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बस्ती में रोडवेज़ कर्मचारी संयुक्त परिषद, उत्तर प्रदेश ने शासन स्तर पर लंबित विभिन्न समस्याओं को लेकर एक व्यापक मांग-पत्र जारी किया है। परिषद ने निगम के हितों की अनदेखी पर कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस निर्णय नहीं लिए गए तो कर्मचारी आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। परिषद की प्रमुख मांगों में राष्ट्रीयकृत मार्गों पर निजी बसों के अवैध संचालन और ‘जग्गामारी’ पर प्रभावी रोक लगाना शामिल है। उन्होंने मांग की है कि निगम के बस अड्डों की एक किलोमीटर परिधि में निजी बसों और चार पहिया वाहनों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाए। इसके अतिरिक्त, परिषद ने “अखिल भारतीय पर्यटक परमिट” के नाम पर नियमों के उल्लंघन और निजी बसों के स्टेज कैरेज की तरह संचालन पर चिंता व्यक्त की। इसे निगम की आय और राज्य के राजस्व के लिए गंभीर खतरा बताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। मांग-पत्र में प्रदेश के एक्सप्रेसवे और हाईवे को राष्ट्रीयकृत मार्ग घोषित करने की भी बात कही गई है। साथ ही, निगम और निजी बसों पर लागू अतिरिक्त कर (यात्रीकर) की दरों में मौजूद असमानता को समाप्त करने और बकाया कर को अंशपूंजी में परिवर्तित करने की मांग की गई। यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से परिषद ने लंबी दूरी के मार्गों पर निगम द्वारा हाई-एंड लग्जरी बसों के संचालन की भी मांग उठाई है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के संबंध में परिषद ने सुझाव दिया है कि नगर बस सेवा की तर्ज पर इनके संचालन में होने वाले व्यय और आमदनी के अंतर (वायबिलिटी गैप) को राज्य सरकार वहन करे। इसके अतिरिक्त, निगम के हितों को प्रभावित करने वाली योजनाओं पर पुनर्विचार करने और बस स्टेशनों से निजी बसों के संचालन की प्रस्तावित योजनाओं को तत्काल रोकने की मांग भी की गई है। कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दों पर परिषद ने 31 दिसंबर 2001 तक नियुक्त संविदा चालकों, परिचालकों और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग की है। साथ ही, 5 प्रतिशत महंगाई भत्ते के भुगतान और बकाया एरियर के निस्तारण की भी मांग उठाई गई। परिषद ने वेतन विसंगतियों को दूर करने, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करने और आउटसोर्स कर्मियों को भर्ती में प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया है। संविदा व आउटसोर्स कर्मियों के लिए स्पष्ट सेवा नियमावली, ईपीएफ की पूरी कटौती, ईएसआई व चिकित्सा सुविधा, न्यूनतम वेतन और अवकाश की व्यवस्था लागू करने की भी मांग उठाई गई। परिषद ने संविदा कर्मचारियों के पारिश्रमिक में कथित कटौती पर रोक लगाने की बात भी कही। इस दौरान परिषद के पदाधिकारियों में क्षेत्रीय संरक्षक तिलक राम दुबे, क्षेत्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष अभिनव श्रीवास्तव, शाखा अध्यक्ष कन्हैया सिंह, शाखा मंत्री इंद्रजीत तिवारी, संयुक्त मंत्री मनीष श्रीवास्तव, संगठन मंत्री अमित पाल, मंडली अध्यक्ष हरीश उपाध्याय, कोषाध्यक्ष सुशील गौड़, क्षेत्रीय सदस्य जयप्रकाश यादव, कार्यशाला अध्यक्ष राममणी चौबे तथा कार्यशाला मंत्री राजेश मिश्रा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
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रोडवेज कर्मचारी परिषद ने उठाई मांगें:बस्ती में अवैध बस संचालन पर रोक, नियमितीकरण व भत्तों के भुगतान की मांग
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