जनपद सिद्धार्थनगर के खेसरहा क्षेत्र में 17 अप्रैल 2026 को टीबी उन्मूलन अभियान के तहत एक एक्स-रे कैंप का आयोजन किया गया। गैंगटा और कोटिया पांडे गांवों में आयोजित इस कैंप में कुल 104 मरीजों की जांच की गई। जांच के दौरान 9 मरीजों में टीबी के संभावित लक्षण पाए गए। इन सभी संदिग्ध मरीजों को आगे की पुष्टि और समुचित उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) खेसरहा रेफर किया गया है। यह अभियान टीबी जैसी गंभीर संक्रामक बीमारी की समय रहते पहचान और उसके प्रभावी उपचार के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर ही मरीजों को टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में आवश्यक परामर्श और जानकारी दी। इस कैंप को सफल बनाने में एसटीएलएस आशीष पांडेय, एक्स-रे टेक्नीशियन गिरिजा शंकर त्रिपाठी, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) शिवांगी शुक्ला और वार्ड बॉय मुकेश कुमार की सक्रिय भूमिका रही। टीम ने घर-घर संपर्क कर लोगों को जांच के लिए प्रेरित किया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खेसरहा के अधीक्षक डॉ. सुजीत कुमार पांडेय ने बताया कि शासन के निर्देश पर 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत हाई रिस्क क्षेत्रों में लगातार जांच कैंप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि टीबी का समय पर पता चलना बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि शुरुआती अवस्था में इसका इलाज पूरी तरह संभव है। डॉ. सुजीत कुमार पांडेय ने आमजन से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना या कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच कराएं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी की जांच और उपचार पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।
खेसरहा में टीबी अभियान, 104 मरीजों की जांच:9 संदिग्धों को सीएचसी रेफर किया गया, मरीजों को उपचार व परामर्श की जानकारी दी
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