बहराइच के रामनगर सेमरा क्षेत्र में शुक्रवार को यौमे आशूरा यानी 10वीं मोहर्रम का जुलूस अकीदत और गमगीन माहौल में निकाला गया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अलम और ताजियों के साथ मातम करते हुए जुलूस में शिरकत की। बाद में क्षेत्र के विभिन्न कर्बलाओं में ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। ताजिए का सबसे बड़ा जुलूस पिरबितनी में निकाला गया, जहां प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया था। यौमे आशूरा को पैगंबर इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम के नवासे इमाम हुसैन रजी अल्लाह ताला अन्हु और उनके 72 साथियों की शहादत की याद में मनाया जाता है। अकीदतमंद उनकी शहादत को याद करते हुए ताजिए रखते हैं और मातम करते हैं। थाना प्रभारी निरीक्षक रमाशंकर यादव ने बताया कि नवाबगंज थाना क्षेत्र के कुल 581 स्थानों पर ताजिए रखे गए थे। इनमें रामनगर सेमरा क्षेत्र के रामनगर, नौबस्ता, केवलपुर, अंटहवा, अवधूत गांव सहित कई अन्य गांव शामिल हैं। अकीदतमंद अलम के साथ जुलूस निकालते हुए कर्बला में ताजिए सुपुर्द-ए-खाक करते हैं। पिरबितनी में आधा दर्जन गांवों के ताजिए मिलान के लिए जमा हुए थे, जहां नवाबगंज थाना प्रभारी रमाशंकर यादव और श्रावस्ती जनपद के हरदत्त नगर गिरंट थाना प्रभारी भारी सुरक्षा व्यवस्था के साथ मौजूद रह
रामनगर सेमरा में निकला मोहर्रम का जुलूस:कर्बला में अकीदत के साथ ताजिये सुपुर्द-ए-खाक किए गए
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!












