श्रावस्ती में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 62वीं वाहिनी, भिनगा के जवानों ने मानवता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए एक गर्भवती महिला की जान बचाई। भारत-नेपाल सीमा पर तैनात इन जवानों ने समय पर रक्तदान कर एक परिवार को बड़ी राहत दी। जिला चिकित्सालय भिनगा से मिली जानकारी के अनुसार, लगभग छह माह की एक गर्भवती महिला गंभीर एनीमिया से पीड़ित पाई गई। महिला का हीमोग्लोबिन स्तर मात्र 04 ग्राम रह गया था, जिससे उसकी स्थिति अत्यंत नाजुक हो गई थी। चिकित्सकों ने तत्काल A+ रक्त की आवश्यकता बताई। सूचना मिलते ही 62वीं वाहिनी, भिनगा के कमांडेंट अमरेन्द्र कुमार वरुण के निर्देश पर सहायक उप निरीक्षक विजय राम ने त्वरित कार्रवाई की। उन्होंने बिना किसी विलंब के A+ रक्त समूह के कार्मिक मुख्य आरक्षी बाबुल हजारिका को साथ लेकर जिला चिकित्सालय पहुंचाया। मुख्य आरक्षी बाबुल हजारिका ने पीड़िता श्रीमती भगरानी पत्नी धर्मराज, निवासी मोहल्ला शिवपुरम, भिनगा को एक यूनिट रक्तदान किया। समय पर रक्त उपलब्ध होने से महिला की हालत में सुधार आया। महिला के परिजनों ने राहत की सांस ली और एसएसबी के जवानों के प्रति आभार व्यक्त किया। जिला चिकित्सालय के समन्वयक जितेंद्र मिश्रा, चिकित्सकों और अस्पताल कर्मियों ने भी इस त्वरित और मानवीय पहल की खुले दिल से प्रशंसा की। 62वीं वाहिनी, भिनगा द्वारा समय-समय पर किए जा रहे ऐसे सामाजिक और मानवीय कार्य यह सिद्ध करते हैं कि एसएसबी केवल सीमाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि आमजन के जीवन की रक्षा और सेवा के लिए भी सदैव तत्पर रहती है। वाहिनी
एसएसबी जवानों ने रक्तदान कर बचाई गर्भवती महिला की जान:श्रावस्ती में एनीमिया पीड़ित को समय पर मिला रक्त
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