निर्वाचन आयोग के निर्देश पर प्रत्येक विधानसभा में 1200 मतदाताओं के मानक के आधार पर मतदेय स्थलों के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसी क्रम में 29 जून को डुमरियागंज स्थित उपजिलाधिकारी कार्यालय में पूर्वाह्न 11 बजे मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी। निर्वाचन आयोग की समयसारिणी के अनुसार, 24 से 28 जून तक मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन, पुनर्निधारण और नए स्थलों के लिए उपयुक्त भवनों का चिन्हांकन किया जा रहा है। इसके बाद 29 जून से 1 जुलाई तक राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें होंगी, जिनमें मतदेय स्थलों से संबंधित प्रस्ताव प्राप्त किए जाएंगे। निर्धारित कार्यक्रम के तहत, 4 जुलाई तक मतदेय स्थलों की प्रारूप सूची प्रकाशित की जाएगी। यह सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाएगी ताकि वे अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करा सकें। प्राप्त शिकायतों और सुझावों के निस्तारण के बाद, वर्तमान सांसदों, विधायकों और राजनीतिक दलों से विचार-विमर्श कर 18 जुलाई तक मतदेय स्थलों की अंतिम सूची तैयार की जाएगी। इसके उपरांत, जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा सभी आवश्यक अभिलेखों सहित मतदेय स्थलों का प्रस्ताव 25 से 28 जुलाई के बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को आयोग की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय 31 जुलाई तक इन प्रस्तावों को निर्वाचन आयोग के अनुमोदन हेतु प्रेषित करेगा। उपजिलाधिकारी विवेकानंद मिश्र ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की है कि वे 29 जून को आयोजित बैठक में समय पर उपस्थित होकर मतदेय स्थलों के पुनर्गठन संबंधी अपने सुझाव और प्रस्ताव प्रस्तुत करें। इससे निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुगम और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
तदेय स्थलों के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू:सिद्धार्थनगर में 29 जून को राजनीतिक दलों संग होगी बैठक
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