लखनऊ । उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश की ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में आज एक जुलाई से लागू हो गयी। इस योजना के तहत मजदूरों को अब 252 की जगह 300 रुपए मजदूरी मिलेगी। साथ ही साल में 100 की जगह 125 दिन के रोजगार की गारंटी भी होगी। इसके अलावा ग्राम पंचायतों में 50 प्रतिशत विकास कार्य इसी योजना के तहत कराये जाने का भी निर्णय लिया गया है।
केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम की जगह विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण योजना को बुधवार से लागू कर दिया। इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा, रोजगार बढ़ाने और गांवों में स्थायी विकास कार्यों को गति देने का दावा किया जा गया है। इस नई योजना लागू होने के बाद यूपी के ग्रामीण मजदूरों को कई लाभ मिल सकेंगे। प्रदेश के पात्र ग्रामीण परिवारों को सालाना 100 दिनों के बजाय 125 दिनों की रोजगार गारंटी मिलेगी। साथ ही नई व्यवस्था के तहत अब राज्य में मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन होगी। इससे राज्य के लाखों ग्रामीण मजदूरों को सीधा फायदा मिलेगा। राष्ट्रीय औसत मजदूरी 298.8 रुपये प्रतिदिन से बढ़कर 327.4 रुपये प्रतिदिन हो गई है। मनरेगा की तुलना में सबसे बड़ा बदलाव जियोस्पेशियल प्लानिंग को लेकर देखा जा रहा है। पहले जहां स्थानीय मांग के आधार पर कार्यों को मंजूरी दी जाती थी, वहीं अब गांवों में सैटेलाइट डेटा, भूमि रिकॉर्ड और बुनियादी ढांचे की जरूरतों के आधार पर विकास योजनाएं तैयार की जाएंगी। वहीं अब पहले की तरह केवल मांग के आधार पर रोजगार नहीं मिलेगा। वीबी-जी राम जी एक्ट के तहत उत्तर प्रदेश में ऐसे कार्यों को प्राथमिकता मिलेगी जो लंबे समय तक ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करें। इसमें सड़क निर्माण, सिंचाई व्यवस्था, जल संरक्षण परियोजनाएं और स्थायी सामुदायिक इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल है। इससे कार्यों के दोहराव को रोकने के साथ ही संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा।
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15 दिन में मिलेंगे रोजगार गारंटी कार्ड : केशव
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि पहले पात्र परिवरों को रोजगार गारंटी कार्ड के लिए महीनों दौड़ लगानी पड़ती है। लेकिन अब आवेदन के 15 दिनों के अंदर ग्राम पंचायतों द्वारा जाब कार्ड जारी कर दिये जायेंगे। प्रत्येक कार्ड का एक विशिष्ट नंबर होगा तथा उसमें परिवार के वयस्क सदस्यों का विवरण, फोटो, बैंक खाते की जानकारी, बीमा संबंधी विवरण एवं उपलब्ध होंगे। इस कार्ड की वैधता तीन वर्ष होगी जिसके बाद पुन: नवीनीकरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कि कार्ड में रोजगार की मांग, आवंटित कार्य दिवस, कार्य का विवरण, मस्टर रोल, मजदूरी भुगतान, विलम्ब मुआवजा, बेरोजगारी भत्ता का विवरण दर्ज रहेगा। इस योजना के अंतर्गत कम से कम 50 प्रतिशत कार्य ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराए जाएंगे।












