रीवा। मध्यप्रदेश के रीवा में कथित नीट 2026 पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर मंगलवार को छात्र संगठन यूएनएसआई ने जोरदार प्रदर्शन किया। भीषण गर्मी और 44 डिग्री तापमान के बीच बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के आवास का घेराव करने निकले। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और छात्रों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
पेपर लीक के आरोपों पर भड़का छात्र आक्रोश
19 मई 2026 को यूएनएसआई जिला अध्यक्ष पंकज उपाध्याय के नेतृत्व में सैकड़ों छात्र सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि नीट 2026 परीक्षा में बड़े स्तर पर पेपर लीक और अनियमितताएं हुई हैं, लेकिन सरकार दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।
छात्रों का कहना था कि लगातार सामने आ रहे परीक्षा घोटालों ने युवाओं का भरोसा पूरी तरह तोड़ दिया है। प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों ने कहा कि वर्षों की मेहनत और संघर्ष के बाद जब परीक्षाएं भ्रष्टाचार और लीक की भेंट चढ़ जाती हैं, तब छात्रों के भविष्य पर सीधा हमला होता है।
डिप्टी सीएम आवास घेराव से पहले भारी पुलिस बल तैनात
प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन पहले से सतर्क था। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला के आवास के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। जैसे ही छात्र रैली आगे बढ़ी, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने का प्रयास किया। स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारी बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने लगे। इसके बाद पुलिस ने पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और फिर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। तेज गर्मी के बीच पानी की बौछार और गैस के कारण कई छात्रों की हालत बिगड़ने की भी खबर सामने आई।
केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज
प्रदर्शन के बाद जारी प्रेस विज्ञप्ति में यूएनएसआई ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। संगठन ने कहा कि यदि इस मामले में केंद्रीय मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। छात्र नेताओं का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही गड़बड़ियां केवल प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं।












