कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनावी झटके के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर असंतोष की चर्चाएं लगातार तेज हो रही हैं। इसी बीच तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद सुखेंदुशेखर राय की एक संकेतपूर्ण पोस्ट ने राजनीतिक गलियारों में नई अटकलों को जन्म दे दिया है।
सांसद ने ‘एक्स’ पर प्राचीन रोमन सम्राट जूलियस सीजर का उल्लेख करते हुए लिखा कि वर्ष 44 ईसा पूर्व मार्च के ‘आइड्स’ के दिन रोमन सम्राट की सीनेट के भीतर हत्या कर दी गई थी। उन्होंने आगे लिखा कि रोमन कैलेंडर के अनुसार ‘आइड्स’ सामान्यतः मार्च, मई, जुलाई और अक्टूबर की 15 तारीख को कहा जाता था, लेकिन इस वर्ष मई के ‘आइड्स’ आने से पहले ही पश्चिम बंगाल के लोगों ने “असहनीय अराजक स्थिति” का अंत कर दिया।
सांसद की इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है कि क्या उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से राज्य में तृणमूल शाशन के दौरान अराजक स्थिति होने की बात स्वीकार की है। साथ ही यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व से उनकी दूरी बढ़ रही है।
हालिया चुनावी पराजय के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। पार्टी के कई नेता सार्वजनिक रूप से नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठा चुके हैं। खास तौर पर पार्टी के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी को लेकर भी कई नेताओं ने नाराजगी जाहिर की है।
सूत्रों के अनुसार, पार्टी लाइन से अलग बयान देने वाले कुछ नेताओं को शीर्ष नेतृत्व की नाराजगी का सामना भी करना पड़ा है। कुछ मामलों में अनुशासनात्मक कार्रवाई और निलंबन तक किया गया। ऐसे माहौल में सांसद सुखेंदुशेखर राय की यह पोस्ट तृणमूल कांग्रेस के लिए नई असहजता का कारण बन गई है।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व आरजी कर कांड के बाद भी सुखेंदु Sukhendu Sekhar Roy’s Post Sparks Political Stir; Speculation of Internal Dissent within Trinamool Intensifies.












