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मुख्यमंत्री की ओर से सरकारी कर्मचारियों को ड्यूटी पर समय से उपस्थित रहने और लापरवाही मिलने पर कार्रवाई के निर्देश दिए जाने के बावजूद हर्रैया विकास क्षेत्र की चौकड़ी ग्राम सभा में पंचायत सहायक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सहायक अंकित की नियुक्ति के बाद से पंचायत भवन में उनकी एक दिन भी मौजूदगी नहीं रही। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने आज तक पंचायत सहायक को पंचायत भवन में काम करते नहीं देखा है। नियुक्ति के बाद से पंचायत भवन में नहीं पहुंचीं चौकड़ी ग्राम सभा का पंचायत भवन काफी पुराना है। ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत सहायक अंकित की नियुक्ति होने के बाद उम्मीद थी कि यहां नियमित रूप से सरकारी योजनाओं और पंचायत संबंधी कार्यों का संचालन होगा। लेकिन ग्रामीणों का दावा है कि नियुक्ति के बाद से पंचायत सहायक पंचायत भवन में ड्यूटी करने नहीं आईं। इससे ग्रामीणों को पंचायत से जुड़े कामों के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीण बोले- आज तक चेहरा तक नहीं देखा पंचायत भवन की स्थिति जानने के लिए पड़ताल की गई तो कई ग्रामीणों ने पंचायत सहायक की गैरमौजूदगी की बात कही। सुनील कुमार, अशोक चौधरी, सत्य प्रकाश शुक्ला, राकेश कुमार, सरवन चौधरी, अब्दुल करीम, राजू कुमार, मुनव्वर अली, जोगिंदर यादव, झिनकू यादव और रतनलाल समेत अन्य ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवन में आज तक कोई कर्मचारी नियमित रूप से बैठता नजर नहीं आया। लखनऊ में रहने का ग्रामीणों ने किया दावा ग्रामीणों के मुताबिक पंचायत सहायक अंकित लखनऊ में रहती हैं। उनका आरोप है कि पंचायत भवन में उनकी नियमित उपस्थिति नहीं होने के कारण ग्राम पंचायत से संबंधित कार्य प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि, पंचायत सहायक की वास्तविक उपस्थिति और ड्यूटी से संबंधित अभिलेखों की आधिकारिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। प्रधान प्रतिनिधि बोले- ड्यूटी तो रोज लगती है मामले में चौकड़ी ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अनिल कुमार से जानकारी ली गई। उन्होंने पुष्टि की कि ग्राम पंचायत में अंकित नाम की पंचायत सहायक नियुक्त हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत सहायक की ड्यूटी रोज लगती है। उनके अनुसार, अगर वह नहीं आती हैं तो इस संबंध में क्या किया जाए, यह जिम्मेदार अधिकारियों के स्तर पर तय होना चाहिए। सरकारी व्यवस्था पर उठ रहे सवाल पंचायत भवन ग्रामीणों के लिए सरकारी योजनाओं, प्रमाणपत्रों और पंचायत संबंधी कार्यों का महत्वपूर्ण केंद्र होता है। ऐसे में कर्मचारी की नियमित अनुपस्थिति के आरोपों ने पंचायत व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कर्मचारी पंचायत भवन में उपलब्ध ही नहीं होंगे तो गांव के लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ लेने में परेशानी होगी। अब जांच और कार्रवाई की मांग मामले के सामने आने के बाद ग्रामीणों ने संबंधित ब्लॉक अधिकारियों से पंचायत सहायक की उपस्थिति की जांच कराने और लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि सरकारी कर्मचारियों की उपस्थिति की नियमित निगरानी होनी चाहिए, ताकि पंचायत स्तर पर योजनाओं और सेवाओं का संचालन प्रभावित न हो। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी मामले की जांच कर क्या कार्रवाई करते हैं।
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बस्ती में पंचायत सहायक की ड्यूटी पर बड़ा सवाल:ग्रामीणों का आरोप- लखनऊ में रहती हैं पंचायत सहायक, पंचायत भवन में नहीं होती उपस्थिति
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