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अब मचेगी तबाही! होर्मुज स्ट्रेट में स्पेशल यूनिट भेज रहा अमेरिका

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिका की एक नहीं चल रही है। ईरान अपने हिसाब से जहाजों को निशाना बना रहा है। वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हमले और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में आई बाधा ने डोनाल्ड ट्रंप को भी चिंता में डाल दिया है। अब उन्हें उम्मीद है कि शायद चीन,जापान, फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देश अपने जहाज भेजेंगे, ताकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला रखा जा सके।

अमेरिका ने एक ओर जहां खार्ग आइलैंड पर हमला करके ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश की तो वहीं अब एक नई रणनीति अपनाने जा रहा है। ट्रंप प्रशासन होर्मुज में करीब 2500 मरीन सैनिकों की तैनाती कर रहा है, ताकि स्ट्रेट को ईरानी हमलों के बीच खुला रखा जा सके। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जापान के ओकिनावा में तैनात रहने वाली अमेरिका की 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट (एमईयू) से सैनिकों के आने की उम्मीद है। इस यूनिट के पास यूएसएस त्रिपोली समेत कई अन्य युद्धपोत हैं।

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माना जा रहा है कि ईरान की नेवी स्ट्रेट के आसपास स्थित छोटे आइलैंड से संचालित होती है। यहां से वह छोटी नावों से भी हमला करने में सक्षम है। इन द्वीपों में ड्रोन लॉन्च साइट, मिसाइल बटरियां और बारूदी सुरंग बिछाने वाली टीमें तैनात हैं। मरीन सैनिकों की तैनात के बाद अमेरिका को इन द्वीपों पर विशेष ऑपरेशन चलाने की ताकत मिल जाएगी।

कैसे काम करती है मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट?

अमेरिका ने मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट को अंतरराष्ट्रीय संकट से निपटने के उद्देश्य से बनाया है। इनके पास विशेष उभयचर युद्धपोत होते हैं। जिनकी मदद से जमीनी सेना को समुद्र तट तक पहुंचाया जाता है। हर यूनिट में लगभग 2500 सैनिक होते हैं। उनकी एक कमान यूनिट भी होती है।

मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट के पास तीन तरह का सपोर्ट होता है। उनके पास जमीनी युद्ध यूनिट होती है। इसमें बदल सेना, बख्तरबंद गाड़ियां और तोपे होती हैं। हवाई युद्ध यूनिट में एफ-35बी लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर शामिल होते हैं। इसके अलावा एक रसद यूनिट होती है। वह जरूरत की सामान की आपूर्ति, परिवहन, रखरखाव और चिकित्सा पर ध्यान देती है।

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अमेरिका ने दी तबाही मचाने की धमकी

हाल ही में अमेरिकी सेना ने ईरान के खार्ग द्वीप पर सिर्फ सैन्य ठिकानों पर तबाही मचाई। अब डोनाल्ड ट्रंप ने तेल निर्यात केंद्र को निशाना बनाने की बात कही है। ट्रंप ने कहा, अमेरिकी हमलों ने खार्ग आइलैंड के अधिकांश हिस्से को पूरी तरह से तबाह कर दिया है। ट्रंप ने आगे कहा, ‘हम मजे के लिए कुछ और हमले कर सकते हैं।’ उनका दावा है कि ईरान समझौता करना चाहता है लेकिन अमेरिका अभी तैयार नहीं है।

46,000 MT LPG शिवालिक ले आया, जग लाडकी 81,000 MT लेकर कहां तक पहुंचा? 

ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के बीच भारत में रसोई में खाना बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस यानी एलपीजी का संकट गहराने लगा था। देशभर में एलपीजी सिलेंडर के लिए लंबी कतारें लगने लगी हैं और काला बाजारी के कारण कई जगह तो सिलेंडर वास्तविक कीमत से कहीं ज्यादा पर बेचा जा रहा है। इस बढ़ते संकट के बीच अब भारतीयों के लिए अच्छी खबर यह है कि भारतीय LPG कैरियर ‘शिवालिक’ सोमवार शाम मुंद्रा पोर्ट पर पहुंच गया है।

इस कैरियर में कुल 46,000 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस लदी थी। इस कैरियर को इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने मंगवाया था। यह जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर गुजरात के मुंद्रो पोर्ट पर सुरक्षित पहुंच गया है। गैस संकट के बीच भारत के लिए यह एक बड़ी राहत की खबर है।

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सरकार ने किए थे खास इंतजाम

इस कार्गो शिप का इंतजार भारत काफी समय से कर रहा था। सोमवार को पश्चिमी एशिया में जारी तनाव पर दिल्ली में अधिकारियों ने एक प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए मिनिस्ट्री ऑफ पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग ने इस शिप के बारे में बताया था। मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि शिवालिक के कार्गो को उतारने में कोई देरी ना हो इसके लिए सरकार कोशिशें कर रही है। इसके लिए दस्तावेज का काम और प्राथमिकता के आधार पर बर्थिंग की व्यवस्था कर ली है।

जग लाडकी कहां पहुंचा?

भारत के लिए एक अच्छी खबर यह भी है कि कच्चा तेल लेकर ‘जग लाडकी’ शिप भारत की ओर आ रहा है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से जारी प्रेस रिलीज में कहा गया है,’14 मार्च, 2026 को जब भारतीय झंडे वाला जहाज ‘जग लाडकी’, फुजैराह सिंगल प्वाइंट मूरिंग में कच्चा तेल लोड कर रहा था, तब फुजैराह तेल टर्मिनल पर अटैक हुआ।’

हालांकि, इसके बाद जग लाडकी 10 बजकर 30 मिटन पर फुजैराह से सुरक्षित निकल गया। इसपर 80,800 मिट्रिक टन मुरबान कच्चा तेल है। सराकर की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, जहाज और जहाज पर सवार सारे भारतीय क्रू मेंबर्स सुरक्षित हैं। मुरबान क्रूड ऑयल बहुत ही हाई क्वालिटी का कच्चा तेल है।

कांडला पहुंचेगा

‘नंदा देवी’

शिप

इन दोनों के लिए अलावा ‘नंदा देवी’ शिप भी भारत पहुंचने वाला है। इस शिप ने शनिवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार किया था। आज ‘नंदा देवी’ शिप गुजरात के कांडला पोर्ट पर पहुंच सकता है।’नंदा देवी’ जहाज करीब 46 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर कांडला पहुंचेगा।

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सुरक्षा के लिए तैनात वॉरशिप

पश्चिमी एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईरान के पास मौजूद दुनिया के अहम समुद्री रास्ते होर्मुज स्ट्रेट से शिप को लाना आसान काम नहीं है। भारत ने होर्मुज स्ट्रेट के पास अपने दो युद्धपोत तैनात किए हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय नौसेना के ये टास्क फोर्स जहाज तेल और गैस लेकर भारत आने वाले व्यापारिक जहाजों और टैंकरों को सुरक्षा देंगे। साथ ही जरूरत पड़ने पर उन्हें हर तरह की सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।

10 मिनट में बनने वाला पोहा, कैसे घटाएगा वजन? जानिए फायदे

सुबह का नाश्ता शरीर के लिए बहुत जरूरी माना जाता है। इसलिए आपको सुबह के नाश्ता जितना हो उतना हेल्दी रखना चाहिए। हेल्दी नाश्ता मतलब आपकी सुबह की डाइट में प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होनी चाहिए। प्रोटीन युक्त चीजें लेने से आपका पेट लंबे समय तक भरा रहता है जिसकी वजह से आपको जल्दी भूख नहीं लगती है।

आप सुबह के नाश्ते में पोहा बना सकते हैं। आप इसे अपने हिसाब से अलग-अलग तरीके से बना सकते हैं। पोहा एक हाई प्रोटीन डाइट माना जाता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट, फाइबर और हेल्दी फैट पाया जाता है। इम्यूनिटी को मजबूत करता है और मेटाबॉल्जिम के लिए भी अच्छा होता है।

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कैसे बनता है हेल्दी पोहा?

सबसे पहले आप पोहा को धोकर भिगो लें। इसके बाद कढ़ाही में घी, राई, जीरा, करी पत्ता और हरी मिर्च डालें। अब प्याज, शिमला मिर्च को अच्छी तरह से भून लें। अब उसमें मूंग स्प्राउट्स, उबले मटर और पनीर के टुकड़े डालें। इन सभी चीजों को 1 से 2 मिनट के लिए पकाएं और फिर भिगा हुआ पोहा डालें और हल्के हाथों से सूखे मसाले मिलाएं। बाद में नींबू का रस और हरा धनिया डालें। अभिनेत्री तमन्ना भाटिया ने भी अपने इंटरव्यू में बताया था कि वजन घटाने के लिए सुबह में पोहा के साथ स्प्राउट्स को मिलाकर खाती है।

पोहा खाने के फायदे

पोहा आसानी से पच जाता है। इसमें फाइबर की अच्छी मात्रा होती है जिसकी वजह से आपका पेट लंबे समय तक भरा रहता है। यह लो कैलोरी डाइट है। 1 प्लेट पोहे में 150 ग्राम से 200 ग्राम पोहा होता है।

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लो कैलोरी

वजन घटाने के लिए जरूरी है कि आप लो कैलोरी वाली चीजों का सेवन करें। इसमें मौजूद प्रोटीन और फाइबर आपके पेट को लंबे समय तक भरा रखता है जिसकी वजह से आप बाहर का खाना नहीं खाते हैं।

पाचने के लिए फायदेमंद

पोहा हल्का नाश्ता है लेकिन पेट के लिए बहुत फायदेमंद है। इससे एसिडिटी की समस्या नहीं होती है। पोहा आपके मेटाबॉल्जिम के लिए बेहतर होता है जिसके कारण ब्रेन बहुत एक्टिव रहता है।

बल्ड शुगर को नियंत्रित करता

पोहा शुगर को नियंत्रित करने में मदद करता है। खासतौर से हार्ट डिजीज और टाइप 2 डायबिटीज के मरीज के लिए बहुत फायदेमंद है।

आयरन की भरपूर मात्रा होती है

आयरन की कमी की वजह से थकान होती है जिसकी वजह से वेटलॉस जर्नी में दिक्कत होती है। पोहा में आयरन की अच्छी मात्रा होती है जो शरीर में हीमोग्लोबिन के लेवल को बढ़ाने का काम करता है।

दिमाग के लिए फायदेमंद

पोहा में विटामिन बी की मात्रा होती है जो दिमाग को एक्टिव रखने में मदद करता है। इसके अलावा इसमें सब्जियां होती है जिसस जरूरी विटामिन्स, मिनरल्स और एंटी ऑक्सीडेंट मिलते हैं।

ईरान ने डिएगो गार्सिया द्वीप पर अमेरिका-ब्रिटेन के सैन्य अड्डे पर दागीं मिसाइलें

News Desk

लंदन। मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान की मिसाइल कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं को और गहरा कर दिया है। रिपोर्टों के मुताबिक ईरान ने हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया द्वीप पर अमेरिका और ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य अड्डे को निशाना बनाते हुए लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि ये मिसाइलें अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकीं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक डिएगो गार्सिया द्वीप पर स्थित यह सैन्य अड्डा रणनीतिक रूप से अत्यंत अहम है। बताया जा रहा है कि यह हमला मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के बीच पहली बार इतनी लंबी दूरी की मिसाइलों के इस्तेमाल का संकेत देता है। इजराइल डिफेंस फोर्स के मुताबिक युद्ध शुरू होने के बाद इस स्तर की क्षमता का प्रदर्शन पहली बार देखा गया है। हालांकि ईरान ने आधिकारिक रूप से इस हमले की पुष्टि नहीं की है। ईरानी मीडिया भी इस संबंध में विदेशी स्रोतों के हवाले से ही रिपोर्टिंग कर रहा है। अमेरिकी मीडिया संस्थानों ने अज्ञात अधिकारियों के हवाले से इस घटना की जानकारी दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस असफल हमले के बावजूद इसकी रणनीतिक अहमियत कम नहीं है। इससे यह संकेत मिलता है कि ईरान अपनी मिसाइल क्षमता का दायरा बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। वर्तमान में चागोस द्वीपसमूह ईरान से करीब 3800 किलोमीटर दूर है, जो इसकी मारक क्षमता का एक अहम संकेतक है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या भविष्य में यूरोप के प्रमुख शहर जैसे लंदन, पेरिस और बर्लिन भी इस दायरे में आ सकते हैं। हालांकि, ब्रिटेन के एक कैबिनेट मंत्री ने कहा है कि फिलहाल इस बात का कोई ठोस प्रमाण नहीं है कि ईरान के पास इतनी लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलें हैं।
बता दें हाल ही में ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को लेकर वैश्विक स्तर पर वार्ता चल रही थी, लेकिन इस घटनाक्रम ने उस प्रक्रिया को भी प्रभावित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात इसी तरह बिगड़ते रहे, तो यह क्षेत्रीय संघर्ष एक व्यापक वैश्विक संकट का रूप ले सकता है।

चमकने वाला है इन राशियों का भाग्य, जानें क्या कहता है आपका सितारा

महीने के कई दिन ऐसे होते हैं जो नई शुरुआत और बड़े बदलावों का संकेत देते हैं। ऐसा ही दिन है 19 फरवरी गुरुवार का जिस दिन अगर आप किसी खास काम की शुरुआत करना चाहते हैं तो यह दिन आपके नेतृत्व और आत्मविश्वास को नई ऊचाइयों पर ले जा सकता है।

आज फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया है। चंद्रमा आज कुंभ राशि में अपनी चाल बदल रहे हैं, जिससे समाज और रिश्तों में एक नई ऊर्जा देखने को मिलेगी। वहीं आज का मूलांक 1 होने के कारण, सूर्य देव की कृपा से उन लोगों को विशेष लाभ होगा जो नई योजनाओं पर काम कर रहे हैं।

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कैसा रहेगा आपकी राशि का हाल?

मेष राशि

जोश और तरक्की का दिन करियर के मामले में आज का दिन शानदार है, प्रमोशन की खुशखबरी मिल सकती है।

क्या करें: जरूरी फैसले बेझिझक लें और परिवार के साथ समय बिताएं।

क्या न करें: गुस्से पर काबू रखें और जल्दबाजी में कहीं भी पैसा न लगाएं।

वृषभ राशि

धन लाभ के योग आर्थिक रूप से आज आप काफी मजबूत महसूस करेंगे और पुराने निवेश फायदा देंगे।

क्या करें: बचत की योजना बनाएं और अपनों की सलाह लेकर आगे बढ़ें।

क्या न करें: फालतू के खर्चों से बचें और पुरानी कड़वी बातों को याद न करें।

मिथुन राशि

हुनर दिखाने का मौका आपकी बातचीत का तरीका आज आपको व्यापार और शिक्षा में बड़ी सफलता दिला सकता है।

क्या करें: कुछ नया सीखें और दोस्तों या सहकर्मियों के साथ मीटिंग करें।

क्या न करें: दूसरों की बुराई (गपशप) में समय खराब न करें और सेहत का ध्यान रखें।

कर्क राशि

घर में बढ़ेगी खुशहाली आज का दिन अपनों के बीच सुकून से बीतेगा। मानसिक शांति के लिए दिन अच्छा है।

क्या करें: घर के पेंडिंग काम पूरे करें और रिश्तों में गहराई लाएं।

क्या न करें: अकेलेपन में न खोएं और बहुत ज्यादा भावुक होकर फैसले न लें।

सिंह राशि

बढ़ेगा मान-सम्मान आपकी लीडरशिप क्वालिटी की हर जगह तारीफ होगी और नए लक्ष्य पूरे होंगे।

क्या करें: अपनी टीम को साथ लेकर चलें और नए लोगों से मिलें।

क्या न करें: अपने भीतर ईगो न आने दें और बेवजह का रिस्क न लें।

कन्या राशि

करियर में सुधार आज आपकी योजनाएं और आपकी मेहनत रंग लाएगी। काम करने का तरीका सबको पसंद आएगा।

क्या करें: योग और प्राणायाम करें, साथ ही हर छोटी बात पर ध्यान दें।

क्या न करें: छोटी-छोटी बातों की चिंता करना छोड़ें और दूसरों की आलोचना से न डरें।

तुला राशि

रिश्तों में आएगा सुधार पार्टनर के साथ तालमेल बढ़िया रहेगा और प्रेम जीवन में मधुरता घुलेगी।

क्या करें: पार्टनर के साथ अच्छा समय बिताएं और अपनी रचनात्मकता दिखाएं।

क्या न करें: फैसले लेने में देरी न करें और बुरी आदतों से दूरी बनाएं।

वृश्चिक राशि

अचानक मिलेगा अवसर आज आपको कुछ ऐसे मौके मिल सकते हैं जिनके बारे में आपने सोचा न था।

क्या करें: मन को शांत रखने के लिए ध्यान लगाएं और निडर होकर आगे बढ़ें।

क्या न करें: मन में किसी के प्रति नफरत या गुस्सा न पालें।

धनु राशि

ज्ञान और यात्रा का योग शिक्षा या पढ़ाई-लिखाई से जुड़े लोगों के लिए आज का दिन काफी लकी साबित होगा।

क्या करें: नई जगह घूमने का प्लान बनाएं और कुछ अच्छा पढ़ें।

क्या न करें: किसी भी काम में लापरवाही न बरतें।

मकर राशि

लंबे समय से किए जा रहे प्रयासों का फल आज आपको प्रमोशन या धन के रूप में मिल सकता है।

क्या करें: अपने अनुशासन को बनाए रखें। भविष्य के लिए बचत करें।

क्या न करें: आलस को खुद पर हावी न होने दें। परिवार को नजरअंदाज न करें।

कुंभ राशि

आज आप खुद को समाज से जुड़ा हुआ महसूस करेंगे। आपके नए विचार सफल होंगे।

क्या करें: नए लोगों से नेटवर्क बढ़ाएं। ग्रुप एक्टिविटीज में हिस्सा लें।

क्या न करें: खुद को सबसे अलग-थलग न करें। जल्दबाजी से बचें।

मीन राशि

शांति और समृद्धि आध्यात्मिक और रचनात्मक कार्यों के लिए आज का दिन आपके पक्ष में है।

क्या करें: पूजा-पाठ के काम में मन लगाएं और दूसरों की मदद करें।

क्या न करें: ख्याली पुलाव न पकाएं, हकीकत पर ध्यान दें और सेहत का ख्याल रखें।

डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत जानकारी के लिए ज्योतिषि से संपर्क करें।

नेपाल में 200 फीट गहरी खाई में गिरी बस, सात भारतीयों की मौत

नेपाल के गोरखा जिले में एक बड़ी सड़क दुर्घटना हुई है। इसमें 7 भारतीय तीर्थयात्रियों की मौत हो गई और 7 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। ये सभी नेपाल स्थित मनकामना मंदिर के दर्शन के लिए गए थे। वहां से लौटते समय बस गहरी खाई में गिर गई। घायलों को चितवन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।

यह घटना 14 मार्च की रात की है। पुलिस के अनुसार बस 200 फीट गहरी खाई में जा गिरी। पुलिस ने देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। फिलहाल हादसे की वजह तलाशी जा रही है।

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भारतीय तीर्थयात्रियों की हुई मौत

गोरखा जिले के ट्रैफिक पुलिस अधिकारी सूरज ने बताया कि मृतकों पांच पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। ये सभी भारतीय नागरिक थे। इस हादसे में बस का ड्राइवर बच गया है, जबकि सहायक गंभीर रूप से घायल है।

नेपाल में बढ़ते सड़क हादसे

23 फरवरी को भी नेपाल के धादिंग जिले में एक बस खाई में जा गिरी थी। इस हादसे में 19 लोगों की जान गई थी और 25 लोग बुरी तरह घायल हुए थे। बस में कुल 44 लोग सवार थे।

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विश्व बैंक की एक स्टडी के मुताबिक नेपाल में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाला आर्थिक नुकसान 2007 के बाद तीन गुना बढ़ गया है। इन घटनाओं और आंकड़ों से यह सवाल उठता है कि इस समय नेपाल में पर्यटन करना कितना सुरक्षित है।

ओडिशा कांग्रेस में हुई बगावत, सबसे ज्यादा चर्चा में क्यों हैं सोफिया फिरदौस?

सोमवार को सम्पन्न हुए राज्यसभा चुनाव में बीजेपी के उम्मीदवारों का बोलबाला रहा। देश में खाली हुई 37 राज्यसभ सीटों में से 26 उम्मीदवार निर्विरोध पहले ही जीत गए थे। बची हुई 11 सीटों के लिए चुनाव हुए इसमें 11 में से 9 सीटें बीजेपी ने जीत लीं और तीन सीटें ही विपक्ष को नसीब हुईं। यह चुनाव हरियाणा, बिहार और ओडिशा में हुए। कांग्रेस ने दो और बीजू जनता दल (BJD) ने एक सीट पर जीत हासिल की।

ओडिशा की 4 सीटों में से 3 एनडीए और 1 बीजेडी उम्मीदवार ने जीती। हरियाणा की दो सीटों में से एक पर बीजेपी और एक पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की। इस बीच चाहे कांग्रेस हो आरजेडी हो या बीजेडी सभी के विधायकों ने एनडीए के समर्थन में क्रॉस वोटिंग की। इसमें ओडिशा की बाराबती-कटक सीट से कांग्रेस विधायक सोफिया फिरदौस का भी नाम शामिल है। सोफिया के इस कदम से कांग्रेस सकते में है।

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पहली मुस्लिम महिला विधायक

सोफिया फिरदौस ओडिशा विधानसभा के लिए चुनी जाने वाली पहली मुस्लिम महिला विधायक हैं। फिरदौस ने बीजेपी के पूर्ण चंद्र महापात्रा को 8,001 वोटों के अंतर से हराया था। ऐसे में आइए जानते हैं कि अपनी ही पार्टी कांग्रेस को झटका देने वाली सोफिया फिरदौस कौन हैं?

सोफिया फिरदौस कौन हैं?

  • सोफिया फिरदौस 34 साल की एक युवा नेत्री हैं। वह राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखती हैं। सोफिया कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोहम्मद मोकिम की बेटी हैं। कांग्रेस ने फिरदौस को 2024 के ओडिशा विधानसभा चुनाव में उनके पिता मोकिम की जगह टिकट दिया। चुनाव में वह भारी वोटों के अंतर से जीत गई थीं।
  • सोफिया फिरदौस के ने कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। उन्होंने 2022 में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, बैंगलोर से एग्जीक्यूटिव जनरल मैनेजमेंट प्रोग्राम का कोर्स भी पूरा किया।
  • सोफिया को 2023 में कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन्स ऑफ इंडिया (CREDAI) के भुवनेश्वर चैप्टर का अध्यक्ष चुना गया था। वह CREDAI महिला विंग के लिए पूर्वी जोन कोऑर्डिनेटर के तौर पर भी काम करती हैं।
  • सोफिया की शादी बिजनेसमैंन शेख मेराज उल हक से हुई है। वह ओडिशा की पहली महिला मुख्यमंत्री नंदिनी सत्पथी के नक्शेकदम पर चल रही हैं। नंदिनी सत्पथी 1972 में से विधायक चुनी गई थीं।

ओडिशा में बीजेपी

बता दें कि 2024 के ओडिशा विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने ने 147 में से 78 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया था। इस चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की करारी हार हुई थी और बीजू जनता दल का 24 साल का शासन खत्म हो गया था। लोकसभा चुनावों में भी बीजेपी ने ओडिशा की 21 में से 20 सीटों पर जीत दर्ज की थी।

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सुख-समृद्धि के साथ इन 10 बीमारियों से राहत देती है रोजाना तुलसी का सेवन, जानिए इसके चमत्कारी गुण

News Desk

धर्म और संस्कृति से गहराई से जुड़ी तुलसी भारतीय आस्था का अभिन्न हिस्सा बनी हुई है. पूजा-पाठ, व्रत और धार्मिक अनुष्ठानों में तुलसी दल का उपयोग विशेष रूप से किया जाता है, वहीं भगवान विष्णु और कृष्ण की आराधना तुलसी के बिना अधूरी मानी जाती है. अर आप हर दिन तुलसी का सेवन करते हैं तो आपको कई परेशानियों और बीमारियों से राहत मिलेगी. आइए जानते हैं हर दिन तुलसी खाने के फायदे…

हिंदू धर्मग्रंथों से लेकर घर-घर की परंपराओं तक, तुलसी को केवल एक पौधा नहीं, बल्कि माता लक्ष्मी का स्वरूप मानकर पूजा जाता है. घर में तुलसी का पौधा होने से नकारात्मक ऊर्जा दूर रखती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है. पूजा-पाठ, व्रत और धार्मिक अनुष्ठानों में तुलसी दल का उपयोग विशेष रूप से किया जाता है, वहीं भगवान विष्णु और कृष्ण की आराधना तुलसी के बिना अधूरी मानी जाती है. तुलसी पवित्र होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है. तुलसी पवित्र होने के साथ ही यह सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद होती है. इसी वजह से सदियों से आयुर्वेद में इसका उपयोग होता आ रहा है. तुलसी में इतने कमाल के औषधीय गुण होते हैं कि इसे जड़ी-बूटियों की रानी और जीवन का अमृत भी कहा जाता है.

शास्त्रों में तुलसी को पवित्रता, शुद्धता और भक्ति का प्रतीक बताया गया है. कई परिवारों में आज भी सुबह-शाम तुलसी चौरा पर दीप जलाने और परिक्रमा करने की परंपरा निभाई जाती है. तुलसी दल का हर रोज सेवन करने से ना केवल आत्मा पवित्र होती है बल्कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से मुक्ति मिलती है.

तुलसी हमारी इम्यूनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) को मजबूत करती है. इसमें एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल और एंटी-फंगल गुण होते हैं, जो शरीर को सर्दी-जुकाम, खांसी और संक्रमण से बचाने में मदद करते हैं. रोजाना तुलसी के पत्तों का सेवन करने से शरीर बीमारियों से लड़ने में ज्यादा सक्षम बनता है.

तुलसी का एक और बड़ा फायदा है कि यह श्वसन तंत्र के लिए बहुत लाभकारी होती है. अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और एलर्जी जैसी समस्याओं में तुलसी का काढ़ा या चाय पीने से राहत मिलती है. यह फेफड़ों को साफ रखने और सांस लेने में सुधार करने में मदद करती है. इसके अलावा, तुलसी तनाव कम करने में भी काफी मददगार होती है.

तुलसी का एक और बड़ा फायदा है कि यह श्वसन तंत्र के लिए बहुत लाभकारी होती है. अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और एलर्जी जैसी समस्याओं में तुलसी का काढ़ा या चाय पीने से राहत मिलती है. यह फेफड़ों को साफ रखने और सांस लेने में सुधार करने में मदद करती है. इसके अलावा, तुलसी तनाव कम करने में भी काफी मददगार होती है.

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव एक आम समस्या बन गई है. तुलसी में पाए जाने वाले तत्व शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन को संतुलित करते हैं, जिससे मन शांत रहता है और मानसिक तनाव कम होता है. पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में भी तुलसी का महत्वपूर्ण योगदान है. यह गैस, अपच और पेट दर्द जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करती है. तुलसी के पत्तों का सेवन करने से भूख बढ़ती है और पाचन क्रिया सुचारू रूप से चलती है.

तुलसी त्वचा के लिए भी बहुत फायदेमंद मानी जाती है. इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा को साफ और चमकदार बनाते हैं. मुंहासे, दाग-धब्बे और त्वचा संक्रमण में तुलसी का उपयोग करने से अच्छे परिणाम मिलते हैं. इतना ही नहीं, तुलसी शरीर को डिटॉक्स करने में भी मदद करती है. यह खून को साफ करती है और शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालती है. इसके नियमित सेवन से शरीर अंदर से शुद्ध और स्वस्थ रहता है.

रात में काम, घंटों की शिफ्ट से बढ़ रहा है हार्ट अटैक का खतरा

आज के समय में लोग बेहतर लाइफस्टाइल पाने के चक्कर में घंटों रात में भी काम करते हैं। क्या आप जानते हैं कि आपकी ये आदत सेहत के लिए कितनी खतरनाक है। हाल ही में एक रिसर्च हुई है जिसमें बताया गया है कि घंटों काम करने की वजह से नींद प्रभावित होती है जिसके कारण आपको सिर्फ थकान ही नहीं होती है बल्कि हृदय के लिए भी खतरनाक है। शोध में पाया गया कि रात में घंटों काम करने से आपकी नींद प्रभावित होती है। साथ ही हृदय पर भी प्रभाव पड़ता है।

US Centers for Disease Control and Prevention की रिपोर्ट के मुताबिक घंटों काम करना, रात की शिफ्ट और किसी भी समय काम करने की आदत हृदय संबंधी समस्याओं को बढ़ाने का काम करता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन की एक स्टडी में बताया गया कि सिर्फ 2016 में लंबे समय तक काम करने से हृदय रोग से लगभग 347,000 मौतें और स्ट्रोक से 398000 मौतें हुई थी। जो लोग हर हफ्ते 55 घंटे से ज्यादा काम करते हैं उनमें हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा रहता है।

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रात में काम करने बॉडी क्लॉक पर पड़ता है असर

इंसान का शरीर 24 घंटे के हिसाब से काम करता है जिसमें आपकी नींद और बाकी चीजें शामिल होती है। जब हम रात में काम करते हैं तो शरीर को पर्याप्त मात्रा में नींद नहीं मिलती है। इसकी कीमत दिल को चुकानी पड़ती है। National Institutes Of Health की रिपोर्ट के मुताबिक पर्याप्त मात्रा में नहीं लेने की वजह से कई प्रकार की दिक्कत का सामना करना पड़ता है।

  • ब्लड प्रेशर की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।
  • स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल बढ़ता है।
  • शरीर के अंदर सूजन का खतरा बढ़ जाता है।
  • कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर की मात्रा बढ़ जाती है।

जब व्यक्ति रोजाना 6 से 7 घंटे की पर्याप्त नींद नहीं लेता है तो शरीर तनाव में पहुंच जाता है। इसके कारण स्ट्रेस हार्मोन बढ़ता जो हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर को बढ़ाने का काम करता है। ब्लड प्रेशर की वजह से हार्ट स्ट्रोक और अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

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कब है चिंता की बात?

  • आराम करते समय भी ब्लड प्रेशर बढ़े रहना।
  • छाती में भारीपन
  • थोड़ा सा काम करने पर भी थकान होना।
  • हर समय थकान महसूस होना।
  • नींद नहीं आना

कैसे रखें दिल का ख्याल?

  • पर्याप्त मात्रा में नींद लें।
  • नाइट शिफ्ट है तो अपने दिन को सही तरीके से मैनेज करें।
  • रोजाना 30 से 45 मिनट की एक्सरसाइज करें।
  • स्वस्थ आदतें अपनाएं।

फुलेरा दूज 2026: मथुरा-वृंदावन में 19 फरवरी को मनाई जाएगी फूलों की होली

भगवान कृष्ण के भक्तों के लिए फुलेरा दूज का दिन बेहद खास होता है। यह वह दिन है जब उत्तर भारत, खासकर मथुरा और वृंदावन में रंगों के बजाय ताजे फूलों से होली खेली जाती है। बसंत पंचमी और मुख्य होली के बीच पड़ने वाला यह त्योहार खुशियों और आपसी प्रेम का संदेश लेकर आता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, फुलेरा दूज को साल के सबसे शुभ दिनों में से एक माना जाता है। यही कारण है कि इस दिन उत्तर भारत में शादियों की भारी धूम रहती है और लोग बिना मुहूर्त देखे नए काम की शुरुआत करते हैं।

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शुभ मुहूर्त और समय

हिन्दू कैलेंडर के हिसाब से फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया को यह पर्व मनाया जाता है।

  • तारीख: 19 फरवरी, 2026
  • तिथि की शुरुआत: 18 फरवरी को शाम 4:57 बजे से।
  • तिथि का समापन: 19 फरवरी को दोपहर 3:58 बजे तक।

क्यों खास है यह दिन?

फुलेरा दूज पूरी तरह से राधा-कृष्ण के प्रेम को समर्पित है। लोग इस दिन भगवान को फूल अर्पित कर सुख-समृद्धि की प्रार्थना करते हैं। व्यापारी वर्ग के लिए भी यह दिन बड़ा महत्व रखता है, क्योंकि इस दिन शुरू किए गए नए निवेश या बिजनेस में सफलता मिलने की संभावना मानी जाती है।

पूजा विधि और परंपराएं

इस दिन भक्त सुबह जल्दी उठकर स्नान करते हैं और घरों को फूलों व रंगोली से सजाते हैं। पूजा के दौरान राधा-कृष्ण की मूर्तियों को गुलाब जल और फूलों से स्नान कराकर नए वस्त्र पहनाए जाते हैं।

प्रसाद के रूप में पंजीरी, खोया बर्फी, मखाना खीर और पंचामृत का भोग लगाया जाता है। कृष्ण मंत्रों के जाप के साथ आरती की जाती है और फिर प्रसाद बांटा जाता है।

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ब्रज में अलग ही रौनक

मथुरा और वृंदावन के मंदिरों में इस दिन भारी भीड़ उमड़ती है। मंदिरों को फूलों के हार और खूबसूरत सजावट से महकाया जाता है। जगह-जगह लोक गीत और भजनों के कार्यक्रम होते हैं, जहाँ लोग एक-दूसरे पर फूल बरसाकर इस पावन त्योहार का आनंद लेते हैं।

गर्भवती महिला कर्मचारी को वर्क फ्रॉम होम देने से कंपनी ने किया इनकार

News Desk

वाशिंगटन। एक कंपनी को अपनी गर्भवती कर्मचारी के साथ लापरवाही बरतने के मामले में भारी कीमत चुकानी पड़ी। अमेरिका में कोर्ट ने कंपनी को करीब 22.5 मिलियन डॉलर यानी करीब 200 करोड़ रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह मामला चेल्सी वॉल्श नाम की महिला से जुड़ा है, जो टोटल क्वालिटी लॉजिस्टिक्स में काम करती थीं। चेल्सी की प्रेग्नेंसी हाई-रिस्क थी और डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने को कहा था। उन्होंने कंपनी से वर्क फ्रॉम होम की अनुमति मांगी, लेकिन कंपनी ने इनकार कर दिया और कहा कि या तो वह ऑफिस आकर काम करें या बिना वेतन की छुट्टी लें।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बिना वेतन छुट्टी लेने का मतलब था उनकी आय और हेल्थ इंश्योरेंस खत्म होना, इसलिए मजबूरी में उन्होंने ऑफिस जाकर काम जारी रखा। कुछ ही दिनों बाद उन्हें समय से पहले प्रसव पीड़ा हुई और उन्होंने एक बच्ची को जन्म दिया, लेकिन जन्म के कुछ घंटों बाद ही बच्ची की मौत हो गई। यह प्रीमैच्योर डिलीवरी थी, जो तय समय से करीब 18 हफ्ते पहले हो गई थी। इसके बाद चेल्सी ने कंपनी के खिलाफ मुकदमा दायर किया और उसे इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार ठहराया। कोर्ट की जूरी ने महिला के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कंपनी को दोषी माना और भारी जुर्माना लगाया। यह फैसला कर्मचारियों के अधिकारों, खासकर गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को लेकर एक अहम मिसाल माना जा रहा है।

‘कॉफी के लिए ही मर रहा हूं’, मौत की खबरों पर इजरायली पीएम नेतन्याहू ने ली चुटकी

ईरान पर इजरायल और अमेरिका लगतार हलमे कर रहे हैं। ईरान भी इन हमलों का करारा जवाब दे रहा है। इस बीच ईरानी मीडिया में और सोशल मीडिया में इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की मौत की खबरें फैलने लगी थीं। इन खबरों के फैलने के बाद अब इजरायली प्रधानमंत्री का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह अपनी मौत की अफवाहों पर चुटकी लेते हुए नजर आ रहे हैं। रविवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया जिसमें वह सड़क किनारे एक मार्केट में कॉफी का ऑर्डर दे रहे हैं।

सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में वह एक कैफे में नजर आ रहे हैं। इस दौरान वह यह वीडियो रिकॉर्ड करते हैं और कॉफी लेने पर कॉफी बेचने वाले को धन्यवाद कहते हैं। इसके बाद वह वीडियोग्राफर से कहते हैं कि तुम मुझसे क्या पूछना चाहते हो? वीडियोग्राफर ने उनसे कुछ चैनलों पर उनकी मौत की खबरों के बारे में पूछा तो पीएम नेतन्याहू ने मजाकिया अंदाज में कहा कि मैं कॉफी के लिए मर रहा हूं।

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मजाकिया अंदाज में दिया जवाब

दरअसल ईरानी मीडिया में पिछले एक हफ्ते से इस बात को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे कि नेतन्याहू किसी सार्वजनिक मंच पर दिखाई नहीं दिए। उनकी अनुपस्थिति को लेकर अटकलें लगाई जाने लगीं। अटकलों को एक वीडियो से और ज्यादा बढ़ावा मिला, जिसमें पीएम नेतन्याहू के हाथ में छह उंगलियां दिखाई दे रही हैं। इस वीडियो के बाद से अटकलें तेज हो गईं कि ईरानी हमलों में पीएम नेतन्याहू की मौत हो गई है।

पीएम नेतन्याहू ने कहा, ‘आप जानते हैं, मैं अपने लोगों के लिए मरने को तैयार हूं। मेरे लोग जिस तरह से व्यवहार कर रहे हैं, वह शानदार है।’

छह उंगलियों वाले वीडियो पर क्या बोले?

वीडियो के दौरान बेंजामिन नेतन्याहू ने छह उंगलियों वाले दावे पर भी बयान दिया। उन्होंने अपने दोनों हाथ कैमरे की ओर उठाकर दिखाए। इन अटकलों पर और वीडियो पर कमेंट करते हुए उन्होंने कहा, ‘क्या आप मेरी उंगलियां गिनना चाहते हैं? यहां देखिए और यहां भी। देख लिया? सब ठीक है।’

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इजरायली लोगों को दी सलाह

इस वीडियो में पीएम नेतन्याहू ने इजरायली लोगों से सावधानी बरतने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि लोग बाहर जाकर ताजी हवा ले सकते हैं, लेकिन सुरक्षित जगह के पास ही रहें। उन्होंने लोगों को उनका साथ देने के लिए धन्यवाद कहा और कहा कि हम कुछ ऐसे काम कर रहे हैं जिन्हें मैं अभी शेयर नहीं कर सकता। आज भी हम ईरान पर बहुत सख्ती से वार कर रहे हैं।

घर में ये 3 पौधे गलत जगह रखे तो रुक सकता है धन का फ्लो, सही दिशा जानकर आज ही बदलें अपनी किस्मत

News Desk

आज के समय में हर कोई चाहता है कि उसका घर सिर्फ रहने की जगह न होकर पॉजिटिव एनर्जी से भरा हुआ स्पेस बने. जहां मन को सुकून मिले, काम में तरक्की हो और रिश्तों में मिठास बनी रहे. ऐसे में वास्तु के कुछ आसान टिप्स काफी मददगार साबित होते हैं. खासकर घर में लगाए गए पौधे, जो सिर्फ सजावट के लिए नहीं बल्कि आपकी लाइफ में अच्छा बदलाव लाने का काम भी करते हैं. कई लोग घर में पौधे तो लगा लेते हैं, लेकिन सही दिशा और सही जगह का ध्यान नहीं रखते. इसी वजह से उन्हें वो फायदा नहीं मिल पाता जिसकी उम्मीद होती है, अगर आप सही तरीके से पौधे लगाते हैं, तो ये न सिर्फ घर की खूबसूरती बढ़ाते हैं बल्कि धन, शांति और खुशहाली भी लेकर आते हैं.

इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे पौधों के बारे में बताएंगे, जो वास्तु के हिसाब से बेहद शुभ माने जाते हैं और साथ ही ये भी समझेंगे कि इन्हें घर में कहां और कैसे लगाना चाहिए ताकि आपको पूरा फायदा मिल सके.
1. तुलसी का पौधा: पॉजिटिव एनर्जी का सबसे बड़ा स्रोत
-तुलसी का पौधा लगभग हर घर में होता है और इसे बहुत पवित्र माना जाता है, लेकिन सिर्फ तुलसी लगाना ही काफी नहीं है, इसे सही दिशा में लगाना भी जरूरी है

-तुलसी को हमेशा उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में लगाना चाहिए. इस दिशा में तुलसी लगाने से घर में पॉजिटिव एनर्जी बढ़ती है और माहौल शांत रहता है.

-ध्यान रखें कि तुलसी के आसपास गंदगी न हो. इसके पास जूते-चप्पल या झाड़ू रखने से बचें, अगर आप इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखते हैं, तो घर में खुशहाली बनी रहती है.
2. मनी प्लांट: धन और ग्रोथ का प्रतीक
-मनी प्लांट को वास्तु में धन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है, अगर आप इसे सही दिशा में लगाते हैं, तो ये आपकी आर्थिक स्थिति को बेहतर करने में मदद कर सकता है.

मनी प्लांट को घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में लगाना सबसे अच्छा माना जाता है. इसे घर के अंदर लगाना ज्यादा फायदेमंद होता है.
-एक खास बात का ध्यान रखें कि इसकी बेल जमीन को न छुए. इसे हमेशा ऊपर की तरफ बढ़ने दें. इससे आपकी ग्रोथ और प्रोग्रेस भी बढ़ती है.

3. बांस का पौधा: सौभाग्य और संतुलन का राज
-बांस का पौधा दिखने में जितना सिंपल होता है, उतना ही ज्यादा फायदेमंद भी होता है. वास्तु में इसे गुड लक और पॉजिटिविटी का प्रतीक माना गया है.
-इसे घर की उत्तर या पूर्व दिशा में रखना चाहिए. इससे घर में खुशहाली आती है और नेगेटिव एनर्जी दूर होती है.
-बांस का पौधा करियर में ग्रोथ और लाइफ में बैलेंस बनाने में भी मदद करता है, अगर आप अपने जीवन में स्थिरता चाहते हैं, तो इसे जरूर लगाएं.

पौधे लगाते समय इन बातों का रखें ध्यान
-सूखे या मुरझाए पौधे घर में न रखें
-कांटेदार पौधों से बचें
-पौधों को साफ और हेल्दी रखें
-सही दिशा का ध्यान जरूर रखें
-घर के अंदर और बाहर पौधों का बैलेंस बनाए रखें

बच्चों की स्कॉलरशिप के 11 करोड़ खा गए अधिकारी, 5 राज्यों में घोटाला, जांच शुरू

देश में स्कॉलरशिप योजना में बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 5 राज्यों के सरकारी अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। आरोप है कि छात्रों के लिए बनाई गई स्कॉलरशिप योजना के पैसे को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निकाला गया है। इसमें कई राज्यों के अधिकारी शामिल हैं। इसके साथ ही कई संस्थानों का भी इस घोटाले में हाथ हो सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह 11 करोड़ से ज्यादा रकम का घोटाला है।

रिपोर्ट के मुताबिक यह मामला केंद्र सरकार की उस योजना से जुड़ा है, जिसका मकसद दिव्यांग छात्रों को आर्थिक मदद देना था। जांच में सामने आया कि फर्जी छात्रों और नकली संस्थानों के नाम पर स्कॉलरशिप का पैसा अधिकारियों ने निकाला लिया है। जिन छात्रों के लिए यह योजना बनाई गई थी उन्हें इसका लाभ नहीं मिला। CBI ने शुरुआती जांच के बाद मामला दर्ज कर लिया है और अब पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।

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11 करोड़ से ज्यादा का घोटाला

CBI के अनुसार, इस मामले में करीब 11 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम को गलत तरीके से अधिकारियों ने निकाला है। आरोप है कि 2023 से 2024 के बीच यह घोटाला हुआ, जिसमें फर्जी लाभार्थियों को दिखाकर सरकारी पैसे को गलत तरीके से ट्रांसफर किया गया।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इस घोटाले में 900 से ज्यादा फर्जी क्लेम सामने आए हैं। जांच एजेंसी को कई शिक्षण संस्थानों की भूमिका पर भी शक है। इसके अलावा जांच में सामने आया है कि कई ऐसे संस्थानों के बच्चों को भी स्कॉलरशिप दी गई है जो सिर्फ कागजों पर ही मौजूद थे। वास्तव में उन नामों के कोई संस्थान ही नहीं हैं।

किन राज्यों में हुआ घोटाला?

इस घोटाले में चार राज्यों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। CBI की FIR में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और जम्मू कश्मीर जैसे राज्यों के सरकारी अधिकारियों और नोडल अफसरों को आरोपी बनाया गया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने स्कॉलरशिप के फर्जी आवेदन पास करने में मदद की और नियमों का उल्लंघन किया। CBI को जांच में पता चला है कि नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर कई ऐसे संस्थान और छात्र दर्ज थे, जो वास्तव में मौजूद ही नहीं थे। करीब 100 संस्थानों की जांच में 18 संस्थान पूरी तरह फर्जी पाए गए।

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समझिए कैसे किया घोटाला

इस पूरे मामले में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस स्कॉलरशिप के लिए अधिकारियों ने फर्जी छात्रों के नाम पर गलत जानकारी से आवेदन किए। इसके बाद उन फर्जी छात्रों के बैंक अकाउंट में पैसा ट्रांसफर कर दिया गया। कई छात्र ऐसे थे जो इस स्कॉलरशिप के लिए एलिजिबल ही नहीं थे और उन्हें भी स्कॉलरशिप मिल गई। उनके आवेदन को वेरिफाई करने में कई अधिकारियों का हाथ है।

सोने से पहले मोबाइल? बिस्तर पर फोन की आदत बढ़ा रही है आपका वजन

आजकल के लाइफस्टाइल में हम अक्सर सोने से ठीक पहले मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल करते हैं। हेल्थ एक्पर्टस की मानें तो इनसे निकलने वाली नीली जिसे हम ब्लू लाइट कहते हैं, हमारे दिमाग को यह सिग्नल देती है कि अभी दिन है। इस वजह से नींद लाने वाला हार्मोन ‘मेलाटोनिन’ का उत्पादन शरीर में रुक जाता है। अब इससे न केवल आपके नींद की क्वालिटी खराब होती है बल्कि शरीर की एनर्जी खर्च करने की प्रक्रिया, मेटाबॉलिज्म भी धीमी पड़ जाती है।

हार्वर्ड मेडिकल स्कूल और वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) से जुड़ी विभिन्न रिसर्च में यह पाया गया है कि नींद की कमी सीधे तौर पर ‘घ्रेलिन’ जो कि हमारे शरीर में भूख लगने वाले हार्मोन है, को बढ़ाता है और ‘लेप्टिन’ जो कि पेट भरने का अहसास कराने वाला हार्मोन है, उसको कम करती है। जब आप देर रात तक स्क्रीन देखते हैं, तो आपको बेवजह की भूख या लेट नाइट क्रेविंग लगती है, जो अक्सर हाई-कैलोरी स्नैक्स के रूप में मोटापे का कारण बनती है।

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रिसर्च और वैज्ञानिक आधार

कई प्रतिष्ठित संस्थानों की स्टडीज इस बात की पुष्टि करती हैं कि डिजिटल स्क्रीन वजन बढ़ाने में सहायक का काम करती हैं। हमारी बॉडी क्लॉक जिसे मेडिकल भाषा में सर्कैडियन रिदम कहते हैं, स्क्रीन की रोशनी से भ्रमित हो जाती है। जब शरीर को लगता है कि दिन है, तो वह फैट बर्निंग मोड की जगह फैट स्टोरेज मोड में चला जाता है।

  • नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी की स्टडी: शोधकर्ताओं ने पाया कि रात में नीली रोशनी के संपर्क में आने से इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ जाता है, जिससे शरीर ग्लूकोज को सही से प्रोसेस नहीं कर पाता और फैट जमा होने लगता है।
  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH): इनकी एक रिसर्च के अनुसार, जो लोग बेडरूम में लाइट या स्क्रीन चलाकर सोते हैं, उनमें वजन बढ़ने की संभावना उन लोगों की तुलना में 17% ज्यादा होती है जो अंधेरे में सोते हैं।

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कैसे कर सकते हैं बचाव?

  • डिजिटल डिटॉक्स: सोने से कम से कम 60 मिनट पहले सभी डिजिटल आइटम से खुद को दूर कर दें।
  • ब्लू लाइट फिल्टर: अगर काम करना जरूरी हो, तो डिवाइस में ‘नाइट मोड’ या ब्लू लाइट फिल्टर का उपयोग करें।
  • बेडरूम का नियम: अपने बेडरूम को सिर्फ सोने के लिए रखें, वहां टीवी या लैपटॉप का स्टैंड न बनाएं।
  • किताबें पढ़ें: फोन की जगह फिजिकल बुक पढ़ने की आदत डालें, इससे मेलाटोनिन बढ़ता है और गहरी नींद आती है।