लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के नवनियुक्त प्रबंध निदेशक नीतीश कुमार (आईएएस) के पदभार ग्रहण करने पर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र की ओर से उनका हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया है। संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने आशा व्यक्त की है कि उनके नेतृत्व में न केवल बिजली व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा, बल्कि कर्मचारियों की वर्षों से लंबित समस्याओं का भी न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित होगा।
संघर्ष समिति ने अपने प्रेस वक्तव्य में कहा कि प्रबंध निदेशक द्वारा अपनी प्राथमिकताओं में विश्वसनीयता, गुणवत्ता, पारदर्शिता, तकनीक आधारित सुधार तथा उपभोक्ता-केंद्रित विद्युत वितरण व्यवस्था पर जो बल दिया गया है, वह सराहनीय है। संघर्ष समिति का मानना है कि यदि इन लक्ष्यों को वास्तविक रूप से लागू करना है, तो बिजली कर्मियों के मनोबल को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए कर्मचारियों पर हो रही उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों को तत्काल रोका जाना तथा मार्च 2023 से अब तक की गई सभी दमनात्मक कार्रवाइयों की निष्पक्ष समीक्षा कर उन्हें वापस लिया जाना जरूरी है।
संघर्ष समिति ने प्रबंध निदेशक को यह भी विश्वास दिलाया कि प्रदेश के बिजली कर्मियों का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं एवं किसानों को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण एवं उत्तरदायी विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना है। विपरीत परिस्थितियों में भी कर्मचारी पूरी निष्ठा से कार्य कर रहे हैं। आशा है कि प्रबंध निदेशक के नेतृत्व में प्रबंधन का सकारात्मक सहयोग एवं भरोसा प्राप्त होगा, तो विद्युत कर्मी और अधिक समर्पण एवं एकाग्रता के साथ व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सक्षम होंगे।
संघर्ष समिति ने आशा व्यक्त की कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में एक पारदर्शी, जवाबदेह और कर्मचारी-हितैषी प्रशासनिक वातावरण स्थापित होगा, जिससे न केवल संगठन मजबूत होगा बल्कि प्रदेश की विद्युत व्यवस्था भी अधिक सुदृढ़ एवं उपभोक्ता-केंद्रित बनेगी। संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल में मुख्यतया प्रभात सिंह, जितेन्द्र सिंह गुर्जर, महेन्द्र राय, पी के दीक्षित, सुहेल आबिद, चन्द, सरजू त्रिवेदी, मोहम्मद इलियास, आर सी पाल सम्मिलित हुए।












