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बस्ती जिले के विक्रमजोत विकास क्षेत्र में सरयू नदी का जलस्तर स्थिर होने के बावजूद दर्जन भर से अधिक गांव दहशत में हैं। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार, गुरुवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान 92.730 मीटर से 37 सेंटीमीटर ऊपर 93.040 मीटर दर्ज किया गया। यह उच्चतम बाढ़ स्तर से एक मीटर नीचे है। जलकर्मी राम तिलक ने बताया कि अपस्ट्रीम में नदी स्थिर है। विक्रमजोत विकास क्षेत्र में बढ़े जलस्तर से भरथापुर, कल्यानपुर, पड़ाव, चांदपुर, कन्हईपुर, खेमराजपुर, शम्भूपुर, लकड़ी पाण्डेय, लकड़ी दूबे, पकड़ी सूर्यवंश, पकड़ी संग्राम, बेतावा और पूरे चेतन सहित कई गांवों में पानी भर गया है। इनमें से पकड़ी संग्राम, लकड़ी पाण्डेय, अशोकपुर, अर्जुनपुर और मांझा किता अव्वल सहित आधे दर्जन से अधिक गांव मैरुण्ड हो गए हैं, जिससे उनका संपर्क कट गया है। बाढ़ के पानी से ग्रामीणों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। घरों और गांवों के चारों ओर पानी भरने से लोगों को अपनी दिनचर्या पूरी करने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। पशुपालकों के लिए चारे का संकट खड़ा हो गया है, क्योंकि खेतों में लगा हरा चारा और घास पानी में डूब गए हैं। जलभराव के कारण ग्रामीणों में विषैले जीवों का डर भी सता रहा है। कुछ दिन पहले सरयू नदी में घड़ियाल जैसे खतरनाक जीव देखे गए थे, जिनके बाढ़ के पानी में होने की आशंका से लोगों में जोखिम बढ़ गया है। वहीं, बाढ़ खंड के कर्मचारी लगातार तटबंधों की सुरक्षा में जुटे हुए हैं। कटानरोधी विधियों का उपयोग कर कटाव को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। बाढ़ खंड के एसडीओ बृजेश सोनी ने बताया कि अगले एक-दो दिनों में नदी का पानी कम होने की संभावना है। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि दुधौरा सहित कटाव वाले सभी स्थानों पर मजबूत कटानरोधी कार्य कराए गए हैं और तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है।
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सरयू नदी का तटबंध पर दबाव, दर्जन भर गांव दहशत:विक्रमजोत क्षेत्र में जलस्तर स्थिर, पर खतरे के निशान से ऊपर
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