बहराइच में गंभीर एनीमिया (खून की कमी) से जूझ रही गर्भवती महिलाओं को अब सरकारी अस्पतालों में फेरिक कार्बोक्सीमाल्टोज़ (एफसीएम) इंजेक्शन निःशुल्क मिलेगा। ‘एनीमिया मुक्त भारत अभियान’ के तहत यह महंगा इंजेक्शन सरकारी प्रसव केंद्रों पर उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यह सुविधा जिले की सभी प्रथम संदर्भन इकाइयों (एफआरयू) पर शुरू कर दी गई है। पिछले दो महीनों में, गंभीर एनीमिया से पीड़ित 19 गर्भवती महिलाओं का इस इंजेक्शन के माध्यम से सफलतापूर्वक उपचार किया जा चुका है। यूपी-टीएसयू की डॉ. शालिनी झा ने एफसीएम इंजेक्शन के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि इससे आयरन शरीर में सुरक्षित रूप से संग्रहित होता है और कुछ ही सप्ताह में हीमोग्लोबिन का स्तर तेजी से बढ़ता है। हालांकि, उपचार के बाद भी आयरन-फोलिक एसिड (आईएफए), कैल्शियम की गोलियां और संतुलित आहार लेना आवश्यक है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार ने एनीमिया के प्रमुख लक्षणों की जानकारी दी। इनमें अत्यधिक थकान, चक्कर आना, सुस्ती, त्वचा का पीला पड़ना, बाल झड़ना और मिट्टी या चूना खाने की इच्छा शामिल हैं। उन्होंने गर्भवती महिलाओं से समय पर जांच कराने और किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करने की अपील की। एसीएमओ डॉ. संतोष राना ने बताया कि गर्भावस्था में खून की कमी से समय से पहले प्रसव, अत्यधिक रक्तस्राव और कम वजन वाले शिशु के जन्म का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने जोर दिया कि समय रहते उपचार कराने से इन जटिलताओं से बचा जा सकता है। डीएचईआईओ बृजेश सिंह ने गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था की शुरुआत में ही स्वास्थ्य केंद्र पर पंजीकरण कराकर हीमोग्लोबिन की जांच कराने की सलाह दी। उन्होंने आयरन युक्त खाद्य पदार्थों जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, गुड़-चना, चुकंदर और अनार का सेवन करने तथा लोहे की कड़ाही में भोजन पकाने की आदत अपनाने को भी कहा।
गर्भवती महिलाओं को मुफ्त मिलेगा FCM इंजेक्शन:सरकारी अस्पतालों में गंभीर एनीमिया का होगा आधुनिक इलाज
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