नानपारा के रूपईडीहा रोड स्थित सीतापुर आँख अस्पताल के सामने रविवार सुबह कई ब्लॉकों की आशा बहुओं और संगिनियों ने धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पिछले चार माह से बकाया मानदेय और प्रोत्साहन राशि का भुगतान न होने पर विरोध जताया। आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्हें पिछले चार माह से प्रोत्साहन राशि नहीं मिली है, जबकि संगिनियों का मानदेय भी बकाया है। कुछ प्रोत्साहन राशि तो पिछले दो वर्षों से लंबित है। इसके बावजूद, अधिकारियों द्वारा उन पर लगातार काम करने का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे वे भुखमरी के कगार पर पहुँच गई हैं। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि जब वे भुगतान की मांग करती हैं, तो अधिकारियों द्वारा उन्हें हटाने की धमकी दी जाती है। इस संबंध में ब्लॉक से लेकर जनपद स्तरीय अधिकारियों को भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। आशा बहुओं ने अपनी विभिन्न मांगों को सामने रखा। इनमें फाइलेरिया, कुष्ठ अभियान, टीबी आई और आयुष्मान गोल्डन कार्ड कार्यक्रमों का दो वर्षों से बकाया मानदेय शामिल है। उन्होंने यह भी बताया कि फाइलेरिया और कुष्ठ अभियान में एनजीओ के रूप में काम करने वाले आशाओं के पति और बच्चों का भुगतान पिछले चार वर्षों से नहीं हुआ है। इसके अतिरिक्त, सभी आशाओं और आशा संगिनियों की प्रोत्साहन राशि बढ़ाने और हथ्मरवा में तैनात निष्क्रिय की गई आशा गायत्री देवी को तत्काल बहाल करने की मांग की गई। आशा बहुओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें समय पर पूरी नहीं की गईं, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगी, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और जिला प्रशासन की होगी। इस प्रदर्शन में नवाबगंज, रिसिया, मटेरा, नानपारा और मिहींपुरवा ब्लॉक की कार्यकर्ता शामिल थीं। इस अवसर पर पूनम देवी (रिसिया), मंजुला (मिहिपुरवा), पुष्पा वर्मा (अध्यक्ष, नवाबगंज), सुमन मिश्र (नानपारा), सुशीला देवी, गुंजा देवी, अर्पिता, शांति, गीता, निरमा, मसीहा, उषा और सरिता श्रीवास्तव सहित कई अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।
आशा बहुओं और संगिनियों का आंख अस्पताल पर धरना:नानपारा में चार माह से बकाया मानदेय और प्रोत्साहन राशि की मांग
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!












