सिद्धार्थनगर कस्बे से सटी कूड़ा नदी पर नए सड़क पुल के निर्माण की मांग तेज हो गई है। भाजपा जिला उपाध्यक्ष आशीष शुक्ला ने रविवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री ने मामले का सर्वे कराकर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। आशीष शुक्ला ने बताया कि उसका बाजार के दोनों ओर बाईपास सड़क बनने के बाद कस्बे की व्यावसायिक गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। बाजार में ग्राहकों और वाहनों की आवाजाही कम होने से सैकड़ों व्यापारियों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। कई व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हुआ है और कुछ लोग पलायन के लिए भी मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कूड़ा नदी पर नया पुल बनने से कस्बे में आवागमन बढ़ेगा, जिससे स्थानीय व्यापार को नई गति मिलेगी और बाजार की रौनक वापस लौट सकेगी। ऐतिहासिक और व्यापारिक पहचान रखता है कस्बा आशीष शुक्ला ने बताया कि उसका बाजार का ऐतिहासिक और व्यावसायिक महत्व रहा है। ब्रिटिश शासनकाल में यह क्षेत्र अनाज, चमड़ा और कपड़े के बड़े व्यापारिक केंद्र के रूप में जाना जाता था। वर्तमान समय में भी यहां बड़े पैमाने पर अनाज का कारोबार होता है। इसके अलावा मच्छरदानी और कपड़ों की खरीदारी के लिए आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में व्यापारी और ग्राहक यहां पहुंचते हैं। ऐसे में बेहतर संपर्क मार्ग और पुल का निर्माण क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा। कभी वाहनों का भी होता था आवागमन जानकारी के अनुसार, वर्ष 1885 में ब्रिटिश काल में निर्मित रेलवे पुल से पहले ट्रेनों के साथ बसों और अन्य छोटे-बड़े वाहनों का भी आवागमन होता था। हालांकि वर्तमान में यह पुल केवल पैदल यात्रियों और दुपहिया वाहनों के उपयोग तक सीमित है। करीब एक दशक पहले बड़ी रेलवे लाइन परियोजना के तहत पुराने पुल के समानांतर एक नया रेलवे पुल बनाया गया, जिस पर केवल ट्रेनों का संचालन होता है। क्षेत्रवासियों का मानना है कि नया सड़क पुल बनने से ऐतिहासिक बाजार का अस्तित्व सुरक्षित रहेगा और व्यापारिक गतिविधियों को नया जीवन मिलेगा। नगर पंचायत के सीमा विस्तार की भी उठाई मांग भाजपा जिला उपाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को दिए गए पत्र में नगर पंचायत उसका बाजार के सीमा विस्तार की मांग भी की है। उन्होंने गंगाधरपुर, भिटिया, मेहदिया, पठानपुर, नवलपुर, केवटलिया, सुगही, लक्षनपुर और कोल्हुआ ग्राम पंचायतों को नगर पंचायत क्षेत्र में शामिल करने का प्रस्ताव रखा है। उनका कहना है कि इन गांवों को नगर पंचायत में शामिल किए जाने से स्थानीय लोगों को बेहतर नगरीय सुविधाओं का लाभ मिलेगा। साथ ही सड़क, पेयजल, सफाई, प्रकाश व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी।
उसका बाजार में कूड़ा नदी पर नए पुल की मांग:CM योगी को सौंपा पत्र, बोले- पुल बनने से व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार
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