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📍 रुधौली, बस्ती
विकासखंड रुधौली की ग्राम पंचायत आमबारी में मनरेगा कार्यों को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। 01 जून की ऑनलाइन उपस्थिति में 114 मजदूरों की हाजिरी दर्ज दिखाई गई है, जबकि ग्रामीणों का दावा है कि कई कार्यस्थलों पर इतनी संख्या में मजदूर मौजूद ही नहीं थे।



ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि मनरेगा पोर्टल पर अपलोड की जा रही तस्वीरें अब सवालों के घेरे में हैं। आरोप है कि कुछ तस्वीरों का बार-बार उपयोग कर अलग-अलग मजदूरों की उपस्थिति दर्शाई जा रही है। लोगों का कहना है कि एक ही फोटो कई हाजिरियों में दिखाई दे रही है, जिससे फोटो व्यवस्था “अलादीन का चिराग” बन गई है।
ग्रामीणों के अनुसार कहीं 10 मजदूरों की उपस्थिति पर केवल तीन फोटो अपलोड किए गए हैं, तो कहीं महिला श्रमिकों की हाजिरी पर पुरुषों की तस्वीरें अपलोड कर दी गई हैं। इतना ही नहीं, अलग मौसम और अलग समय की तस्वीरों को काट-छांट कर नए कार्य दिवस की उपस्थिति के रूप में दर्शाने का भी आरोप लगाया गया है।
लोगों का कहना है कि तस्वीरों में कहीं कोहरा दिखाई देता है तो कहीं मौसम पूरी तरह अलग नजर आता है, जिससे यह संदेह और गहरा हो रहा है कि पुरानी तस्वीरों का उपयोग कर फर्जी भुगतान की प्रक्रिया को अंजाम दिया जा रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति और सख्त निर्देशों के बावजूद क्षेत्र में मनरेगा योजनाओं में अनियमितताएं जारी हैं। शिकायतों और मीडिया में खबरें प्रकाशित होने के बाद भी अब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने पर ग्रामीणों में नाराजगी है।
वहीं,
अब ग्रामीणों की मांग है कि मनरेगा पोर्टल पर अपलोड सभी फोटो, मास्टर रोल, जियो टैगिंग और भुगतान अभिलेखों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।











