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70 सेकंड में 16 करोड़ की लूट, अमेरिका में भारतीय मूल के ज्वैलर्स को बनाया निशाना

अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य के फ्रेमोंट शहर में एक भारतीय-अमेरिकी परिवार के ज्वेलरी शोरूम ‘कुमार ज्वेलर्स’ में बड़ी डकैती की घटना हुई है। यहां लगभग 20 से 25 नकाबपोश बदमाशों ने एक साथ धावा बोलकर महज 70 सेकंड के अंदर करीब 16 करोड़ रुपये से ज्यादा के सोने और हीरे के गहने लूट लिए। इस पूरी वारदात का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हमलावर हथौड़ों और कुल्हाड़ियों से कांच के काउंटर तोड़ते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं।

सीसीटीवी फुटेज के अनुसार यह घटना तब हुई जब अचानक शोरूम के बाहर कई गाड़ियां आकर रुकीं। उनमें से दर्जनों नकाबपोश युवक निकले। सभी ने हुडी पहन रखी थी। वे सीधे शोरूम के अंदर घुसे और बिना किसी देरी के हथौड़ों से गहनों के डिस्प्ले केस तोड़ने लगे। बदमाशों ने मात्र 70 सेकंड के अंदर दुकान का लगभग 80 प्रतिशत कीमती सामान अपने बैगों में भरकर भाग निकले।

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मालिक और कर्मचारी ने दुकान से भागकर बचाई जान

यह शोरुम वर्मा परिवार का है, जो लंबे समय से फ्रेंमोंट में अपना बिजनेस चला रहे हैं। जिस समय यह हमला हुआ, उस वक्त शोरुम के मालिक और एक कर्मचारी अपनी जान बचाने के लिए दुकान के पिछले हिस्से की ओर भाग गए थे। राहत की बात यह रही कि इस पूरी लूटपाट के दौरान किसी को कोई चोट नहीं आई, लेकिन पूरा परिवार गहरे सदमे में है।

पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी

घटना की सूचना मिलते ही फ्रेमोंट पुलिस ने तुरंत मामला संभाला और लुटेरों की एक संदिग्ध गाड़ी का पीछा किया। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी उम्र 19 से 20 साल के बीच बताई जा रही है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अफातुपेताइकी फासिसिला, जोस हेराडा-आरागॉन, एंड्रेस फिलिस्तीनो और टॉम पार्कर डोनेगन के रूप में हुई है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह किसी बड़े ग्रुप का हिस्सा हैं।

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भारतीय लोगों में बढ़ी चिंता

कैलिफोर्निया में आजकल दुकान का कांच तोड़कर सामान लूटने की घटनाएं बहुत बढ़ गई हैं। पिछले कुछ महीनों में कई बार उन दुकानों को निशाना बनाया गया है, जिनके मालिक भारतीय या एशियाई देशों के रहने वाले हैं। इस ताजा डकैती के बाद वहां रह रहे भारतीय दुकानदारों और व्यापारियों के मन में सुरक्षा को लेकर काफी खौफ बैठ गया है। वे डरे हुए हैं कि अगली बार उनके साथ ऐसा न हो जाए।

‘कांशीराम को मिले भारत रत्न’, राहुल गांधी ने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के बीच विपक्षी नेता राहुल गांधी ने एक बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बहुजन समाज पार्टी (BSP) के संस्थापक मान्यवर कांशीराम को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न देने की मांग की। कांशीराम की जयंती के अवसर पर की गई इस मांग को यूपी की राजनीति में दलित वोटबैंक को साधने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर भी कांशीराम को सामाजिक न्याय का योद्धा बताते हुए कहा कि उन्हें सम्मानित करना उस पूरे आंदोलन का सम्मान होगा, जिसने करोड़ों लोगों को हक और हिस्सेदारी की राह दिखाई। उन्होंने तर्क दिया कि कांशीराम ने न केवल बहुजन समाज में चेतना पैदा की, बल्कि भारतीय राजनीति के स्वरूप को ही बदल दिया। लखनऊ में हाल ही में आयोजित संविधान सम्मेलन के बाद राहुल का यह कदम कांग्रेस की दलितों तक पहुंच बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

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आपको बता दें कि BSP संस्थापक द्वारा तैयार किया गया कैडर आधारित आंदोलन फिलहाल नेतृत्व और जनाधार के संकट से जूझ रहा है। 2024 के लोकसभा चुनाव में शून्य पर सिमटने के बाद BSP का गैर-जाटव दलित वोटबैंक सपा-कांग्रेस गठबंधन की ओर झुका है। ऐसे में राहुल गांधी द्वारा कांशीराम को सम्मान दिलाने की पैरवी करना BSP के बचे-खुचे आधार में सेंध लगाने की एक सोची-समझी रणनीति है। अब सबकी नजरें केंद्र सरकार के रुख पर टिकी हैं कि वह इस संवेदनशील मांग पर क्या प्रतिक्रिया देती है।

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20% दलित वोटरों पर सबकी नजर

उत्तर प्रदेश की सियासत में करीब 20 प्रतिशत दलित मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। कांशीराम की विरासत पर अधिकार जताने की यह होड़ इसलिए भी तेज है क्योंकि कभी इस वोटबैंक पर एकछत्र राज करने वाली BSP का ग्राफ लगातार गिर रहा है।

राहुल गांधी की यह मांग सीधे तौर पर उन मतदाताओं को संदेश है जो मायावती के विकल्प की तलाश में हैं। यूपी के जिलों में इन दिनों कांशीराम के पोस्टर विपक्षी दलों के झंडों के साथ दिखना इस बात का प्रमाण है कि 2027 की बिसात बिछ चुकी है।

घबराहट भगाने के लिए खाई जाने वाली मिठाई, क्यों बढ़ाती है परेशानी?

जब भी हमें घबराहट या तनाव महसूस होता है, हमारा दिमाग तुरंत आराम पाने की कोशिश करता है। ऐसे समय में दिमाग डोपामाइन नाम के ‘फील गुड हार्मोन’ की तलाश करता है, जो हमें अच्छा महसूस कराता है। जब हम चीनी या मीठी चीजें खाते हैं, तो दिमाग में डोपामाइन का लेवल अचानक बढ़ जाता है। इससे हमें कुछ समय के लिए सुकून और खुशी का एहसास होता है। इसी वजह से लोग अक्सर अनजाने में घबराहट या तनाव कम करने के लिए मीठी चीजों की ओर आकर्षित हो जाते हैं।

हालांकि, यह राहत बहुत कम समय के लिए होती है। जैसे ही शुगर लेवल गिरता है, शरीर इसे संकट का संकेत मानता है। इस स्थिति में शरीर इंसुलिन और कोर्टिसोल जैसे हार्मोन्स को सक्रिय कर देता है, जिससे दिल की धड़कन तेज होना, कंपकंपी और चिड़चिड़ापन शुरू हो जाता है। यह शारीरिक प्रतिक्रिया बिल्कुल वैसी ही होती है जैसी एक पैनिक अटैक के दौरान महसूस होती है।

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क्यों बढ़ जाती है परेशानी?

चीनी खाने के बाद शुगर लेवल में आने वाला ‘स्पाइक’ और फिर अचानक ‘क्रैश’ शरीर को तनाव की स्थिति में डाल देता है। ज्यादा मीठा शरीर में सूजन को बढ़ावा देता है, जिसका सीधा असर मेंटल हेल्थ और मूड स्विंग्स पर पड़ता है। शुगर के इस उतार-चढ़ाव से चिड़चिड़ापन और थकान महसूस होती है।

ज्यादा शुगर से नींद की क्वालिटी भी खराब होती है। कम नींद लेना घबराहट और बेचैनी को बढ़ाने का सबसे बड़ा कारण है। मीठी चीजों में पोषक तत्व नहीं होते। जब शरीर में विटामिन्स जैसे मैग्नीशियम और विटामिन B12 की कमी होती है, तो दिमाग स्ट्रेस को झेलने में असमर्थ हो जाता है।

घबराहट कम करने के ऑप्शन

अगर आपको बार-बार घबराहट या बेचैनी महसूस होती है, तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसे में आपको तुरंत किसी डॉक्टर से मिलकर सही सलाह और इलाज शुरू करना चाहिए। एंजायटी कई कारणों से हो सकती है। कभी-कभी यह शरीर में किसी पोषक तत्व की कमी की वजह से होती है, तो कभी किसी अंग में समस्या के कारण भी ऐसा हो सकता है। इसलिए इसका सही कारण जानना जरूरी है।

जब भी आपको घबराहट महसूस हो, तो तुरंत मीठी चीजें खाने की बजाय बेहतर विकल्प अपनाएं। आप हर्बल या ग्रीन टी पी सकते हैं। इसके अलावा बादाम, अखरोट, ओट्स, दलिया, नींबू पानी और नारियल पानी जैसे हल्के और सेहतमंद विकल्प भी ले सकते हैं। सही खान-पान और समय पर डॉक्टर की सलाह से इस समस्या को संभाला जा सकता है।

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हाल ही में जर्नल ऑफ ह्यूमन न्यूट्रिशन एंड डायटेटिक्स की एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि जो लोग ज्यादा मीठा खाते हैं, उनमें चिंता और घबराहट की समस्या ज्यादा देखी जाती है। इसका मतलब यह है कि हमारा खान-पान सीधे तौर पर हमारे दिमाग और मानसिक सेहत को प्रभावित करता है।

अक्सर लोग सोचते हैं कि ज्यादा चीनी खाने से सिर्फ मोटापा या शुगर जैसी बीमारियां होती हैं लेकिन यह पूरी सच्चाई नहीं है। ज्यादा मीठा खाने से मानसिक परेशानी, जैसे एंजायटी, भी बढ़ सकती है। इसलिए बढ़ती चिंता को कम करने के लिए सिर्फ दवाओं पर निर्भर रहना काफी नहीं है। इसके साथ-साथ अपनी लाइफस्टाइल और खाने की आदतों में बदलाव करना भी बहुत जरूरी है।

बिहार का बाबा विदेश्वरनाथ मंदिर, जानिए क्यों कहते हैं छोटा देवघर

बिहार के मिथिलांचल में आस्था के कई केंद्र हैं लेकिन मधुबनी जिले के झंझारपुर में ‘विदेश्वरनाथ महादेव मंदिर’ या बाबा बिदेश्वर स्थान का स्थान इन सभी में मुख्य है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर का सीधा संबंध विदेह के राजा जनक से है। ऐसी चर्चा है कि ‘विदेह’ शब्द से ही इस मंदिर का नाम ‘विदेश्वर’ पड़ा, जिसका अर्थ है ‘विदेह के स्वामी’। स्थानीय लोग इसे बाबा वैद्यनाथ धाम का छोटा भाई मानते हैं। लोगों में यह विश्वास है कि यहां जल चढ़ाने से वही फल मिलता है जो देवघर में मिलता है।

इतिहास की बात करें तो यह मंदिर न केवल धार्मिक बल्कि पुरातात्विक दृष्टिकोण से भी बहुत महत्वपूर्ण है। मंदिर की दीवारों पर ‘मिथिलाक्षर’ लिपि में शिलालेख मौजूद हैं, जो बताते हैं कि सन 1300 ईस्वी के आसपास इस पुराने मंदिर की फिर से मरम्मत करने का प्रयास किया गया था।

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शिवलिंग और महाशिवरात्रि में आयोजन

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यहां स्थापित शिवलिंग ‘स्वयंभू’ है, जिसका अर्थ है कि यह स्वयं प्रकट हुआ है। पहली धारणा के अनुसार, मिथिलांचल के लोगों के लिए इस मंदिर का महत्व ‘छोटा देवघर’ के समान है जबकि कुछ लोग इसे काशी विश्वनाथ मंदिर के समान भी मानते हैं। कुल मिलाकर, अलग-अलग मान्यताओं के बावजूद यह स्थान शिव भक्तों के बीच बहुत श्रद्धा और आस्था का केंद्र है। लोग आज भी पूरी श्रद्धा से यहां की परंपराओं और विश्वासों का पालन करते हैं।

महाशिवरात्रि के दौरान यहां भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ता है। भक्त सुल्तानगंज से गंगाजल लाकर बाबा का जलाभिषेक करते हैं। मंदिर परिसर में मुख्य शिवलिंग के साथ माता पार्वती और नंदी की प्रतिमाएं स्थापित हैं। यहां की एक अनोखी परंपरा भगवान भैरवनाथ से जुड़ी है। कहा जाता है कि भाद्र पूर्णिमा के दिन यहाँ पूरे शिव परिवार का मिलन होता है, जिसे देखने दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं।

सावन के महीने और माघ की मकर संक्रांति के दौरान यहां मेले जैसा माहौल रहता है। लाखों भक्त यहां महादेव का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। यहां होने वाले मुंडन और उपनयन संस्कार विशेष फलदायी माने जाते हैं।

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कैसे पहुंचें?

यह मंदिर झंझारपुर-दरभंगा स्टेट हाईवे के पास विदेश्वर गांव में स्थित है। ट्रेन से आने वाले यात्रियों के लिए लोहना रोड रेलवे स्टेशन सबसे नजदीकी विकल्प है।

नोट: इस खबर में लिखी गई बातें धार्मिक और स्थानीय मान्यताओं पर आधारित हैं। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।

क्या UAE में मचने वाली है तबाही? ईरान ने कहा- खाली कर दें इलाका

खार्ग आइलैंड पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान भड़क उठा है। उसने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को बड़ी धमकी दी है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने यूएई से कहा कि खार्ग आइलैंड पर हमले के बाद यूएई में स्थित अमेरिकी ठिकाने वैध लक्ष्य हैं।

अपनी धमकी में आईआरजीसी ने कहा है कि शिपिंग पोर्ट, डॉक और यूएई के कुछ शहरों में ठहरे अमेरिकी सैनिकों के अड्डे और अमेरिकी मिसाइलों के सोर्स पर हमला करके अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता और इलाके की रक्षा करना वैध अधिकार है। ईरान ने यूएई से मिलिट्री इलाके और पोर्ट को खाली करने का अनुरोध किया है, ताकि आबादी को नुकसान से बचाया जा सके।

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इस बीच आईआरजीसी की नेवी ने बहरीन, कुवैत और अब धाबी में स्थित अमेरिकी मिलिट्री बेस को निशाना बनाने का दावा किया है। आईआरजीसी की नौसेना प्रमुख एडमिरल अलीरेजा तांगसिरी ने दावा किया कि उनकी नेवी ने तीन मिलिट्री बेस पर हमलों को अंजाम दिया है। उनके मुताबिक अबू धाबी में स्थित अल-धफरा, कुवैत के अल-अदिरी और बहरीन के शेख ईसा बेस को निशाना बनाया गया है।

क्यों अहम है खार्ग आइलैंड?

रणनीतिक तौर पर खार्ग ईरान का सबसे अहम आइलैंड है। यहां से ईरान का 90 फीसद तेल निर्यात किया जाता है। अभी तक अमेरिका यहां हमला करने से बचता रहा है।

यूएस सेंटकॉम का दावा कि उसने यहां 90 सैन्य टारगेट को तबाह कर दिया है। सेंटकॉम ने बताया कि नेवल माइन स्टोरेज फैसिलिटी, मिसाइल स्टोरेज बंकर और कई दूसरी मिलिट्री साइट्स को नष्ट किया गया है। अमेरिकी फोर्स ने तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को बचाते हुए 90 से अधिक ईरानी मिलिट्री टारगेट पर हमला किया है।

तेल ठिकानों को तबाह करने की धमकी

अमेरिकी हमले के बावजूद ईरानी अधिकारियों का दावा है कि खार्ग आइलैंड से तेल का निर्यात जारी है। तेल कंपनियों की गतिविधियां भी बिना रुकावट जारी हैं। इस बीच अमेरिका ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है कि अगर उसने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद किया तो उसकी तेल सुविधाओं को निशाना बनाया जाएगा। बता दें कि स्ट्रेट बंद होने के कारण दुनिया के सामने वैश्विक ऊर्जा संकट खड़ा हो गया है।

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बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर अटैक

इराक की राजधानी बगदाद में स्थित अमेरिकी दूतावास पर हमला किया गया है। अभी तक किसी ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां C-RAM एयर डिफेंस सिस्टम से जुड़ी एक यूनिट को निशाना बनाया गया है। 28 फरवरी को अमेरिकी-इजरायली बमबारी में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान से जुड़े इस्लामिक रेजिस्टेंस संगठन अमेरिकी ठिकानों पर हमले को अंजाम दे रहा है।

‘सबको माफ करो, सबसे माफी मांगो, अब जाओ’, हरीश को दिल्ली एम्स लाया गया

सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद हरीश राणा को 14 मार्च को दिल्ली के एम्स लाया गया है। दिल्ली एम्स में डॉक्टरों और परिवार के सामने हरीश राणा को जीवन से मुक्त किया जाएगा। हरीश राणा को कभी न ठीक होने वाली बीमारी है, इसी वजह से वह पिछले 13 सालों से वेजिटेटिव स्टेट में थे। पिछले 13 वर्षों से हरीश राणा संघर्ष भरा जीवन काट रहे थे। हरिश को जल्द ही संसार और शारीरिक दर्द से मुक्ति दी जाएगी।

हरीश राणा का परिवार के साथ एक वीडियो सामने आई है। इस वीडियो में हरीश की बहन उन्हें शहद खिला रहे हैं। इस वीडियो में हरीश की बहन उनसे कहती है कि सबको माफ करते हुए और सबसे माफी मांगते हुए जाओ। इस वीडियो को देखकर कई लोग भावुक हो रहे हैं। बता दें कि हरीश राणा को इंजेक्शन या दवाई देकर इच्छामृत्यु नहीं दी जाएगी, बल्कि उनका लाइफ सपोर्ट हटा दिया जाएगा, जिससे उनकी प्राकृतिक मृत्यु हो जाएगी।

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मां और बहन समेत पूरे परिवार की आंखें नम

जब हरीश को गाजियाबाद से दिल्ली एम्स ले जाया जा रहा था, तब हरीश की मां, बहन और छोटा भाई भावुक थे। हरीश के पिता अशोक ने कहा, ‘हम सबसे माफी मांगते हैं। ईश्वर ने यह सब हमें देखने के लिए दिया है। आगे हम यही चाहते हैं कि हमारा बेटा जहां भी रहे, जिस परलोक में रहे, हम उसे कभी भूल नहीं पाएंगे। हमारे रिश्तेदारों, डॉक्टरों और कोर्ट के वकीलों ने हमारा बेहद सहयोग दिया है। उसके लिए हम सबके आभारी हैं।’

हरीश का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

हरीश इस समय दिल्ली एम्स में हैं। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में हरीश के साथ उनकी मां और बहन खड़ी दिखाई दे रही हैं। इस वीडियो में हरीश की बहन उन्हें शहद चटा रही है। वीडियो में जहां एक तरफ परिवार हरीश के लिए दुखी है, वहीं दूसरी तरफ इस वीडियो को देखकर कई लोग भावुक हो उठे हैं। एक्स अकाउंट पर कई लोगों ने कमेंट भी किया।

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कपिल गौर ने लिखा, ‘हरीश राणा की कहानी सिर्फ एक मेडिकल केस नहीं है, बल्कि यह अटूट ममता, धैर्य और मानवीय संवेदनाओं की पराकाष्ठा है। 13 साल एक लंबा अरसा होता है। एक पूरा दशक बीत गया, दुनिया बदल गई, लेकिन उस कमरे में वक्त जैसे ठहर गया था। हरीश को दी जा रही यह विदाई दुखद तो है।’

दूसरे व्यक्ति तनवीर अहमद ने कहा, ‘वाकई मुझे यह दृश्य देखकर रोना आ रहा है। मां-बाप खुद अपने बेटे के लिए मृत्यु मांगकर लाए, कैसा होगा वह पल जब कोर्ट ने आदेश दिया। इच्छामृत्यु शब्द ही बुरा है, लेकिन हरीश भाई का 13 साल का बीता हुआ समय बेहद पीड़ादायक रहा। साथ ही माता-पिता दोनों इस दुख की घड़ी में यह सफर करते रहे।’

अचानक से शुगर बढ़ने पर डायबिटीक मरीज को क्या करना चाहिए? डॉक्टर से जानिए

भारत को ‘डायबिटीज कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड’ कहा जाता है। दुनियाभर में 54 करोड़ से ज्यादा लोग डायबिटीज से पीड़ित है। यह बीमारी किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। यह बीमारी शरीर में इंसुलिन हार्मोन की गड़बड़ी की वजह से होती है। इस बीमारी के बारे में अगर सही समय पर पता नहीं चला तो आपके दिल, किडनी समेत अन्य अंग खराब हो सकते हैं।

इस बीमारी से पीड़ित लोगों को ब्लड शुगर नियंत्रित करने की सलाह दी जाती है। ब्लड में शुगर का लेवल बढ़ने से परेशानियां बढ़ जाती हैं। कई बार ऐसा होता है कि डायबिटीज के मरीज में अचानक से शुगर का लेवल बढ़ जाता है। हमने इस बारे में बेंगलुरु के एस्टर सीएमआई अस्पताल के एंडोक्रोनोलॉजिस्ट डॉक्टर महेश डी. एम से बात की।

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अचानक से क्यों बढ़ जाता है शुगर?

डायबिटीज के मरीज में शुगर बढ़ने का मुख्य कारण हाई कार्बोहाइड्रेट और शुगर वाली चीजों का सेवन अधिक करना है। इसके अलावा इंसुलिन और डायबिटीज की दवाई नहीं लेने का कारण ब्लड में शुगर का लेवल बढ़ जाता है। इसके अलावा शारीरिक गतिविधियां कम करने, हार्मोनल बदलाव, पर्याप्त नींद नहीं लेना और स्टेरॉयड सेमत कुछ दवाओं को लेने से भी शुगर बढ़ सकता है। इन लोगों को तनाव लेने से बचना चाहिए।

शुगर को कंट्रोल करने के लिए क्या करें?

डॉक्टर महेश के अनुसार अगर किसी व्यक्ति का शुगर एकदम से बढ़ गया तो उसे सबसे पहले शुगर चेक करवाना चाहिए। साथ में डायबिटीज की दवा लेनी चाहिए।

  • शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए।
  • अधिक कार्बोहाइड्रेट और शुगर वाली ड्रिंक्स को पीने से परहेज करना चाहिए।
  • प्रोटीन और फाइबर वाली चीजों का सेवन करें।
  • हल्की एक्सरसाइज और वॉक पर जाएं।
  • लगातार शुगर की जांच करें।
  • अगर आपको उल्टी या कमजोरी जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

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शुगर को बढ़ने से रोकने के लिए लाइफस्टाइल में करें बदलाव

डायबिटीज के मरीज को चीनी वाली चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। खासतौर से मिठाइयां, केक, शुगर वाली ड्रिंक्स, सफेद चावल का सेवन कम करें।

  • रात में ज्यादा खाना खाने से बचना चाहिए।
  • शराब और सिगरेट से दूर रहें।
  • खाना जरूर खाएं। भूखे पेट न रहें।
  • तनाव को कम करने के लिए योग करें।
  • घंटों एक ही जगह पर न बैठे रहे।
  • पर्याप्त नींद लें।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
  • नियमित रूप से एक्सरसाइज करें।

शुगर को नियंत्रित रखने के लिए क्या खाएं?

  • संतुलित आहार का सेवन करें। अपनी डाइट में ब्राउन राइस और साबूत अनाज को शामिल करें।
  • इसके अलावा हरी सब्जियां, दालें, बींस, अंडा, मछली, लीन मीट, हेल्दी फैट वाले नट्स और सीड्स खाएं। इन दोनों चीजों की मात्रा कम रखें।
  • सेब और अमरूद का सेवन करें।
  • नियमित रूप से आहार लें।
  • चीनी वाली चीजों का सेवन करने से परहेज करें।
  • तली-भूनी चीजों को खाने से बचें।

HbA1c टेस्ट कराने को क्यों कहता है डॉक्टर?

HbA1c टेस्ट एक दिन की रीडिंग देने के बजाय पिछले दो से तीन महीनों में औसत ब्लड शुगर को दिखता है और यह समझने में मदद करता है समय के साथ किसी व्यक्ति के मधुमह को कितने अच्छे तरीके से नियंत्रित कर रहा है? किस तरह की दवाओं को देने की जरूरत है? कहीं भविष्य में किडनी, आंखों को खतरा तो नहीं है।

महाशिवरात्रि के दिन बदलेगा आपका भाग्य, क्या कह रहीं हैं राशियां? पढ़ें राशिफल

महाशिवरात्रि है। ब्रह्मांड में ग्रहों का संयोग बदल रहा है। फाल्गुन मास की चतुर्दशी तिथि और 15 फरवरी यानी रविवार का दिन होने के साथ-साथ मूलांक 6 का है जो कि ज्योतिष दृष्टि से बहुत खास है। अंक ज्योतिष के अनुसार, 6 नंबर का स्वामी शुक्र होता है जो सुख-सुविधाओं और प्रेम का प्रतीक है। ऐसे में यह दिन कला, परिवार और आपसी रिश्तों को सुधारने के लिए सबसे सटीक है।

जहां तक चंद्रमा की बात करें वह कुंभ राशि में रहेंगे जो हमें लीक से हटकर सोचने और समाज के लिए कुछ नया करने की प्रेरणा देंगे। आइए जानते हैं कि सितारों की चाल किस राशि के लिए क्या खास लेकर आई है।

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सभी 12 राशियों का हाल

मेष राशि

आज का दिन जोश और नई उमंग से भरा है। आपको नए मौके मिलेंगे।
क्या करें: बस गुस्से पर काबू रखें और जल्दबाजी में पैसा कहीं न फंसाएं।
क्या न करें: परिवार के साथ समय बिताना अच्छा रहेगा।

वृष राशि

आर्थिक रूप से आज का दिन मजबूत है।
क्या करें: निवेश की प्लानिंग करें और अपनों की सलाह लें।
क्या न करें: फालतू के खर्चों और बहसबाजी से दूर रहना ही समझदारी होगी।

मिथुन राशि

आपकी बातों का जादू आज लोगों पर चलेगा।
क्या करें: नेटवर्किंग और नई चीजें सीखने के लिए दिन अच्छा है।
क्या न करें: व्यर्थ की गपशप में समय बर्बाद न करें।

कर्क राशि

आज घर-परिवार में खुशियां रहेंगी।
क्या करें: मन को शांत रखने के लिए योग करें।
क्या न करें: भावुक होकर कोई भी बड़ा फैसला लेने से बचें।

सिंह राशि

आपकी लीडरशिप क्वालिटी आज लोगों को प्रभावित करेगी।
क्या करें: दोस्तों के साथ मिलकर कोई नया काम शुरू कर सकते हैं।
क्या न करें: बस अपने भीतर अहंकार न आने दें।


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कन्या राशि

आपकी पुरानी मेहनत का फल आज मिल सकता है।
क्या करें: अपनी सेहत और काम के व्यवस्थित तरीके पर ध्यान दें।
क्या न करें: छोटी-छोटी बातों की चिंता छोड़ दें।

तुला राशि

कला और संगीत में रुचि बढ़ेगी। रिश्तों के लिए आज का दिन बहुत प्यारा है।
क्या करें: खान-पान का ध्यान रखें।
क्या न करें: फैसले लेने में ज्यादा देर न करें।

वृश्चिक राशि

आज आपकी मानसिक शक्ति बढ़ेगी।
क्या करें: आध्यात्मिक कार्यों में मन लगेगा।
क्या न करें: मन में किसी के प्रति कड़वाहट न रखें और सेहत का ख्याल रखें।

धनु राशि

कुछ नया सीखने और कहीं घूमने जाने का प्लान बन सकता है।
क्या करें: सकारात्मक रहें।
क्या न करें: पैसों के मामले में कोई बड़ा रिस्क न लें।


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मकर राशि

करियर में तरक्की के योग बन रहे हैं।
क्या करें: अनुशासन के साथ अपने लक्ष्यों पर काम करें।
क्या न करें: काम के चक्कर में परिवार और सेहत को नजरअंदाज न करें।

कुंभ राशि

आज आपके दिमाग में नए और अनोखे आइडिया आएंगे।
क्या करें: समाज में मेल-जोल बढ़ाने से फायदा मिलेगा।
क्या न करें: ध्यान रहे कि अपनी बात मनवाने के चक्कर में अपनों से न उलझें।

मीन राशि

कल्पना शक्ति और अध्यात्म के लिए दिन सबसे अच्छा है।
क्या करें: रचनात्मक काम करें और जरूरतमंदों की मदद करें।
क्या न करें: हकीकत से मुंह न मोड़ें और अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें।

डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत जानकारी के लिए ज्योतिषि से संपर्क करें।

क्या है नेतन्याहू के ‘सिक्स फिंगर’ का मामला जिससे उनकी मौत का किया जा रहा दावा?

सोशल मीडिया पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर काफी चर्चा हो रही है। शनिवार को कई यूजर्स ने उनके 13 मार्च के एक वीडियो पर सवाल उठाए। इस वीडियो में ऐसा लग रहा था कि उनके दाहिने हाथ में छह उंगलियां हैं। लोगों ने कहा कि यह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाया गया है।

नेतन्याहू ने अपने X अकाउंट पर शुक्रवार को यह वीडियो शेयर किया था। इसमें उन्होंने इजरायल और अमेरिका की ईरान के खिलाफ जंग के बारे में बात की। यह जंग पूरे मिडिल ईस्ट में फैल गई है और अब इसका 15वां दिन चल रहा है। संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी, जब ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत हमलों में हो गई थी।

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दाहिने में हाथ में 6 उंगली का दावा

वीडियो में यूजर्स ने दावा किया कि नेतन्याहू की दाहिनी हाथ की उंगलियां छह दिख रही हैं। कई पोस्ट्स पर लाखों व्यूज आए। कैप्शन में लिखा था – ‘क्लासिक AI फिंगर ग्लिच’ या ‘उनके हाथ को ध्यान से देखो’। कुछ यूजर्स, ज्यादातर अनवेरिफाइड अकाउंट्स से, कह रहे थे कि नेतन्याहू की मौत हो चुकी है।

एक यूजर ने हिब्रू में लिखा – ‘हे बिबी, क्या तुम इतने स्पेशल हो कि छह उंगलियां हैं, या तुम बहुत पहले हमसे चले गए हो?’ अमेरिकी कमेंटेटर कैंडेस ओवेंस ने भी सवाल उठाया। उन्होंने लिखा – ‘बिबी कहां हैं? उनका ऑफिस फेक AI वीडियो क्यों जारी और डिलीट कर रहा है? व्हाइट हाउस में इतना पैनिक क्यों है?’

एआई ने दावा बताया गलत

लेकिन X का AI चैटबॉट Grok ने इन दावों को गलत बताया। Grok ने कहा – ‘नहीं, नेतन्याहू के हर हाथ में पांच उंगलियां हैं, जैसे ज्यादातर लोगों के। यह उनका दाहिना हाथ है, जो पोडियम पर पॉइंटिंग जेस्चर में है। लाल सर्कल और एंगल से ऑप्टिकल इल्यूजन बन रहा है जो गलत लग रहा है। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस वीडियो का एक स्टिल है।’

Grok ने मौत की अफवाहों पर भी कहा – ‘नेतन्याहू जिंदा हैं। ईरानी मीडिया और सोशल पोस्ट्स से मौत की अफवाहें फैलीं, लेकिन Snopes, Times of Israel जैसे सोर्स ने इन्हें फेक बताया है। हमेशा ऑफिशियल वेरिफाइड सोर्स पर भरोसा करें।’

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नेतन्याहू के बेटे ने भी किया था ट्वीट

एक पेज जिसका नाम Kremlin था (लेकिन रूसी प्रेसिडेंट ऑफिस से कोई कनेक्शन नहीं), ने कहा कि इजरायली ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट प्रेस कॉन्फ्रेंस से अचानक चले गए और थोड़ी देर बाद लौटे।

लोगों का ध्यान नेतन्याहू के बेटे यैर नेतन्याहू के सोशल मीडिया अकाउंट पर भी गया। यैर आमतौर पर X पर बहुत एक्टिव रहते हैं, लेकिन उनकी आखिरी पोस्ट 9 मार्च की थी।

8 की जगह 2 चरणों में क्यों होगी बंगाल में वोटिंग? चुनाव आयोग ने वजह बता दी

भारत निर्वाचन आयोग ने रविवार यानी 15 मार्च को पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव का ऐलान कर दिया है। अबकी बार बंगाल विधानसभा चुनाव में आयोग ने एक बड़ा बदलाव किया है।

2021 में जहां पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर 8 चरणों में मतदान हुआ था तो वहीं अबकी इसे घटाकर मात्र दो चरणों में समेट दिया गया है। बंगाल में पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल और दूसरे चरण की 29 अप्रैल को होगी।

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने तारीखों का एलान करते हुए साफ किया कि बंगाल के साथ-साथ असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के चुनावी नतीजे भी 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

बंगाल में चरणों की संख्या में इस भारी कटौती को प्रशासनिक और सुरक्षा प्रबंधन के लिहाज से एक बड़े सुधार के तौर पर देखा जा रहा है। आयोग का मानना है कि इससे न केवल चुनाव प्रक्रिया में तेजी आएगी, बल्कि सुरक्षा बलों के प्रबंधन में भी आसानी होगी।

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चरणों को घटाने के पीछे क्या है आयोग का तर्क?

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब मुख्य चुनाव आयुक्त से चरणों को 8 से घटाकर 2 करने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह फैसला काफी सोच-विचार और चर्चा के बाद लिया गया है।

उन्होंने बताया, ‘आयोग ने विस्तृत विचार-विमर्श किया और पाया कि चरणों को कम करना सभी पक्षों के लिए सुविधाजनक होगा।’ आयोग का उद्देश्य चुनाव को कम समय में और अधिक सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है, ताकि आम जनता और चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मियों को लंबी प्रक्रिया से राहत मिल सके।

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पश्चिम बंगाल 2026 चुनाव फुल शेड्यूल

चुनाव से जुड़ा कार्यक्रम पहला चरण (152 सीटें) दूसरा चरण (142 सीटें)
गजट नोटिफिकेशन जारी 30 मार्च 2026 (सोमवार) 2 अप्रैल 2026 (गुरुवार)
नामांकन की आखिरी तारीख 6 अप्रैल 2026 (सोमवार) 9 अप्रैल 2026 (गुरुवार)
नामांकन पत्रों की जांच 7 अप्रैल 2026 (मंगलवार) 10 अप्रैल 2026 (शुक्रवार)
नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 9 अप्रैल 2026 (गुरुवार) 13 अप्रैल 2026 (सोमवार)
मतदान की तारीख 23 अप्रैल 2026 (गुरुवार) 29 अप्रैल 2026 (बुधवार)
मतगणना (काउंटिंग) 4 मई 2026 (सोमवार) 4 मई 2026 (सोमवार)
चुनाव प्रक्रिया पूरी होने की अंतिम तारीख 6 मई 2026 (बुधवार) 6 मई 2026 (बुधवार)

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पांच राज्यों का चुनावी शेड्यूल

आयोग ने बंगाल के अलावा अन्य राज्यों के लिए भी तारीखें साफ कर दी हैं। बंगाल को छोड़कर अन्य सभी राज्यों में मतदान एक ही दिन में संपन्न होगा।

  • असम, केरल और पुडुचेरी: यहां 9 अप्रैल को एक ही चरण में वोट डाले जाएंगे।
  • तमिलनाडु: 234 सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान होगा।
  • पश्चिम बंगाल: 294 सीटों के लिए 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में वोटिंग होगी।

सभी राज्यों में कुल मिलाकर 2.18 लाख पोलिंग स्टेशन बनाए जाएंगे, ताकि मतदाता बिना किसी बाधा के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

इंटरमिटेंट फास्टिंग के नुकसान: पतले होने के चक्कर में दिल पर बढ़ रहा है दबाव

इंटरमिटेंट फास्टिंग एक ऐसी डाइट है जिसके बारे में हम सभी ने कभी न कभी सुना होगा। इसका इस्तेमाल लोग वजन घटाने, ब्लड शुगर कंट्रोल करने और शरीर को डिटॉक्स करने के लिए करते हैं। ज्यादातर लोग इस डाइट का इस्तेमाल वजन घटाने के लिए करते हैं। कई बॉलीवुड सेलिब्रिटीज ने दावा किया कि उन्होंने इंटरमिटेंट फास्टिंग के जरिए अपना वजन तेजी से घटाया है। इस लिस्ट में भारती सिंह, आलिया भट्ट, मलाइका अरोड़ा समते कई सितारों का नाम शामिल हैं।

इंटरमिटेंट फास्टिंग के फायदों के बारे में आप सभी नहीं सुना है लेकिन क्या आप जानते हैं यह दिल और किडनी के लिए खतरनाक हो सकता है। हाल ही में एक स्टडी हुई जिसमें बताया गया कि इंटरमिटेंट फास्टिंग करने से वजन घटाने में कुछ खास नहीं मदद नहीं मिलती है। आइए इस डाइट को लेने से होने वाले नुकसान के बारे में जानते हैं।

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क्या होता है इंटरमिटेंट फास्टिंग?

इंटरमिटेंट फास्टिंग में आपको एक तय समय में खाना होता है। कुछ लोग 10 घंटे उपवास करते हैं तो कुछ 12 घंटे उपवास रखते हैं। सबसे ज्यादा पॉपुलर 16:8 का पैटर्न होता है। इसमें आपको 16 घंटों तक उपवास रखना होता है और सिर्फ 8 घंटे के बीच में खाना होता है।

Diabetes & Metabolic Syndrome में पब्लिश हुई रिपोर्ट के अनुसार जो लोग 8 घंटे से कम के अंदर ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर सब कर लेते हैं उनमें हार्ट संबंधी बीमारी का खतरा 135% तक बढ़ जाता है।

दिल पर क्यों बढ़ता है असर?

दरअसल इंटरमिटेंट फास्टिंग की वजह से ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव होता है जिसकी वजह से कोर्टिसोल हार्मोन का प्रोडक्शन बढ़ सकता है। इसके अलावा लंबे समय तक फास्टिंग करने की वजह से जरूरी पोषक की कमी हो जाती है जिसके कारण हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

क्या किडनी को करता है प्रभावित?

अगर इंटरमिटेंट फास्टिंग को सही तरीके से किया जो जाए तो कोई दिक्कत नहीं होती है। साथ ही ब्लड शुगर को रेगुलेट करने में मदद करता है। अगर आपको किडनी संबंधित समस्या है तो किसी भी तरह का उपवास करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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कोर्टिसोल का लेवल बढ़ता है

लंबे समय तक उपवास रखने की वजह से कोर्टिसोल का लेवल बढ़ जाता है। शरीर में कोर्टिसोल का लेवल हाई होने से थकान, एंग्जाइटी और तनाव महसूस होता है।

हार्मोनल इंबैलेंस

कई महिलाओं को लंबे समय तक फास्टिंग करने के कारण एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का लेवल बढ़ता है। हार्मोनल इंबैलेंस की वजह से पीरियड साइकिल पर असर पड़ता है, मूड खराब होता है और प्रेग्नेंसी में भी परेशानी आ सकती है। इसके अलावा मेटाबॉलिज्म को धीमा करता है।

डाइजेशन संबंधी परेशानियां

लंबे समय तक खाना नहीं खाने की वजह से गैस, एसिडिटी, पेट दर्द और कब्ज की समस्याएं हो सकती हैं।

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इंटरमिटेंट फास्टिंग वाले इन बातों का रखें ध्यान

  • 12 से 14 घंटे तक इंटरमिटेंट फास्टिंग करना सही माना जाता है।
  • आप क्या खा रहे हैं? इस बात का विशेष ध्यान दें।
  • हेल्दी बैलेंस डाइट लें।
  • बाहर का जंक फूड न खाएं।
  • रात को खाली पेट न सोएं।

शिवरात्रि पर अगर सुबह छूट जाए पूजा तो क्या करें? शाम में पूजा के नियम जानिए

आज देशभर में महाशिवरात्रि का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म में इस दिन का विशेष का महत्व होता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की शादी हुई थी। साल भर में 12 शिवरात्रियां आती हैं लेकिन महाशिवरात्रि को सबसे ज्यादा विशेष माना जाता है। शिवरात्रि के दिन भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए लोग उपवास करते हैं। कुछ लोग फलाहार करते हैं तो कुछ निर्जला भी इस व्रत को करते हैं। शिवरात्रि के दिन सुबह से ही शिवालयों में भक्तों की भीड़ लग जाती हैं।

इस दिन सुबह-सुबह भगवान शिव की पूजा की जाती है। अगर आप सुबह के समय में पूजा नहीं कर पाएं हैं तो शाम के समय में भी पूजा कर सकते हैं। भगवान शिव की पूजा शाम के समय में भी होता है। आइए जानते हैं शाम के समय में भगवान शिव की पूजा कैसे करनी है?

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शाम के समय में पूजा करने के नियम

सूरज डूबने से पहले स्नान कर लेना चाहिए। इसके बाद शरीर के ऊपर थोड़ा सा गंगाजल छिड़क लें और फिर भगवान शिव पर जल अभिषेक करें। इसके बाद चंदन का लेप लगाएं, बेलपत्र अर्पित करें, सफेद फूल और धतूरा चढ़ाएं। इसके बाद भगवान शिव की चलीसा पढ़ें और आरती करें। भगवान शिव को खीर, फल और मिठाई का भोग लगाएं। उसके बाद प्रसाद को अपने आसपास के लोगों में बांट दें।

शिवरात्रि का महत्व खास क्यों है?

हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस दिन लोग सुबह-सुबह उठकर मंदिर जाते हैं। भगवान को शिवलिंग पर जल, दूध, घी, बेलपत्र, धतूरा, भांग, फल- फूल और मिठाई अर्पित किया जाता है। भगवान शिव का ऊं नम शिवाय का जाप करते हैं, चलीसा पढ़ते हैं और आरती करते हैं।

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महाशिवरात्रि का शुभ मुहूर्त

महाशिवरात्रि का शुभ मुहूर्त- सुबह 6 बजकर 11 मिनट से लेकर रात 9 बजकर 23 तक मिनट तक रहेगा। आप इस दौरान कभी भी पूजा कर सकते हैं।

‘उम्मीद है चीन, जापान और फ्रांस भेजेंगे जहाज,’ ईरान के आगे बेबस हुए ट्रंप

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरानी हमलों से अमेरिका बेहद परेशान हैं। खाड़ी के कई देशों ने तेल उत्पादन रोक दिया है। वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही न होने से दुनियाभर में ऊर्जा संकट खड़ा गया है। कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति डॉलर के ऊपर पहुंच चुकी है। अमेरिका अब ईरान पर हर तरह का दबाव डाल रहा है, ताकि स्ट्रेट को खुलवाया जा सके।

वहीं ईरान इसे बंद करके अमेरिका पर युद्ध रोकने का दबाव बना रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अब चीन, जापान और ब्रिटेन जैसे देशों से उम्मीद है। उनका मानना है कि यह देश अपने जहाजों को भेजेंगे, ताकि स्ट्रेट को खुला रखा जा सके।

डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को अपने ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘कई वह देश जो ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने करने के प्रयास से प्रभावित हैं, वह अमेरिका के साथ स्ट्रेट को खुला और सुरक्षित रखने के लिए युद्धपोत भेजेंगे।’

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ट्रंप ने बताई ईरान की सबसे बड़ी ताकत

ट्रंप ने आगे दावा किया, ‘हमने ईरान की 100 फीसद सैन्य क्षमता को पहले ही नष्ट कर दिया है। मगर एक-दो ड्रोन भेजना, कोई माइन गिराना या इस जलमार्ग के आस-पास और इसके अंदर कहीं भी कम दूरी की मिसाइल दागना आसान उनके लिए आसान हैं, भले ही वे कितनी भी बुरी तरह हार चुके हों।’ ट्रंप का यह बयान साबित करता है कि होर्मुज स्ट्रेट में ईरान अब भी बड़ी ताकत है। वह चाहे तो स्ट्रेट के यातायात को प्रभावित कर सकता है।

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को आजाद करवा लेंगे: ट्रंप

ट्रंप ने अपनी पोस्ट में उम्मीद जताई कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, यूनाइटेड किंगडम समेत अन्य देश इस इलाके में अपने जहाज भेजेंगे, ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य अब उस देश का कोई खतरा न रहे, जिसकी सैन्य शक्ति पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। ट्रंप ने आगे धमकी दी अमेरिका ईरान के तट पर बमबारी करता रहेगा। ईरानी नावों और जहाजों को पानी में तबाह किया जाएगा। किसी भी तरह हम जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला, सुरक्षित और आजाद करवा लेंगे।

खाड़ी देशों की जेलों में हजारों भारतीय कैद, क्या हैं इनके अपराध?

सुनहरे भविष्य और बेहतर कमाई की तलाश में खाड़ी देशों का रुख करने वाले हजारों भारतीयों के लिए परदेस की राह आसान साबित नहीं हो रही है। विदेश मंत्रालय द्वारा संसद में पेश किए गए चौंकाने वाले आंकड़ों के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र के विभिन्न देशों में इस समय कुल 5,548 भारतीय सलाखों के पीछे हैं। इनमें विचाराधीन कैदी और सजा काट रहे अपराधी दोनों शामिल हैं। यह स्थिति उन युवाओं के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो बिना पूरी जानकारी और कानूनी समझ के विदेश चले जाते हैं।

दरअसल, यह आंकड़े तब सामने आए जब कैराना लोकसभा क्षेत्र से सांसद इकरा चौधरी ने विदेश मंत्रालय से उन युवाओं के बारे में सवाल पूछे जो उत्तर प्रदेश से खाड़ी देशों में काम करने गए थे। विशेष रूप से उन्होंने उत्तर प्रदेश के उन युवाओं के संबंध में सवाल उठाए जो इस समय खाड़ी देशों की जेलों में फंसे हुए हैं।

इन सवालों का जवाब 13 मार्च को दिया गया। हालांकि, अपने जवाब में मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश के कैदियों के बारे में विशेष रूप से जानकारी देने के बजाय भारतीय कैदियों के आंकड़े पेश किए।

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सऊदी अरब में सबसे ज्यादा भारतीय कैदी

सरकारी आंकड़ों के अनुसार खाड़ी देशों में भारतीय कैदियों की सबसे ज्यादा संख्या सऊदी अरब में दर्ज की गई है। यहां 2,478 भारतीय जेलों में बंद हैं। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात में 1,419, कतर में 870, कुवैत में 379, बहरीन में 303 और ओमान में 99 भारतीय कैदी दर्ज किए गए हैं। ये आंकड़े 31 दिसंबर 2025 तक के आधिकारिक रिकॉर्ड पर आधारित हैं।

क्या हैं इनके अपराध?

दस्तावेज में यह नहीं बताया गया कि ये कैदी किस-किस अपराध के कारण जेल में हैं। इसमें सिर्फ यह कहा गया है कि ये विचारणाधीन और दोषसिद्ध दोनों तरह के कैदी हैं। कुछ मामलों में भर्ती एजेंटों की धोखाधड़ी और मादक पदार्थ से जुड़े आरोप का जिक्र उदाहरण के तौर पर किया गया है। हालांकि, ऐसे कई अपराध हैं जिनके बारे में इन भारतीय कैदियों के संदर्भ में अक्सर सुनने को मिलता है।

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खाड़ी देशों में भारतीयों के जेल जाने के पीछे कई कारण सामने आते हैं। इनमें सबसे आम वजह वीजा और रेजिडेंसी नियमों का उल्लंघन है। कई लोग टूरिस्ट वीजा पर जाकर वहीं नौकरी तलाशने लगते हैं या वीजा खत्म होने के बाद भी देश में रह जाते हैं, जो वहां गंभीर अपराध माना जाता है।

इसके अलावा ड्रग्स और शराब से जुड़े अपराध भी बड़ी वजह हैं। खासकर सऊदी अरब में शराब का सेवन, निर्माण या बिक्री सख्त रूप से प्रतिबंधित है और नशीले पदार्थों के मामलों में बेहद कड़ी सजा का प्रावधान है।

इसके अलावा, कई लोग ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने, बिना परमिट के सामान बेचने या कर्ज न चुका पाने जैसे अपराधों के कारण जेल पहुंच जाते हैं। वहीं दूसरी ओर, कई भारतीय जो फर्जी एजेंटों की चाल में फंसकर विदेश जाते हैं, बाद में वे कानूनी पचड़ों में उलझ जाते हैं और अंततः उन्हें जेल की सजा काटनी पड़ती है।

रोजमेरी या टी ट्री ऑयल, बालों के लिए क्या है ज्यादा फायदेमंद?

हमारे खराब लाइफस्टाइल और खानपान का असर हमारे बालों पर भी दिखता है। इस वजह से बाल रुखे और बेजान नजर आते हैं। बालों को स्वस्थ और फ्रीज फ्री रखने के लिए एसेंशियल ऑयल की मदद लें सकते हैं। एसेंशियल ऑयल से बालों को पोषण मिलता है। साथ ही ग्रोथ को बढ़ाने का काम करता है। आपने अक्सर सुना होगा कि बालों के लिए रोजमेरी ऑयल और टी ट्री ऑयल अच्छा होता है। ये दोनों तेल बालों की ग्रोथ और डैंड्रफ से छुटकारा पाने में मदद करते हैं। आइए जानते हैं इन दोनों तेलों में से कौन सा बालों के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है।

बालों की ग्रोथ ब्लड फलो, हार्मोन, कैसा खानपान है और हमारे जीन्स कैसे हैं? इन सभी बातों पर निर्भर करता है। रोजमेरी या टी ट्री ऑयल आपके बालों को रातोंरात नहीं उगाता है। ये दोनों चीजें आपके स्कैल्प से जुड़ी समस्याओं को ठीक करती हैं ताकि बालों की ग्रोथ अच्छी हो सकें।

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रोजमेरी का तेल

रोजमेरी का तेल बालों के लिए बहुत अच्छा होता है। यह बालों के अच्छा होता है। यह तेल आपके स्कैल्प में ब्लड फ्लो को बढ़ाने का काम करता है ताकि ऑक्सीजन और पोषण जड़ों तक पहुंचता है। पतले बाल और बाल झड़ने की समस्या को कम करने में मदद करता है। कुछ अध्ययनों में कहा गया कि रोजमेरी मिनोक्सिडिल की तरह काम करता है। बालों की ग्रोथ बढ़ती है। बाल झड़ने और टूटने की समस्या को रोकता है। जो लोग पहले से गंजेपन की समस्या से गुजर रहे हैं। उनकी समस्या को ठीक नहीं हो सकती है।

टी ट्री ऑयल

टी ट्री ऑयल बैक्टीरिया और फंगस की समस्या को खत्म करने का काम करता है। यह डैंड्रफ और स्कैल्प में संक्रमण के खतरे को कम करता है। साफ स्कैल्प बालों को बेहतर तरीके से उगने में मदद करता है। इसके अलावा जिनको खुजली की समस्या रहती है उन्हें टी ट्री ऑयल का इस्तेमाल करना चाहिए।

रोजमेरी और टी ट्री में क्या अंतर है?

रोजमेरी ऑयल बालों की ग्रोथ में मदद करता है। वहीं, टी ट्री ऑयल बालों के स्कैल्प को साफ रखता है। दोनों के अपने-अपने काम है।

इन तेलों को इस्तेमाल कैसे करना है

आपको सीधा इन तेलों को बाल में नहीं लगाना है। आपको सबसे पहले 2 चम्मच नारियल तेल या बादाम का तेल लेना है। उसमें 4 से 5 बूंदें रोजेमरी और 3 से 4 बूंदे टी ट्री ऑयल के डालने है। अपने स्कैल्प में लगाकर मसाज करें। तेल लगाने के बाद एक या दो घंटे को छोड़ दें। इसके बाद शैंपू लगाकर बाल धो लें।