लखनऊ। ईद-उल-अजहा (बकरीद) के मद्देनज़र मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी ने मुस्लिम समाज से शांति, सौहार्द और कानून का पालन करते हुए त्योहार मनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कुर्बानी केवल उन्हीं जानवरों की की जाए, जिनकी अनुमति भारतीय संविधान और कानून में दी गई है।
मौलाना ज़ैदी ने कहा कि इस्लाम अमन, भाईचारे और इंसानियत का धर्म है, इसलिए किसी भी ऐसे कार्य से बचना चाहिए जिससे किसी धर्म या समुदाय की भावनाएं आहत हों। उन्होंने कहा कि भारत गंगा-जमुनी तहज़ीब का देश है, जहां सभी समुदाय मिल-जुलकर रहते हैं और एक-दूसरे की आस्थाओं का सम्मान करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
उन्होंने अपने बयान में कहा कि गाय हिंदू समाज की आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है, इसलिए मुसलमानों को उसकी ओर “नज़र उठाकर भी नहीं देखना चाहिए।” उन्होंने कहा कि बकरीद का वास्तविक संदेश त्याग, इंसानियत और समर्पण है, न कि विवाद और तनाव पैदा करना।
मौलाना ज़ैदी ने मुस्लिम युवाओं से सोशल मीडिया पर भड़काऊ या विवादित सामग्री साझा न करने की अपील करते हुए कहा कि त्योहार को सादगी और शांति के साथ मनाया जाना चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए, ताकि देश में सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश और अधिक मजबूत हो सके। उन्होंने कहा कि भारत की साझा संस्कृति और राष्ट्रीय एकता को बनाए रखने के लिए सभी समुदायों को एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना होगा।
बकरीद पर कानून के दायरे में हो कुर्बानी, गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करे सरकार : मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी
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