रामनगर-सेमरा, नानपारा-नवाबगंज क्षेत्र के किसानों ने इस वर्ष परंपरागत गेहूं की खेती छोड़ बड़े पैमाने पर गर्मी वाली मकई की खेती शुरू की थी, लेकिन नीलगायों के आतंक ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। क्षेत्र के कई गांवों में सैकड़ों की संख्या में घूम रहे नीलगायों के झुंड फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। रामनगर, अवधूद गांव, राजापुरवा, बेलवा भारी, साइन गांव, हरिहरपुर, नंद गांव, उमरिया बसाऊ, रहीमनगर, सावन गांव, मनिहारन गांव और धोबाही समेत आसपास के क्षेत्रों में रात होते ही नीलगायों के झुंड खेतों में पहुंच जाते हैं। किसान बताते हैं कि नीलगाय मकई की फसल को रौंदने के साथ पौधों को खाकर बर्बाद कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने लागत लगाकर नई उम्मीद के साथ मकई की खेती की थी, लेकिन लगातार हो रहे नुकसान से आर्थिक संकट गहराने लगा है। ग्रामीण संजय, संतोष, अखिलेश, मनोज और सुधीर ने बताया कि फसल बचाने के लिए रातभर खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है, इसके बावजूद नुकसान नहीं रुक पा रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से नीलगायों की समस्या का स्थायी समाधान कराने तथा फसलों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। क्षेत्र में नीलगायों के बढ़ते आतंक से किसानों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
गर्मी वाली मकई पर नीलगायों का हमला:रामनगर सेमरा में रातभर खेतों की रखवाली को मजबूर किसान
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