इटवा विकास क्षेत्र के ग्राम रसूलपुर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथावाचक आचार्य सत्य प्रकाश पांडेय शास्त्री ने प्रभु श्रीराम के जन्म का भावपूर्ण प्रसंग सुनाया। इसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए और “जय जय श्रीराम” के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। शुक्रवार रात्रि को कथा के चौथे दिवस पर आचार्य सत्य प्रकाश पांडेय शास्त्री ने प्रवचन के दौरान कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने से जीवन में सुख-समृद्धि और लोक कल्याण होता है। उन्होंने प्रभु श्रीराम के जन्म का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि जब अयोध्या में भगवान राम का जन्म हुआ, तो पूरी नगरी में उत्सव का माहौल था और चारों ओर मंगल गीत गूंजने लगे थे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रभु राम ने पृथ्वी लोक पर आकर धर्म की स्थापना की, जिसके कारण वे आज भी जनमानस में लोकप्रिय हैं। कथा के मुख्य यजमान चक्कर गुप्ता अपनी धर्मपत्नी के साथ उपस्थित रहे। कथा आयोजक विकास गुप्ता और समाजसेवी राम वृक्ष गुप्ता ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा 24 मार्च से चल रही है। इसका हवन पूजन, पूर्णाहुति और भंडारा 1 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा, जिसके लिए उन्होंने सभी लोगों से सहभागिता का आह्वान किया। इस दौरान तीर्थ गुप्ता, अवध राम गुप्ता, तिलक राम गुप्ता, पुजारी गुप्ता, मंगरु गुप्ता, तेज बहादुर गुप्ता, लवकुश गुप्ता, सोमई गुप्ता, संदीप गुप्ता, उमेश गुप्ता, दीपक गुप्ता, राम जियावन, राम प्रसाद मौर्या, राम उजागीर यादव सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष और बच्चे श्रद्धालु के रूप में मौजूद रहे।
रसूलपुर में श्रीमद्भागवत कथा, राम जन्म प्रसंग:आचार्य सत्य प्रकाश शास्त्री ने सुख-समृद्धि का महत्व बताया
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