जमुनहा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मल्हीपुर द्वारा विकासखंड के विभिन्न विद्यालयों में एक विशेष टीकाकरण अभियान चलाया गया। यह अभियान स्कूल हेल्थ प्रोग्राम के तहत संचालित किया गया, जिसमें बच्चों और किशोरियों को महत्वपूर्ण टीके लगाए गए। इस अभियान के तहत 5 से 6 वर्ष के बच्चों को डीपीटी बूस्टर-2 का टीका लगाया गया। वहीं, 10 और 16 वर्ष की किशोरियों को क्रमशः टीडी-10 और टीडी-16 के टीके दिए गए। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रवीन्द्र कुमार ने बताया कि डीपीटी बूस्टर-2 का टीका बच्चों को डिप्थीरिया, काली खांसी और टेटनस जैसी बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किशोरियों को टीडी का टीका भविष्य में टेटनस और डिप्थीरिया से बचाव के लिए आवश्यक है, खासकर मातृत्व के दौरान। डॉ. कुमार ने जोर दिया कि स्कूल जाने वाले बच्चों का टीकाकरण छूटना नहीं चाहिए क्योंकि यह उनकी सेहत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि डीपीटी बूस्टर 5 साल की आयु पर और टीडी 10 तथा 16 साल की आयु में लगाना अनिवार्य है। टीकाकरण के साथ-साथ, अभियान के दौरान बच्चों और किशोरियों को माहवारी स्वच्छता के प्रति भी जागरूक किया गया। सीएचओ और एएनएम ने इस विषय पर सत्र आयोजित किए और उन्हें इसके महत्व के बारे में जानकारी दी। आज के अभियान में जमुनहा स्थित विद्यालय सहित कई स्कूलों में टीकाकरण सत्र आयोजित किए गए। डॉ. रवीन्द्र कुमार ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों और किशोरियों का समय पर टीकाकरण करवाएं। उन्होंने बताया कि यह टीकाकरण बिल्कुल निःशुल्क है और अभिभावकों से इसे गंभीरता से लेने का अनुरोध किया। डॉ. कुमार ने यह भी जानकारी दी कि नियमित टीकाकरण अभियान हर बुधवार और शनिवार को सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर जारी रहेगा, ताकि कोई भी बच्चा या किशोरी टीकाकरण से वंचित न रहे। अभिभावकों से आग्रह किया गया है कि वे इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें और अपने बच्चों का टीकाकरण समय पर सुनिश्चित करें।
मल्हीपुर में बच्चों-किशोरियों का विशेष टीकाकरण अभियान:डिप्थीरिया, टेटनस और काली खांसी से बचाव के लिए टीके लगाए गए
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