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आमबारी में मनरेगा पर नया विवाद: 7 जून को भी 96 मजदूरों की हाजिरी, ग्रामीणों ने उठाए सवाल


🔴 मनरेगा पोर्टल बनाम जमीनी हकीकत? 7 जून को 96 मजदूर दर्ज, जांच की मांग तेज
🔴 एक ही फोटो, बदलती हाजिरी! आमबारी में मनरेगा कार्यों पर फिर घिरे जिम्मेदार

आमबारी में मनरेगा पर नया विवाद: 7 जून को भी 96 मजदूरों की हाजिरी, ग्रामीणों ने उठाए सवाल
आमबारी में मनरेगा पर फिर सवाल: 7 जून को भी 96 मजदूरों की हाजिरी दर्ज, ग्रामीणों ने उठाए फर्जीवाड़े के आरोप

रिपोर्ट – सुशील शर्मा
रुधौली, बस्ती।

विकासखंड रुधौली की ग्राम पंचायत आमबारी में मनरेगा कार्यों को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मजदूरों की उपस्थिति, पोर्टल पर अपलोड तस्वीरों और शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होने को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि 7 जून को भी मनरेगा पोर्टल पर 96 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज दिखाई गई, जबकि मौके पर इतनी संख्या में श्रमिक कार्य करते नजर नहीं आए। ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला केवल एक दिन का नहीं है, बल्कि पिछले कई दिनों से मनरेगा कार्यों में दर्ज उपस्थिति और वास्तविक स्थिति के बीच अंतर को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी मनरेगा पोर्टल पर दर्ज मजदूरों की संख्या में लगातार बदलाव देखने को मिला था। 01 जून को 114 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज दिखाई गई थी, जो बाद में घटकर 88 और फिर 65 तक पहुंच गई। अब 7 जून को 96 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज होने के बाद ग्रामीण एक बार फिर पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि मनरेगा पोर्टल पर एक ही तस्वीर को अलग-अलग तिथियों में अपलोड किया जा रहा है तथा कुछ मामलों में तस्वीरों में दिखाई देने वाले श्रमिकों की संख्या और पोर्टल पर दर्ज हाजिरी में भी अंतर नजर आता है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मनरेगा पोर्टल पर दर्ज उपस्थिति, अपलोड फोटो, जियो टैगिंग, मास्टर रोल तथा भुगतान अभिलेखों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। उनका कहना है कि जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायतों में कितनी सच्चाई है और सरकारी धन का उपयोग नियमानुसार हुआ है या नहीं।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे तहसील दिवस में जिलाधिकारी और मंडलायुक्त से शिकायत करेंगे। साथ ही संबंधित अधिकारियों के कार्यों की भी जांच कराने की मांग उठाएंगे।

फिलहाल आमबारी में मनरेगा कार्यों को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब जांच के बाद ही मिल सकेगा, लेकिन लगातार सामने आ रहे आरोपों और बदलते आंकड़ों ने पूरे मामले को चर्चा का विषय बना दिया है।

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