महोबा- महोबा जनपद में तापमान 42 डिग्री के पार, लेकिन नगर निगम की पौशालाएं अब भी बंद- क्या प्यासे राहगीरों की कोई सुनवाई नहीं? शहर में गर्मी अपने चरम पर है। सूरज की तपिश ऐसी कि मानो आसमान से आग बरस रही हो। पारा 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि नगर पालिका की ओर से हर साल लगाए जाने वाले पौशालाएं (पेयजल स्टैंड) अब तक शुरू नहीं हो सके हैं। इससे राह चलते गरीब, मजदूर और रिक्शा चालक जैसे लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं। आल्हा चौक का दृश्य इस लापरवाही की साफ तस्वीर पेश करता है। यहां लगा पेयजल स्टैंड सूखा पड़ा है। न तो पानी की व्यवस्था है और न ही कोई देखरेख। स्टैंड के नीचे गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे बदबू उठ रही है। जहां लोगों की प्यास बुझनी चाहिए थी, वहां अव्यवस्था और उपेक्षा का मंजर दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल गर्मी बढ़ते ही नगर पालिका पानी की पौशालाएं शुरू कर देता था, लेकिन इस बार प्रशासन की सुस्ती साफ नजर आ रही है। सवाल उठता है कि जब तापमान लगातार बढ़ रहा है, तो आखिर जिम्मेदार अधिकारी किस बात का इंतजार कर रहे हैं? सबसे ज्यादा दिक्कत उन गरीब राहगीरों को हो रही है जो दिनभर धूप में काम करते हैं और जिनके पास ठंडा पानी खरीदने की सुविधा नहीं है। उनके लिए ये पौशालाएं ही राहत का एकमात्र साधन होती हैं। क्या प्रशासन को लोगों की प्यास और परेशानी दिखाई नहीं दे रही? क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही व्यवस्था जागेगी? अब जरूरत है कि नगर पालिका तुरंत संज्ञान ले, सभी पेयजल स्टैंड को साफ कर चालू करे और शहर के प्रमुख स्थानों पर ठंडे पानी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करे। क्योंकि इस भीषण गर्मी में पानी सिर्फ जरूरत नहीं, बल्कि जीवन का आधार है।
गर्मी ने तोड़ी हदें, नगर पालिका ने भी अभी तक पेयजल नहीं कराया उपलब्ध
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!












