लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद लखनऊ नगर निगम ने रविवार को जिला अदालत और कलेक्ट्रेट के पास बने करीब 240 अवैध चैंबर और दुकानों पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू की गई।
नगर निगम लखनऊ की टीम पुलिस और प्रशासन के साथ मौके पर पहुंची और हाईकोर्ट के आदेश के तहत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी। कार्रवाई शुरू होते ही बड़ी संख्या में वकील मौके पर जमा हो गए और विरोध प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी करने लगे।
इस दौरान पुलिस और वकीलों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करते हुए वकीलों और दुकानदारों को हटाया। फिलहाल मौके पर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात हैं।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि सड़क,फुटपाथ व नाले पर कब्जा कर वकीलों ने चेंबर बना लिया था। फोटोकॉपी की दुकानें खुल गयी थी।
कोर्ट ने अवैध अतिक्रमण तोड़ने का आदेश दिया। इसके बाद नगर निगम की ओर से नोटिस दी गयी। कुछ लोगों ने खुद कब्जा हटा लिया,लेकिन बड़ी संख्या में कब्जे नहीं हटे थे,इसके बाद यह कार्रवाई की गई है।
वकील ज्योत्सना सिंह का कहना है कि हाईकोर्ट ने 72 चैंबर तोड़ने का आदेश दिया है,लेकिन जिन चैंबरों को तोड़ने का आदेश हुआ था उन पर बुलडोजर नहीं चला है। उन्होंने यह भी कहा कि हमें पहले से कोई जानकारी नहीं दी गयी।
वहीं, लखनऊ के डीसीपी (पश्चिम) कमलेश दीक्षित ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के तहत अवैध निर्माण हटाया जा रहा है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है और मौके पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल मौजूद है।












