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बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा गौर ब्लॉक में कराए गए एक सर्वे में पिछले तीन महीनों के दौरान 613 बच्चे अति गंभीर कुपोषित (एसएएम) और 1,297 बच्चे मध्यम कुपोषित (एमएएम) पाए गए हैं। इन चिन्हित अति कुपोषित बच्चों का जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में निःशुल्क उपचार किया जा रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, गौर ब्लॉक में कुल 221 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों पर 13,663 बच्चे, 916 गर्भवती महिलाएं और 674 धात्री महिलाएं सहित कुल 15,267 लाभार्थी पंजीकृत हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हर महीने बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं का सर्वेक्षण कर रिपोर्ट तैयार करती हैं। इस सर्वेक्षण के आधार पर अति कुपोषित बच्चों को उपचार के लिए एनआरसी भेजा जाता है। पोषण पुनर्वास केंद्र में उन्हें दवाएं, पौष्टिक भोजन, दूध और फल सहित सभी आवश्यक सुविधाएं निःशुल्क प्रदान की जाती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल में 337 एसएएम और 674 एमएएम बच्चे चिन्हित हुए थे। मई में यह संख्या घटकर 150 एसएएम और 300 एमएएम रह गई, जबकि जून में 126 एसएएम और 323 एमएएम बच्चे पाए गए। जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि अप्रैल की तुलना में मई और जून में अति कुपोषित बच्चों की संख्या में कमी आई है। उन्होंने यह भी बताया कि कुपोषण की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा नियमित सर्वेक्षण अभियान चलाए जा रहे हैं।
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गौर ब्लॉक में 613 बच्चे अति कुपोषित मिले:तीन माह के सर्वे में 1,297 मध्यम कुपोषित भी चिन्हित
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