उतरौला (बलरामपुर)। जेठ महीने की भीषण उमस भरी गर्मी ने लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। तेज धूप, गर्म हवाओं और लगातार बढ़ती उमस के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। हालात ऐसे हैं कि दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा पसरा दिखाई देता है, जबकि शाम ढलने के बाद ही बाजारों में कुछ चहल-पहल देखने को मिलती है। गर्मी का असर केवल दिन तक सीमित नहीं है, बल्कि रात में भी लोग चैन की नींद नहीं ले पा रहे हैं।
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि इस बार गर्मी ने पिछले कई वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। दिनभर उमस और तपिश के कारण लोग बेचैनी महसूस कर रहे हैं। छोटे बच्चे, बुजुर्ग और बीमार व्यक्ति सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि पंखे और कूलर भी गर्म हवा फेंक रहे हैं, जिससे राहत नहीं मिल पा रही।
गर्मी के बीच बिजली विभाग की अनियमित आपूर्ति लोगों की परेशानी को और बढ़ा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की लगातार आवाजाही और अघोषित कटौती से उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। बताया जा रहा है कि लगभग 200 गांवों के लोग बिजली संकट से जूझ रहे हैं। दिन हो या रात, बार-बार बिजली कटने से लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीण उपभोक्ताओं का कहना है कि कई बार घंटों तक बिजली गायब रहती है और जब आती भी है तो बार-बार ट्रिपिंग की समस्या बनी रहती है। इससे घरेलू कार्य, पेयजल व्यवस्था और किसानों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। सबसे अधिक परेशानी उन गांवों में हो रही है जहां पानी की आपूर्ति मोटर और सबमर्सिबल पंपों पर निर्भर है। बिजली न रहने से लोगों को पानी के संकट का भी सामना करना पड़ रहा है।
यह समस्या केवल ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। नगर क्षेत्र में भी लगातार बिजली की आवाजाही से लोग परेशान हैं। नगर के कई मोहल्लों में रात के समय बार-बार बिजली कटने से लोग जागकर रात बिताने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि उमस भरी गर्मी में कुछ देर की बिजली कटौती भी असहनीय हो जाती है।
व्यापारियों का कहना है कि दोपहर के समय बाजारों में ग्राहक न के बराबर पहुंच रहे हैं, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। वहीं छोटे दुकानदारों और ठेला व्यापारियों के लिए गर्मी में काम करना मुश्किल हो गया है। शाम के बाद ही बाजारों में लोगों की भीड़ बढ़ती दिखाई देती है।
बुजुर्गों और बच्चों पर गर्मी का सबसे अधिक असर पड़ रहा है। चिकित्सकों के अनुसार अत्यधिक गर्मी और उमस के कारण डिहाइड्रेशन, वायरल बुखार, थकान और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में लोगों को पर्याप्त पानी पीने, धूप से बचने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग से नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा अघोषित कटौती पर रोक लगाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी के इस दौर में यदि बिजली व्यवस्था सुचारु नहीं हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से भी बिजली व्यवस्था की निगरानी कर राहत दिलाने की मांग की है।












