उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की बसों में किराया निर्धारण व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सिद्धार्थनगर स्थित टीम यशोभूमि के प्रबंधक संतोष श्रीवास्तव ने परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजकर रोडवेज बसों का किराया पांच के गुणांक में तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि मौजूदा किराया व्यवस्था यात्रियों और परिचालकों दोनों के लिए व्यावहारिक समस्याएं पैदा कर रही है। खुले पैसों को लेकर यात्रियों और परिचालकों में होती है बहस संतोष श्रीवास्तव ने पत्र में बताया कि कई रूटों पर बस किराया 17, 23, 27 और 37 रुपये जैसे विषम अंकों में निर्धारित है। ऐसे किराए के कारण यात्रियों को खुले पैसे की समस्या का सामना करना पड़ता है। खासकर ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में छुट्टे पैसों की कमी को लेकर अक्सर यात्रियों और परिचालकों के बीच विवाद की स्थिति बन जाती है, जिससे यात्रा का माहौल प्रभावित होता है। परिचालकों पर बढ़ता है अतिरिक्त दबाव उन्होंने कहा कि बस परिचालकों को रोजाना सैकड़ों यात्रियों से लेन-देन करना पड़ता है। खुले पैसों की कमी के कारण हिसाब-किताब में दिक्कतें आती हैं और कई बार यात्रियों को पूरा पैसा वापस नहीं मिल पाता। इससे परिचालकों पर अतिरिक्त दबाव बनता है और निगम की कार्यप्रणाली की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े होते हैं। रेलवे व्यवस्था का दिया उदाहरण संतोष श्रीवास्तव ने भारतीय रेलवे का उदाहरण देते हुए कहा कि रेलवे में अधिकांश किराए पांच के गुणांक में तय होते हैं। इससे यात्रियों को भुगतान में आसानी होती है और कर्मचारियों को भी लेन-देन में सुविधा मिलती है। उन्होंने रोडवेज बसों में भी इसी तरह की व्यवस्था लागू करने की मांग की है।
सिद्धार्थनगर में रोडवेज बस किराए पर उठे सवाल:पांच के गुणांक में किराया तय करने की उठी मांग, परिचालकों पर बढ़ता है दबाव
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!












