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27 साल से न्याय का इंतजार, मानवाधिकार आयोग ने रामपुर डीएम के खिलाफ जारी किया वारंट

रामपुर । एक सेवानिवृत्त कर्मचारी को वर्षों से लंबित वेतन और पेंशन संबंधी लाभ न मिलने के मामले में उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग ने रामपुर प्रशासन के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। आयोग ने बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद रिपोर्ट प्रस्तुत न करने और मामले को गंभीरता से न लेने पर रामपुर के जिलाधिकारी के खिलाफ 50 हजार रुपये का जमानती वारंट जारी कर दिया है।

आयोग के सदस्य न्यायमूर्ति राजीव लोचन मेहरोत्रा ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि आयोग के आदेशों की लगातार अनदेखी करना और निर्धारित समय पर आख्या न भेजना अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक रामपुर को निर्देश दिया है कि वारंट की तामील सुनिश्चित कर निर्धारित समय के भीतर आयोग को रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।

मामला रामपुर के ज्वाला नगर निवासी महेश चंद्र सक्सेना से जुड़ा है, जो वर्ष 1999 में सहायक रजिस्ट्रार कानूनगो पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्त हुए थे। उनका आरोप है कि शासन द्वारा सहायक रजिस्ट्रार कानूनगो और रजिस्ट्रार कानूनगो का वेतनमान समान किए जाने के बावजूद उन्हें इसका लाभ नहीं दिया गया। इसके कारण उनकी पेंशन में भी वृद्धि नहीं हो सकी।

पीड़ित का यह भी कहना है कि वर्ष 1986 में लेखपाल पद पर कार्यरत रहने के दौरान पांच माह का वेतन रोक लिया गया था। इसके अलावा सेवानिवृत्ति से ठीक पहले अक्टूबर 1998 से फरवरी 1999 तक का वेतन भी आज तक नहीं मिला। कई वर्षों तक प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।

बुजुर्गावस्था और खराब स्वास्थ्य से जूझ रहे महेश चंद्र सक्सेना ने अंततः मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाया। आयोग ने मामले में जिलाधिकारी रामपुर से कई बार रिपोर्ट मांगी, लेकिन न तो कोई जवाब दिया गया और न ही कोई अधिकारी आयोग के समक्ष उपस्थित हुआ।

प्रशासन की इस उदासीनता को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने जिलाधिकारी के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया। आयोग ने स्पष्ट किया है कि आदेशों की अवहेलना किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 10 जून को होगी। आयोग ने पुलिस अधीक्षक रामपुर को 9 जून तक वारंट की तामील कर उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। यह मामला एक बार फिर सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की लंबित समस्याओं तथा प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल खड़े कर रहा है।

 

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