पीएम मोदी (PM Modi) की शुक्रवार को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) यात्रा भले ही कम समय की रही, लेकिन इसके परिणाम भारत के लिए लंबे समय तक अहम साबित हो सकते हैं। इस दौरे में रक्षा, ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौतों पर सहमति बनी, जिससे दोनों देशों की साझेदारी और मजबूत हुई है।
ऊर्जा सुरक्षा को मिला बड़ा सहारा
اختُتمت زيارة قصيرة، إلا أنها كانت مثمرة للغاية، إلى دولة الإمارات العربية المتحدة؛ حيث أجريت مباحثات مستفيضة مع أخي، صاحب السمو الشيخ محمد بن زايد آل نهيان، حول سبل تعميق الشراكة الاستراتيجية الشاملة بين الهند والإمارات. وإنني على ثقة بأن مخرجات هذه الزيارة ستزيد من رسوخ أواصر… pic.twitter.com/ifMhRnGCX1
— Narendra Modi (@narendramodi) May 15, 2026
भारत और UAE के बीच ऊर्जा सहयोग को नई दिशा देने के लिए कई अहम फैसले लिए गए। अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) के बीच हुए समझौते के तहत भारत को दीर्घकालिक और प्राथमिकता आधारित LPG आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। UAE पहले ही भारत की करीब 40 प्रतिशत घरेलू LPG जरूरतें पूरी करता है, ऐसे में यह समझौता वैश्विक बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा।
रणनीतिक तेल भंडारण में बढ़ेगा सहयोग
ADNOC पहले से भारत के भूमिगत रणनीतिक तेल भंडार में तेल संग्रह करने वाली एकमात्र विदेशी कंपनी है। नए समझौते के बाद दोनों देशों के बीच कच्चे तेल के भंडारण और आपूर्ति में सहयोग और गहरा होगा। इससे भारत को स्थिर ऊर्जा आपूर्ति मिलेगी, जबकि UAE को अपने बढ़ते तेल उत्पादन के लिए भरोसेमंद बाजार उपलब्ध होगा। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे समुद्री मार्गों पर बढ़ते जोखिम के बीच यह साझेदारी काफी अहम मानी जा रही है।
गुजरात बनेगा शिप रिपेयरिंग का बड़ा केंद्र
दोनों देशों ने गुजरात के वाडिनार में एक आधुनिक ‘शिप रिपेयर क्लस्टर’ विकसित करने पर भी सहमति जताई है। इस परियोजना से भारत की समुद्री अवसंरचना को मजबूती मिलेगी और देश क्षेत्रीय स्तर पर जहाजों की मरम्मत और रखरखाव का प्रमुख केंद्र बन सकता है। इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को गति मिलेगी।
5 अरब डॉलर निवेश और बढ़ता व्यापारिक रिश्ता
كما شهدت هذه الزيارة إلى دولة الإمارات إبرام اتفاقيات محورية في قطاعات حيوية، مثل الطاقة والدفاع والبنية التحتية والشحن والتقنيات المتقدمة؛ مما منح دفعة جديدة للشراكة الاستراتيجية الشاملة بين الهند والإمارات. وفي تطور مهم آخر، أعلنت دولة الإمارات عن استثمارات بقيمة 5 مليارات… pic.twitter.com/RKQMFTUdY6
— Narendra Modi (@narendramodi) May 15, 2026
UAE ने भारत में 5 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा भी की है। यह निवेश इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं, RBL बैंक की वित्तीय क्षमता बढ़ाने और हाउसिंग फाइनेंस कंपनी सम्मान कैपिटल में तरलता मजबूत करने में इस्तेमाल होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-UAE संबंध अब केवल व्यापार और ऊर्जा तक सीमित नहीं रहे, बल्कि रक्षा, वित्त, लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे रणनीतिक क्षेत्रों तक विस्तार कर चुके हैं। व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार 100 अरब डॉलर के पार पहुंच चुका है और आने वाले वर्षों में इसे 200 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य तय किया गया है।
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