर और एक खाली कंटेनर प्रभावित हुए।

ये हमले उस दिन हुए जब पाकिस्तान ने कहा था कि शुक्रवार रात अफगानिस्तान से लॉन्च ड्रोन हमलों को रोका गया। कम से कम तीन जगहों को निशाना बनाया गया, जिसमें रावलपिंडी में सैन्य मुख्यालय शामिल था।

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के कार्यालय ने कहा कि अफगान तालिबान ने ‘लाल रेखा’ पार कर दी है क्योंकि उन्होंने नागरिकों को निशाना बनाया। बदले की कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

पिछले महीने शुरू हुआ था अभियान

पिछले महीने पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया था। इसका कारण पाकिस्तान में हुए हमले थे, जिनके लिए अफगान क्षेत्र से काम करने वाले इस्लामी उग्रवादियों को जिम्मेदार ठहराया गया। तालिबान सरकार ने इसमें शामिल होने से इनकार किया और कहा कि अफगान भूमि का इस्तेमाल सीमा पार हमलों के लिए नहीं हो रहा। पाकिस्तान का कहना है कि उसके अभियान नागरिकों को निशाना नहीं बनाते।


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हाल के हफ्तों में सीमा पार तनाव बहुत बढ़ गया है। बार-बार झड़पों से व्यापार प्रभावित हुआ और सीमा के पास रहने वाले लोग घर छोड़कर भागे। संयुक्त राष्ट्र की अफगानिस्तान सहायता मिशन के अनुसार, 26 फरवरी से अब तक अफगानिस्तान में कम से कम 75 नागरिक मारे गए और 193 घायल हुए हैं।

बढ़ती गर्मी से मिलेगी राहत, दिल्ली, यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में होगी बारिश

देशभर में मौसम करवट ले रहा है। मार्च के महीने में ही गर्मी ने लोगों को परेशान कर दिया था लेकिन अब इससे थोड़ी राहत मिलने लगी है। अगले तीन दिन तक गर्मी से राहत मिलेगी क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ के कारण बादलों की गतिविधियां जारी रहेंगी। इस दौरान दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में 18 मार्च तक बादलों की आवाजाही, धूल भरी आंधी और बिजली गिरने की संभावनाओं के साथ-साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की भी संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनो तक न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। मौसम विभाग ने 16 से 21 मार्च तक हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी हिस्सों पर रुक-रुककर बारिश होने की संभावना जताई है। हालांकि, मैदानी हिस्सों में मौसम शु्ष्क बना रहेगा।

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आज का मौसम

पूर्वोत्तर में खराब मौसम

मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर के कई राज्यों में खराब मौसम के संकेत दिए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही तेज हवाएं भी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं। मौसम विभाग ने बताया है कि आने वाले कुछ दिनों तक इन राज्यों में इसी तरह के मौसम के संकेत मिल रहे हैं।

दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम?

दिल्ली की बात करें तो पिछले कई दिनों से दिल्ली में मौसम गर्म था और दिन में तो तापमान 36 डिग्री तक पहुंच जाता था। ऐसे में अब दिल्ली वालों को गर्मी से राहत मिलती हुई नजर आ रही है। मौसम विभाग के अनुसार, आज दिल्ली में बादल छाए रहेंगे। दौरान अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 14 से 16 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ तापमान में ज्यादा बदलाव न होने की संभावना जताई है।

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यूपी-बिहार में कैसा रहेगा मौसम?

बिहार की बात करें तो बिहार में भी पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिलेगा। इसका असर र्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, पटना, किशनगंज, मधेपुरा, कटिहार, भागलपुर, सहरसा, खगड़िया, बांका, जमुई, शिवहर, सुपौल, अररिया, पूर्णिया, मुंगेर, बेगूसराय, लखीसराय, नवादा, नालंदा, शेखपुरा, गया और जहानाबाद में देखने को मिलेगा। इस दौरान आंधी-बारिश के साथ बिजली यानी ठनका गिरने की भी संभावना है। इस बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे गर्मी में राहत मिलेगी।

उत्तर प्रदेश में भी मौसम करवट ले सकता है, जिसका सीधा असर तापमान पर पड़ेगा। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश में मंगलवार को कई हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग ने कई जिलों में बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना जताई है। पश्चिमी और मध्य यूपी में कुछ स्थानों पर 30–40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है।

बिना तंबाकू खाए भी हो जाता है मुंह का कैंसर, कारण और बचाव के तरीके जान लीजिए

आज के दौर में खराब जीवनशैली की वजह से कैंसर बीमारी का खतरा बढ़ता जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार हर साल कैंसर मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। गरीब और विकासशील देशों में कैंसर का ज्यादा खतरा है। भारत इस समय बड़ी संख्या में कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रहा है। इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर की रिपोर्ट के मुताबिक, हर साल भारत में कैंसर के मरीज बढ़ रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में 15 लाख लोग कैंसर का शिकार बने। इससे पहले 2023 में 14 लाख 96 हजार लोगों को कैंसर हुआ था और 2022 में 14 लाख 61 हजार लोग कैंसर से पीड़ित थे। इसका मतलब साफ है कि कैंसर के आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं।

आईएआरसी के आंकड़े बताते हैं कि भारत में मुंह के कैंसर (ओरल कैंसर) से 16.3 प्रतिशत लोगों की मौत हुई है। पिछले कुछ सालों में मुंह के कैंसर के मामले बढ़े हैं। आमतौर पर मुंह का कैंसर उन लोगों को होता है जो अत्यधिक तंबाकू और सिगरेट का सेवन करते हैं लेकिन यह बीमारी उन लोगों को भी हो सकती है जो तंबाकू नहीं खाते। अब सवाल उठता है कि मुंह का कैंसर क्या है, किन कारणों से होता है और इसके लक्षण क्या हैं।

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मुंह का कैंसर क्या है?

मुंह का कैंसर वह बीमारी है जो व्यक्ति के मुंह और उसके आसपास के हिस्सों में होती है। यह कैंसर तब होता है जब मुंह की कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं। ये कोशिकाएं शरीर के अन्य अंगों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। कई कोशिकाएं मिलकर गांठ बना देती हैं, जिसे ट्यूमर कहते हैं। बढ़ती हुई असामान्य कोशिकाएं होंठ, जीभ, गालों की अंदरूनी सतह, मसूड़ों और गले को प्रभावित करती हैं।

बिना तंबाकू खाए कैसे होता है मुंह का कैंसर?

मुंह का कैंसर अक्सर खराब जीवनशैली और कुछ अन्य कारणों से होता है।

तेज धूप में रहना – जो लोग रोज लंबे समय तक तेज धूप में रहते हैं, उनके होंठों पर बुरा असर पड़ता है। सूरज की किरणों के कारण होंठों के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

परिवार में कैंसर का इतिहास जिन लोगों के परिवार में पहले किसी को मुंह का कैंसर हुआ है, उन्हें सावधान रहना चाहिए क्योंकि कुछ मामलों में यह बीमारी पीढ़ी दर पीढ़ी भी हो सकती है।

मुंह की नियमित सफाई न करना – रोजाना ब्रश करना जरूरी है। जो लोग लंबे समय तक मुंह की सफाई नहीं करते, उनके मुंह में संक्रमण और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

एचपीवी वायरस (HPV) – ह्यूमन पैपिलोमा वायरस संक्रमण से भी मुंह के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। यह वायरस शारीरिक संपर्क से फैल सकता है। पुरुषों में इससे संबंधित मुंह के कैंसर का खतरा महिलाओं की तुलना में अधिक पाया गया है।

एपस्टीन-बार वायरस (Epstein Barr Virus) -यह एक सामान्य वायरस है और दुनिया की बड़ी आबादी कभी न कभी इससे संक्रमित हो चुकी है। आमतौर पर यह गंभीर नुकसान नहीं पहुंचाता, लेकिन कुछ मामलों में यह शरीर को प्रभावित कर सकता है। यह लार के संपर्क से फैल सकता है।

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मुंह के कैंसर के लक्षण

मुंह में छाला या घाव – यदि मुंह में छाला या घाव दो हफ्ते से अधिक समय तक ठीक नहीं होता, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

वजन घटना – बिना डाइटिंग के अचानक वजन कम होना किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है।

कान में दर्द – यदि कान में दर्द हो लेकिन सुनने में दिक्कत न हो, तो यह गले या मुंह की किसी अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकता है।

मुंह से खून आना – बिना किसी चोट के मुंह से खून आना गंभीर संकेत हो सकता है।

खाने निगलने में दिक्कत -यदि खाना चबाने, निगलने या मुंह खोलने में परेशानी हो, तो यह मुंह में गांठ बनने का संकेत हो सकता है।

मुंह में लाल या सफेद धब्बे -जीभ या गाल की अंदरूनी सतह पर लाल या सफेद धब्बे दिखें तो इसे सामान्य न समझें। यह कैंसर की शुरुआती चेतावनी हो सकती है।

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मुंह के कैंसर का इलाज

सर्जरी- यदि कैंसर शुरुआती स्टेज में है, तो ऑपरेशन के जरिए कैंसर वाले हिस्से को निकाल दिया जाता है।

रेडिएशन थेरेपी – इसमें किरणों की मदद से कैंसर कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है।

कीमोथेरेपी – इसमें दवाइयों के जरिए कैंसर कोशिकाओं को खत्म किया जाता है। यह इलाज तब किया जाता है जब बीमारी ज्यादा फैल चुकी हो।

मंगल और चंद्रमा के संयोग से खुलेगा किस्मत का ताला, जानें अपनी राशि का हाल

फाल्गुन अमावस्या के अगले दिन बुधवार यानी 18 फरवरी को फाल्गुन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के साथ चंद्रमा कुंभ राशि में होगा। चंद्रमा का कुंभ राशि में होना यह बताता है कि समाज सेवा, नए तकनीकी विचारों और साहसिक फैसलों के लिए समय बेहद शुभ है। मूलांक 9 का स्वामी मंगल होने के कारण आज लोगों में गजब का आत्मविश्वास और कुछ नया कर गुजरने का जज्बा देखा जाएगा। यह दिन नई उम्मीदों और साहस का प्रतीक है।

ज्योतिष गणना के अनुसार, 18 फरवरी का दिन उन लोगों के लिए खास है जो अपने जीवन में किसी बड़े और सकारात्मक बदलाव का इंतजार कर रहे थे। आइए विस्तार से जानते हैं कि आपकी राशि के सितारों में आज क्या खास लिखा है।

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क्या कहते हैं आपके सितारे?

मेष राशि

आज आपके भीतर ऊर्जा की कोई कमी नहीं रहेगी। ऑफिस में नई जिम्मेदारी मिल सकती है जो आपके करियर को ऊंचाई देगी।

क्या करें: जरूरी फैसले निडर होकर लें। एक्सरसाइज करें और परिवार के साथ समय बिताएं।

क्या न करें: जल्दबाजी में कहीं भी पैसा न लगाएं और न ही किसी से बहस करें।

वृषभ राशि

आर्थिक मोर्चे पर आज का दिन मजबूती लेकर आया है। पुराने निवेश से फायदा होने की पूरी उम्मीद है और रिश्तों में भी मिठास रहेगी।

क्या करें: पैसों की बचत पर ध्यान दें और खान-पान में ज्यादा सावधानी बरतें।

क्या न करें: फिजूलखर्ची से बचें और पुरानी खासकर बुरी बातों को याद न करें।

मिथुन राशि

आपकी बातचीत और दिमाग आज सबका दिल जीत लेगी। बिजनेस और पढ़ाई के क्षेत्र में आगे बढ़ने के बेहतरीन मौके मिलेंगे।

क्या करें: कुछ नया सीखने की कोशिश करें और काम के सिलसिले में यात्रा का प्लान बनाएं।

क्या न करें: फालतू की गपशप में समय बर्बाद न करें। सेहत का ख्याल रखें।

कर्क राशि

घर-परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। आपको अपनों का पूरा साथ मिलेगा, जिससे मन प्रसन्न रहेगा।

क्या करें: घर की सुख-सुविधाओं पर ध्यान दें। मानसिक शांति के लिए ध्यान करें।

क्या न करें: इमोशनल होकर कोई बड़ा फैसला न लें और खुद को अकेला न छोड़ें।

सिंह राशि

आपका आत्मविश्वास आज सातवें आसमान पर होगा। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। आप किसी टीम का नेतृत्व कर सकते हैं।

क्या करें: नए लक्ष्य निर्धारित करें और पुराने दोस्तों से मुलाकात करें।

क्या न करें: मन में अहंकार न आने दें और कोई भी खतरनाक कदम न उठाएं।

कन्या राशि

आज समझदारी से लिए गए फैसले आपको बड़ा फायदा दे सकते हैं। करियर में तरक्की के नए रास्ते खुलते नजर आ रहे हैं।

क्या करें: अपने काम को व्यवस्थित करें और योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

क्या न करें: ज्यादा चिंता करने से बचें और दूसरों की आलोचना पर ध्यान न दें।

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तुला राशि

पर्सनल लाइफ और पार्टनरशिप के लिए दिन बहुत शानदार है। प्रेम संबंधों में नजदीकियां बढ़ेंगी और मन रोमांटिक रहेगा।

क्या करें: जीवनसाथी के साथ अच्छा वक्त बिताएं और अपनी रचनात्मकता दिखाएं।

क्या न करें: किसी भी बात पर कंफ्यूजन में न रहें। बुरी आदतों से दूरी बनाएं।

वृश्चिक राशि

आज आपको कुछ ऐसे मौके मिल सकते हैं जिनके बारे में आपने सोचा भी नहीं था। आपकी मेहनत और साहस रंग लाएगा।

क्या करें: नई चीजों पर रिसर्च करें। साहसिक कदम उठाने से पीछे न हटें।

क्या न करें: गुस्से और जलन की भावना को खुद पर हावी न होने दें।

धनु राशि

ज्ञान बढ़ाने और लंबी दूरी की यात्रा के लिए दिन अनुकूल है। विद्यार्थियों के लिए आज का दिन विशेष सफलता वाला हो सकता है।

क्या करें: पढ़ाई पर ध्यान दें, नई जगह घूमने जाएं और जोश बनाए रखें।

क्या न करें: किसी भी काम में लापरवाही न बरतें और अति उत्साह से बचें।

मकर राशि

आपकी मेहनत अब रंग लाने वाली है। काम में आपकी स्थिति और मजबूत होगी। आर्थिक फायदे के योग बनेंगे।

क्या करें: अपने लक्ष्य पर नजर टिकाए रखें। अनुशासन का पालन करें।

क्या न करें: आलस को पास न आने दें। परिवार की जरूरतों को नजरअंदाज न करें।

कुंभ राशि

चंद्रमा आपकी ही राशि में है, जिससे नए विचार और सामाजिक मेलजोल बढ़ेगा। दोस्तों की मदद से कोई बड़ा काम बन सकता है।

क्या करें: नई नेटवर्किंग बनाएं। ग्रुप एक्टिविटीज में हिस्सा लें।

क्या न करें: अकेले रहने की कोशिश न करें। जल्दबाजी में कोई काम न बिगाड़ें।

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मीन राशि

आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। आज आपकी कल्पना शक्ति आपको कला और रचनात्मक कार्यों में बड़ी जीत दिलाएगी।

क्या करें: पूजा-पाठ या सेवा के काम में समय बिताएं और जरूरतमंदों की मदद करें।

क्या न करें: ख्याली पुलाव न पकाएं और अपनी सेहत का पूरा ध्यान रखें।

डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत जानकारी के लिए ज्योतिषि से संपर्क करें।