लखनऊ। स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज ने छात्रों को उद्योगों की जरूरत के मुताबिक तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। संस्थान ने एचसीएल गुवी (ग्रैब योर वर्नाकुलर इंप्रिंट) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत छात्रों को नई तकनीकों में प्रशिक्षण और बेहतर प्लेसमेंट के अवसर प्राप्त होंगे।
इस समझौते का मुख्य उद्देश्य शिक्षा और उद्योग जगत के बीच की दूरी को कम करना है। इसके अंतर्गत छात्रों को कौशल विकास कार्यक्रम, कार्यशालाएं, इंटर्नशिप, औद्योगिक अनुभव और प्लेसमेंट सहायता प्रदान की जाएगी। विशेष रूप से डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस,मशीन लर्निंग,क्लाउड कंप्यूटिंग और बिजनेस एनालिटिक्स जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
एमओयू के तहत, छात्रों को बिजनेस एनालिटिक्स और एआई आधारित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल किया जाएगा। इसमें हैंड्स-ऑन लर्निंग, लाइव प्रोजेक्ट्स, विशेषज्ञ सत्र, प्रमाणन कार्यक्रम और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप व्यावहारिक अनुभव शामिल होगा।
संस्थान का मानना है कि इससे छात्र अधिक रोजगारोन्मुखी और उद्योग-तैयार बन सकेंगे। संस्थान के सचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी शरद सिंह ने बताया कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में तकनीकी दक्षता और व्यावहारिक कौशल अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि एचसीएल गुवी के साथ यह साझेदारी छात्रों की क्षमताओं को नई दिशा देगी और उन्हें उच्च स्तरीय प्लेसमेंट अवसर दिलाने में सहायक सिद्ध होगी।
संस्थान के निदेशक डॉ. आशीष भटनागर ने इस समझौते को शिक्षा और उद्योग के बीच मजबूत सहयोग का उदाहरण बताया। उन्होंने जानकारी दी कि एमबीए और बी.टेक के छात्रों को एआई, डेटा साइंस, बिजनेस एनालिटिक्स और डिजिटल टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक अनुभव मिलेगा, जिससे उनके लिए बेहतर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
एचसीएल गुवी के जनरल मैनेजर एवं हेड इंस्टीट्यूशन बिजनेस विनोद श्रीनिवासन ने कहा कि डिजिटल और उभरती तकनीकी स्किल्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में SMS लखनऊ की यह पहल छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस कार्यक्रम में डॉ. भरत राज सिंह, डॉ. जगदीश सिंह, डॉ. धर्मेन्द्र सिंह, सुरेन्द्र श्रीवास्तव सहित संस्थान के शिक्षकगण, संकायाध्यक्ष और स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।












