लखनऊ। शामली के चर्चित आयुष धर्मांतरण प्रकरण की जांच में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। पुलिस के अनुसार, मामले में वांछित हकीम मौलाना इरफान और मौलाना मनव्वर के संपर्क पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली के अलावा चेन्नई तथा अंडमान-निकोबार तक जुड़े मिले हैं। जांच में मौलाना इरफान के बैंक खाते में इन स्थानों से कई बार रकम आने की जानकारी सामने आई है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह धन किसने भेजा, किस उद्देश्य से भेजा गया और क्या इसका संबंध किसी बड़े धर्मांतरण नेटवर्क से है।
पुलिस जांच के अनुसार, शहर के नानूपुरा निवासी हकीम मौलाना इरफान और मौलाना मनव्वर के संपर्क में आयुष लंबे समय से था। आरोप है कि इरफान हकीमी की आड़ में दिल्ली के कुछ लोगों के संपर्क में रहता था और आयुष को भी कई बार अपने साथ वहां ले गया, जहां उसका कथित रूप से ब्रेनवॉश किया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि इरफान और मनव्वर का चेन्नई और अंडमान-निकोबार भी नियमित आना-जाना था। पुलिस का दावा है कि इरफान के बैंक खाते में इन स्थानों से 10 से अधिक बार रकम भेजी गई। अब बैंक खातों, लेनदेन और रकम भेजने वालों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को आशंका है कि दिल्ली, चेन्नई और अंडमान-निकोबार के कुछ लोग भी इस कथित नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी हैं।
डायरी से मिले अहम सुराग
मामले की जांच के दौरान पुलिस को आरोपी चांदनी की एक डायरी भी मिली है। पुलिस के अनुसार, डायरी में आयुष से जुड़ी कई बातें दर्ज हैं। एक स्थान पर उल्लेख है कि एक दिन आयुष ने नमाज नहीं पढ़ी थी, जिस पर मौलाना ने उसे फटकार लगाई थी। पुलिस डायरी में दर्ज अन्य जानकारियों के आधार पर संभावित सदस्यों और संपर्कों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह डायरी मामले की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकती है।
हकीमी की आड़ में नेटवर्क की जांच
पुलिस का कहना है कि जांच में यह पहलू भी सामने आया है कि कुछ लोग हकीम या इलाज के नाम पर युवाओं को अपने संपर्क में लाकर उन पर धीरे-धीरे प्रभाव बनाते थे। इसी आधार पर अब ऐसे लोगों और उनके संभावित नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
क्या है मामला
चार जून को स्वामी यशवीर महाराज ने बघरा स्थित साधना आश्रम में आयुष के धर्मांतरण का मुद्दा उठाया था। इसके बाद दवा कारोबारी देवराज मलिक की तहरीर पर शहर कोतवाली में युवती चांदनी कुरैशी, उसके पिता इस्लाम कुरैशी, भाई समेत परिवार के आठ लोगों और तीन मौलानाओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने चांदनी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस के अनुसार, आयुष ने बाद में सनातन धर्म में वापसी कर ली।












