प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के 10 वर्ष पूरे होने पर मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) खेसरहा में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सीएचसी अधीक्षक डॉ. संतोष कुमार गुप्ता ने की। कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच (एएनसी), आवश्यक लैब जांच और स्वास्थ्य परामर्श प्रदान किए गए। उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान कर उन्हें विशेष चिकित्सीय सेवाएं भी दी गईं। बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं ने इस अवसर पर स्वास्थ्य परीक्षण कराया और विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लिया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. संतोष कुमार गुप्ता ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक गर्भवती महिला को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। डॉ. गुप्ता ने कहा कि नियमित जांच और चिकित्सकीय परामर्श से गर्भावस्था की जटिलताओं को समय रहते पहचान कर मां और शिशु दोनों के स्वास्थ्य को सुरक्षित किया जा सकता है। कार्यक्रम में उपस्थित चिकित्सकों, स्टाफ नर्सों, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने गर्भवती महिलाओं को जागरूक किया। उन्हें नियमित स्वास्थ्य जांच कराने, संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने, आयरन-फोलिक एसिड की गोलियों का नियमित सेवन करने और संस्थागत प्रसव कराने के लिए प्रेरित किया गया। नवजात शिशु की देखभाल और स्तनपान के महत्व पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग के बीपीएम अमरनाथ गुप्ता, एक्स-रे टेक्नीशियन गिरजाशंकर तिवारी और फार्मासिस्ट अखिलेश मिश्रा सहित अन्य अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के साथ-साथ मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य सुरक्षित मातृत्व के प्रति जन जागरूकता बढ़ाना और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना था। कार्यक्रम का समापन गर्भवती महिलाओं को आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और परामर्श प्रदान करने के साथ हुआ।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 वर्ष पूरे:सीएचसी खेसरहा में विशेष कार्यक्रम आयोजित, विशेषज्ञ चिकित्सकों मरीजों को दिए परामर्श
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