जिले के ब्लॉक क्षेत्र में सोमवार को पेट्रोल पंपों पर डीजल लेने के लिए किसानों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही किसान अपने जराकीन, पीपिया और अन्य बर्तनों के साथ लंबी कतारों में खड़े नजर आए। बढ़ती भीड़ के कारण व्यवस्था संभालना चुनौतीपूर्ण हो गया। दरअसल, इस समय खेतों में मेंढाई, कटाई, जुताई और गन्ने की फसल में सिंचाई का काम जोरों पर है। डीजल की कमी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इसके अभाव में खेती के आवश्यक कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसान मनोज वर्मा ने बताया कि उनकी कई एकड़ में लगी गन्ने की फसल पानी के अभाव में सूखने लगी है। उन्होंने कहा कि डीजल न मिलने के कारण समय पर सिंचाई नहीं हो पा रही है, जिससे फसल बर्बाद होने का खतरा मंडरा रहा है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए चौकी इंचार्ज बैवाही महेंद्र प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे और व्यवस्था संभाली। उन्होंने बताया कि सभी किसानों को सीमित मात्रा में डीजल उपलब्ध कराया गया, ताकि अधिक से अधिक लोगों को राहत मिल सके। प्रत्येक व्यक्ति को 10 लीटर डीजल दिया गया, जबकि ट्रैक्टर चालकों को उनके वाहनों में 1000 रुपये तक का डीजल उपलब्ध कराया गया। वहीं, पेट्रोल पंप संचालक यशवंत यादव ने जानकारी दी कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए सोमवार को केवल डीजल का ही वितरण किया गया, ताकि किसानों की जरूरतों को प्राथमिकता दी जा सके। डीजल संकट को लेकर किसानों ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द डीजल की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि उनकी फसलें सुरक्षित रहें और खेती का कार्य प्रभावित न हो।
मिहींपुरवा के पेट्रोल पंपों पर किसानों की भीड़:डीजल संकट से खेती प्रभावित, घंटों लाइन में लगे किसान
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