गाजियाबाद। धीरेंद्र प्रताप 16 और 17 मई को उत्तरकाशी के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक, वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष और प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप इस दौरान राज्य आंदोलनकारियों के अधिकारों से जुड़े अहम मुद्दों पर बड़ा मंथन करेंगे। जानकारी के अनुसार, धीरेंद्र प्रताप 16 मई को देहरादून से रवाना होकर मसूरी और नैनबाग होते हुए बड़कोट पहुंचेंगे।
17 मई को वे बड़कोट में आयोजित राज्य आंदोलनकारियों के जिला स्तरीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर आंदोलनकारियों को संबोधित करेंगे। 10 फीसदी आरक्षण और चिन्हीकरण में देरी पर सरकार को घेरेंगे आंदोलनकारी सम्मेलन में राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की लंबित प्रक्रिया तथा 10 फीसदी आरक्षण लागू करने में हो रही देरी को लेकर व्यापक रणनीति तैयार की जाएगी। आंदोलनकारियों का मानना है कि वर्षों से लंबित मांगों को लेकर सरकार का रवैया निराशाजनक रहा है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बड़कोट आंदोलनकारी समिति के अध्यक्ष वासुदेव डिमरी ने बताया कि सम्मेलन में उत्तरकाशी जिले के पुरोला, बड़कोट, डुंडा, चिन्यालीसौड़ समेत विभिन्न तहसीलों के आंदोलनकारियों को आमंत्रित किया गया है। वरिष्ठ आंदोलनकारी नेताओं की मौजूदगी से सम्मेलन होगा अहम सम्मेलन में राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष सुरेंद्र भर्तृवाल तथा दूसरी उपाध्यक्ष कोठारी को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय अध्यक्ष हरिकृष्ण भट्ट, कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. विजेंद्र पोखरियाल, महिला शाखा अध्यक्ष सावित्री नेगी, केंद्रीय संरक्षक जयप्रकाश उत्तराखंडी और कमला पांडे भी सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
उत्तराखंड आंदोलन की भावना को फिर से मजबूत करने की तैयारी राज्य आंदोलनकारियों का यह सम्मेलन केवल औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि आंदोलनकारियों के सम्मान, पहचान और अधिकारों की लड़ाई को नई दिशा देने वाला मंच माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस सम्मेलन से सरकार पर लंबित मांगों को लेकर दबाव और तेज होगा।












