बहराइच के फखरपुर में इन दिनों पेट्रोल-डीजल की किल्लत ने हालात को संकट जैसा बना दिया है। सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। जरूरतमंद लोग डिब्बे और वाहन लेकर घंटों लाइन में खड़े हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें या तो सीमित मात्रा में ईंधन मिल रहा है या फिर खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। जिन पेट्रोल पंपों पर ईंधन उपलब्ध है, वहां भारी भीड़ उमड़ रही है। वहीं जिले के अधिकांश पंपों पर ईंधन खत्म हो चुका है, जिसके चलते बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें बंद कर दिया गया है, ताकि किसी तरह का विवाद न हो। आसपास के जिलों में सामान्य हालात चौंकाने वाली बात यह है कि बहराइच के आसपास के जिले बाराबंकी, गोंडा, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और लखनऊ में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। वहां पंप सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं, जबकि बहराइच में हालात बिल्कुल उलट हैं। प्रशासन का दावा: कोई कमी नहीं इस बीच जिला पूर्ति अधिकारी का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि जिले में डीजल-पेट्रोल की कोई कमी नहीं है और टैंकर रास्ते में हैं। लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील की गई है। हालांकि, प्रशासन के इस दावे पर सवाल उठ रहे हैं। यदि ईंधन की कोई कमी नहीं है, तो पंपों पर लंबी कतारें क्यों हैं? अगर सप्लाई सामान्य है, तो कई पंप बंद क्यों हैं? किसान और आम जनता परेशान बता दें कि इस संकट के बीच कुछ लोग मुनाफाखोरी में जुट गए हैं। पेट्रोल 200 रुपए प्रति लीटर और डीजल 150 रुपए प्रति लीटर तक बेचे जाने की बात सामने आ रही है। एक ओर जहां जरूरतमंद लोग घंटों लाइन में खड़े हैं, वहीं दूसरी ओर बाजार में महंगे दामों पर ईंधन मिल रहा है। इससे यह संकेत मिल रहा है कि समस्या सिर्फ सप्लाई की नहीं, बल्कि सिस्टम में कहीं न कहीं गड़बड़ी की भी है। इस संकट का सबसे ज्यादा असर किसानों और आम जनता पर पड़ रहा है। किसान खेत की बजाय लाइन में खड़े नजर आ रहे हैं, जबकि जिम्मेदार अधिकारी केवल आश्वासन दे रहे हैं।
फखरपुर में पेट्रोल-पंप सूखे; आसपास के जिलों में सप्लाई सामान्य:बाजार में ब्लैक में मिल रहा महंगा तेल, फिर भी प्रशासन बोला- “टैंकर रास्ते में हैं, धैर्य रखें”
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