नई भर्ती निकालने पर पिछले सत्र के शिक्षक पहुंचे थे कोर्ट
समाज कल्याण मंत्री की पहल से कोर्ट में हुआ फैसला
लखनऊ। यूपी के सर्वोदय विद्यालयों में अतिथि वक्ताओं को स्थीति साफ़ हो गई है। कोर्ट के आदेश के बाद पिछले सत्र में ही पढ़ाने वाले शिक्षकों की दोबारा से नियुक्ति की जायेगी। इसके साथ ही जून 2026 में नई भर्ती के लिए निकाले गए विज्ञापन को इसके साथ ही रद्द कर दिया जायेगा। समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने वीडियो जारी करते हुए यह बधाई संदेश छात्रों और उनके परिजनों को दिया है।
दरअसल,उत्तर प्रदेश के जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी का असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा था। अंग्रेजी और गणित जैसे महत्वपूर्ण विषयों के साथ-साथ विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, हिंदी, संस्कृत और कंप्यूटर जैसे विषयों में भी शिक्षकों के पद खाली हैं। इन रिक्त पदों की कुल संख्या 515 हैं। इसमें प्रवक्ता के 235 पद, सहायक अध्यापक के 231 और शारीरिक शिक्षा अनुदेशक 49 पद हैं। इसे लेकर सर्वोदय विद्यालय के विद्यार्थी शिक्षक न होने पर स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पहले सड़क पर उतरे थे।
वहीं इस मामले में समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने छात्रों की समस्याओं का जल्द निस्तारण करने की बात कही थी। आपको बता दें शैक्षिक सत्र 2025-26 में प्रदेश में 103 सर्वोदय विद्यालय संचालित थे, जिनमें करीब 35 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। छह नए विद्यालयों का निर्माण पूरा होने के बाद शैक्षिक सत्र 2026-27 में इनकी संख्या बढ़कर 109 होने की बात कही गई है। पिछले सत्र में एक साल के लिए अतिथि शिक्षक रखे गए थे, लेकिन जब जून 2026 में दोबारा विज्ञापन निकाला गया तो पहले रखे गए अतिथि शिक्षक कोर्ट चले गए। जिसके बाद छात्रों की पढ़ाई अधर में अटक गई।
इसके साथ ही प्रवक्ता के कुल 235 पद खाली हो गए। इनमें हिन्दी के 25, अंग्रेजी के 28, गणित के 51, भौतिक विज्ञान के 42, रसायन विज्ञान के 30, जीव विज्ञान के 25, भूगोल के 10, इतिहास के 12 और राजनीति शास्त्र के 12 पद शामिल हैं। अब पूरे मामले को लेकर मंत्री के निर्देश पर अधिकारियों ने कोर्ट में मामले की पैरवी की। इसके साथ ही पिछले सत्र के शिक्षकों की ही नियुक्ति पर सहमति जताई। जिसके बाद कोर्ट ने शिक्षकों के पक्ष में फैसला सुना दिया। जल्द ही सभी शिक्षक स्कूलों में लौटेंगे।












