चंडीगढ़: पंजाब में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR)-2026 के पहले चरण के पूरा होने के बाद करीब 20.66 लाख मतदाता ड्राफ्ट मतदाता सूची से बाहर हो गए हैं। यह संख्या राज्य के कुल 2.14 करोड़ मतदाताओं का 9.63% है। चुनाव आयोग के मुताबिक, इन मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थायी रूप से स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट श्रेणी में रखा गया है।
पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) अनिंदिता मित्रा ने बताया कि राज्य के सभी 23 जिलों और 117 विधानसभा क्षेत्रों में घर-घर जाकर सत्यापन का काम पूरा कर लिया गया है। इस दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने मतदाताओं का मिलान 2003 में हुई पिछली विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की मतदाता सूची से किया।
किस श्रेणी में कितने मतदाता?
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार :
स्थायी रूप से स्थानांतरित: 9,44,131 (4.40%)
मृत: 5,74,568 (2.68%)
अनुपस्थित/पता नहीं चला: 4,12,715 (1.92%)
डुप्लीकेट या अन्यत्र पंजीकृत: 1,19,145 (0.56%)
1.94 करोड़ मतदाताओं ने जमा किए फॉर्म
9 जून 2026 तक पंजाब में 2,14,61,043 पंजीकृत मतदाता थे। इनमें से 1,93,94,408 मतदाताओं ने 3 अगस्त तक अपने एन्यूमरेशन फॉर्म जमा कर दिए। वहीं, करीब 12 लाख मतदाताओं के फॉर्म 2003 की मतदाता सूची से मेल नहीं खा सके। ऐसे मामलों में संबंधित मतदाताओं को नोटिस भेजे जाएंगे और आवश्यक दस्तावेज जमा करने का अवसर दिया जाएगा।
13 अगस्त से 12 सितंबर तक कर सकेंगे दावा-आपत्ति
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 13 अगस्त से 12 सितंबर के बीच मतदाता अपने नाम जोड़ने, सुधार कराने या किसी प्रविष्टि पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे। अंतिम मतदाता सूची इसी प्रक्रिया के बाद तैयार की जाएगी।
बढ़े मतदान केंद्र, चला जागरूकता अभियान
SIR-2026 के दौरान राज्य में मतदान केंद्रों की संख्या 24,453 से बढ़कर 25,332 हो गई। इस अभियान में 24,453 BLO, 2,501 सुपरवाइजर, 117 निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी और हजारों बूथ लेवल एजेंट शामिल रहे। मतदाताओं को जागरूक करने के लिए SVEEP अभियान के तहत विशेष शिविर, SMS अलर्ट, रेडियो संदेश और अन्य जनजागरूकता कार्यक्रम भी चलाए गए।












