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लाखों की लागत का वाटर ATM बना शोपीस:शोहरतगढ़ के आर्यनगर में महीनों से खराब, बूंद-बूंद पानी को तरस रहे लोग


नगर पंचायत शोहरतगढ़ के वार्ड नंबर 6, आर्यनगर में काली मंदिर के सामने लगा वाटर एटीएम पिछले कई महीनों से सफेद हाथी साबित हो रहा है। इसके खराब पड़े होने से स्थानीय निवासियों को पीने के साफ पानी के लिए भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के इस मौसम में पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए तरस रहे लोगों में प्रशासन की अनदेखी को लेकर गहरा आक्रोश है। वार्ड के निवासियों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण यह सरकारी सुविधा अब केवल नाममात्र की रह गई है। हालत यह है कि मोहल्ले में साफ पानी की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। लोगों को अपनी प्यास बुझाने के लिए या तो बाजार से महंगे दामों पर पानी खरीदना पड़ रहा है, या फिर चिलचिलाती धूप में कई सौ मीटर दूर लगे दूसरे हैंडपंपों तक चक्कर काटने पड़ रहे हैं। अधिकारियों के खोखले आश्वासन, ‘कल-परसों’ में बीते कई महीने स्थानीय नागरिक विजय कसौधन, राधेश्याम, प्रकाश आर्य, संतोष, संजय कसौधन, समीउल्लाह, मुस्तक और कृष कुमार ने बताया कि वाटर एटीएम लगने के बाद शुरुआती कुछ महीनों तक तो पानी की आपूर्ति ठीक रही थी। लेकिन जैसे ही इसमें तकनीकी खराबी आई, यह बंद हो गया। निवासियों ने इसकी शिकायत कई बार नगर पंचायत प्रशासन से की, लेकिन अधिकारियों की तरफ से “कल आएंगे—परसों आएंगे” जैसे खोखले आश्वासनों के अलावा कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। रखरखाव की जिम्मेदारी लेने को कोई तैयार नहीं मामले को लेकर ग्रामीण कृष्ण कुमार ने बताया कि गर्मी के दिनों में पानी की समस्या और भी गंभीर हो जाती है। वहीं, प्रकाश आर्य ने सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि जनता के टैक्स के लाखों रुपये खर्च कर यह सुविधा तो खड़ी कर दी गई, लेकिन इसके रखरखाव की जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं है। संजय कसौधन ने कहा कि पानी जैसी अति-आवश्यक जरूरत को महीनों तक नजरअंदाज करना सीधे तौर पर स्थानीय प्रशासन की विफलता को दर्शाता है। आक्रोशित स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन से मांग की है कि इस वाटर एटीएम को तत्काल ठीक कराया जाए और इसके नियमित रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, जनता की सहूलियत से महीनों तक खिलवाड़ करने वाले जिम्मेदार लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए।

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