HomeHealth & Fitnessएफपीएआई की पहल पर युवा स्वयंसेवकों ने लिया प्रशिक्षण

एफपीएआई की पहल पर युवा स्वयंसेवकों ने लिया प्रशिक्षण

लखनऊ। यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य एवं अधिकार तथा गैर-संचारी रोग पर आज के युवाओं को वैज्ञानिक एवं विश्वसनीय स्वास्थ्य संबंधी जानकारी उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे प्रशिक्षण उन्हें भ्रांतियों से बाहर निकालकर जिम्मेदार निर्णय लेने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में सकारात्मक बदलाव के वाहक बनने के लिए प्रेरित करते हैं। ये बातें चिकित्सा अधीक्षक एवं एनसीडी नोडल अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार श्रीवास्तव ने कहा। गुरुवार को बलरामपुर चिकित्सालय ने फैमिली प्लानिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया,एफपीएआई, शाखा के सहयोग से विज्ञान भवन, चिकित्सालय में “ यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य एवं अधिकार तथा गैर-संचारी रोग ” विषय पर दो दिवसीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया। प्रशिक्षण में 25 युवा स्वयंसेवकों एवं युवा नेतृत्व कर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाना,लैंगिक समानता को प्रोत्साहित करना,जीवन कौशल एवं नेतृत्व क्षमता का विकास करना तथा युवा-अनुकूल स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच को मजबूत बनाना था। उन्होंने इस पहल के लिए एफपीएआ की सराहना करते हुए संस्था का आभार व्यक्त किया।

डॉ. सुजाता देव, प्रोफेसर एवं नोडल अधिकारी, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर एडोलसेंट हेल्थ एंड डेवलपमेंट,केजीएमयू  ने कहा कि प्रदेश में किशोर एवं युवा स्वास्थ्य अभी भी एक महत्वपूर्ण चुनौती बना हुआ है। किशोरावस्था में मातृत्व, बाल विवाह, एनीमिया और लैंगिक असमानता जैसी समस्याएं युवाओं के समग्र विकास को प्रभावित करती हैं। इसके अलावा असुरक्षित गर्भपात, यौन एवं लैंगिक हिंसा तथा स्वास्थ्य संबंधी सीमित जानकारी भी गंभीर चिंताओं में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण युवाओं को आवश्यक जानकारी और सेवाओं से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं। डॉ.सुजाता देव ने व्यापक यौन शिक्षा, सहमति की समझ,लैंगिक समानता तथा किशोर-अनुकूल एवं गोपनीय स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने युवाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और सहयोगात्मक वातावरण विकसित करने का आह्वान किया। प्रशिक्षण के दौरान डॉ. रजनीगंधा, क्लीनिक मनोवैज्ञानिक, एनसीसी प्रकोष्ठ, सैयद रजा हुसैन ज़ैदी, सौम्या सिंह , प्रीति एम. शाह ने विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ सत्र संचालित किए।

 
 
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