बहराइच के विकासखंड मिहीपुरवा अंतर्गत सुजौली थाना क्षेत्र के बरखड़िया गांव में स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र कई वर्षों से खंडहर में तब्दील हो चुका है। इसके कारण यहां स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप हैं। अब इस जर्जर उपकेंद्र की मरम्मत का कार्य घटिया तरीके से कराया जा रहा है, जिस पर स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं। पूर्व में मिहीपुरवा सीएचसी के अधीक्षक ने इस केंद्र का निरीक्षण किया था। उन्होंने भवन को जर्जर और निष्प्रयोज्य घोषित करते हुए इसकी जानकारी पत्र के माध्यम से उच्चाधिकारियों को भी दी थी। पिछले एक सप्ताह से इस सरकारी स्वास्थ्य केंद्र की मरम्मत का कार्य चल रहा है। स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से शिकायत की है कि मरम्मत में मानकों की अनदेखी की जा रही है और घटिया सामग्री का उपयोग हो रहा है। उनका कहना है कि भवन पूरी तरह खंडहर हो चुका है और इसका पुनर्निर्माण होना चाहिए, न कि खानापूर्ति। इस मामले में मिहीपुरवा सीएचसी अधीक्षक डॉ. प्रमोद का कहना है कि उन्हें इस मरम्मत कार्य के बारे में कोई जानकारी नहीं है। स्थानीय निवासियों वकील सिंह, परिक्रमा, मैना, ध्रुप, किशोरी, मुरारी, धनंजय, रामशंकर और दद्दन सिंह सहित अन्य लोगों ने बताया कि जिस तरह से भवन की मरम्मत हो रही है, वह कभी भी हादसे का कारण बन सकता है। उनका कहना है कि ऐसे भवन में इलाज कराना सुरक्षित नहीं होगा। भवन के जर्जर होने के साथ ही इसके आसपास और सामने भारी गंदगी है। नाली के पानी का अक्सर जलभराव रहता है, जिससे संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा बना हुआ है। लोगों का मानना है कि इस भवन को उपयोग में लाने के लिए बड़े सुधारों की आवश्यकता है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस भवन की मरम्मत के लिए शासन ने 6 लाख रुपये का बजट जारी किया है, जिससे यह कार्य कराया जा रहा है।
बरखड़िया उपकेंद्र खंडहर, मरम्मत पर सवाल:जर्जर भवन की घटिया सामग्री से हो रही खानापूर्ति
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