हमीरपुर। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में गत माह आए तूफान से ध्वस्त हुई विद्युत लाइनों के कारण नलकूप ठप होने से किसान धान की नर्सरी नहीं तैयार कर पा रहे हैं। नलकूपों की आपूर्ति बहाल करने की मांग को लेकर टेढ़ा के किसानों ने रविवार को गांव स्थित सब स्टेशन में धरना देकर नलकूपों की आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। किसानों का कहना कि धान की नर्सरी को प्रत्येक दशा में 15 जून तक बो जानी चाहिए।
गत माह 28 मई की रात आए भयानक तूफान में सर्वाधिक कहर सुमेरपुर क्षेत्र में बरपाया था। तूफान के चलते सुमेरपुर डिविजन में 1703 पोल क्षतिग्रस्त हुए थे। विद्युत विभाग अभी तक ५० फ़ीसदी पोल नहीं लगा सका है। तूफान के बाद से नलकूपों की आपूर्ति अभी तक बहाल नहीं हो सकी है। रविवार को टेढ़ा के किसान जगमोहन, अभिषेक, वीरेंद्र सिंह, मनीष सिंह,महेश तिवारी, दीपू तिवारी, चंचल सिंह, पंकज यादव,टिल्ला सिंह, मुलायम सिंह, सुरेश सिंह, राकेश गुप्ता, जितेंद्र सिंह, सुखराम यादव, राजेश कुशवाहा, महेश मिश्रा, मुन्नू तिवारी आदि ने टेढ़ा विद्युत सब स्टेशन में धरना देकर नलकूपों की आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। किसानों ने बताया कि गांव में करीब 500 से अधिक निजी नलकूप लगे हुए हैं। इनमें करीब 450 नलकूप मौजूदा समय में ठप हैं। किसानों का कहना है कि नलकूपों की आपूर्ति बाधित होने से धान की फसल की नर्सरी नहीं तैयार कर पा रहे है, जबकि धान की फसल की नर्सरी प्रत्येक दशा में 15 जून तक तैयार हो जाना चाहिए। लेकिन जिस तरह के हालात है उससे 15 जून तक आपूर्ति बहाल होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
टेढ़ा सब स्टेशन के अवर अभियंता रजनीश कुमार ने बताया किसानों ने पावर हाउस में धरना देकर समस्या से अवगत कराया है। टेढ़ा सब स्टेशन से जुड़े गांवों में 425 विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं। सर्वाधिक नुकसान नलकूपों की लाइनों में हुआ। किसानों को जल्द आपूर्ति बहाल कराने का आश्वासन दिया गया। सामग्री मंगाई जा रही है एक-दो दिन के अंदर नलकूपों की लाइन बनाने का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। बता दे कि टेढ़ा गांव का मौजा बहुत बड़ा है और यह गांव धान उत्पादन में जनपद का अव्वल गांव है। यहां पर किसान बासमती धान का उत्पादन बहुतायत में करते हैं। नलकूपों की आपूर्ति बहाल न होने से किसान बेहद परेशान है।












