नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में नकली ऑटो पार्ट्स और मशीनरी सामान के बड़े कारोबार का खुलासा करते हुए क्राइम ब्रांच ने फराश खाना इलाके में चल रही दो अवैध वर्कशॉप पर छापा मारकर नकली बेयरिंग बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है।
पुलिस ने मौके से 5067 नकली बेयरिंग, चार स्टैंपिंग एवं एंग्रेविंग मशीन, एक पैकिंग मशीन और भारी मात्रा में पैकिंग व प्रिंटिंग सामग्री बरामद की है। इस मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, जो सस्ती विदेशी बेयरिंग पर नामी कंपनियों के नकली ट्रेडमार्क लगाकर उन्हें असली बताकर बाजार में बेच रहे थे।
पुलिस ने मामले में 50 वर्षीय आमिर खान और 40 वर्षीय मोहम्मद अनस को गिरफ्तार किया है। आमिर खान पुरानी दिल्ली के लाल कुआं इलाके का रहने वाला है और पांचवीं पास है।
पूछताछ में उसने बताया कि वह पुराने और इस्तेमाल किए गए बेयरिंग खरीदकर उनकी मरम्मत करता था। इसके बाद उन पर नकली ब्रांडिंग कर बाजार में बेच देता था। जांच में यह भी सामने आया कि आमिर खान पहले भी इसी तरह के मामले में गिरफ्तार हो चुका है।
उसके खिलाफ वर्ष 2006 में कमला मार्केट थाने में धोखाधड़ी और कॉपीराइट एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था। वहीं दूसरा आरोपी मोहम्मद अनस लक्ष्मी नगर का रहने वाला है और 12वीं पास है।
वह भी पुराने बेयरिंग खरीदकर उनकी मरम्मत और बिक्री का काम करता था। पुलिस के अनुसार, अनस का पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है।
क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त संजीव यादव ने सोमवार को बताया कि एंटी रॉबरी एंड स्नैचिंग सेल (एआरएससी) लगातार राजधानी में नकली और डुप्लीकेट उत्पादों के खिलाफ अभियान चला रही है।
इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पुरानी दिल्ली के फराश खाना इलाके की मीर मदारी गली में कुछ लोग अवैध तरीके से नकली बेयरिंग तैयार कर बाजार में सप्लाई कर रहे हैं।
सूचना के बाद इंस्पेक्टर के.के. शर्मा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम में कई पुलिसकर्मियों के साथ संबंधित कंपनियों के अधिकृत प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया।
पुलिस उपायुक्त के अनुसार 16 मई को पुलिस टीम ने मीर मदारी गली स्थित दो अलग-अलग वर्कशॉप पर छापा मारा। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी सस्ती और कम गुणवत्ता वाली विदेशी बेयरिंग खरीदते थे।
इसके बाद उन पर नामी कंपनियों के नकली ट्रेडमार्क उकेरकर उन्हें असली प्रोडक्ट के रूप में पैक किया जाता था। फिर इन्हें बाजार में ऊंचे दामों पर सप्लाई किया जाता था।
पहली वर्कशॉप से पुलिस ने HCH ब्रांड के नकली ट्रेडमार्क लगी 4959 बेयरिंग बरामद कीं। इसके अलावा तीन स्टैंपिंग और एंग्रेविंग मशीन, एक पैकिंग मशीन तथा बड़ी मात्रा में प्रिंटिंग और पैकिंग सामग्री भी मिली।
वहीं दूसरी वर्कशॉप से एनबीसी ब्रांड की 108 नकली बेयरिंग, एक स्टैंपिंग मशीन और पैकिंग सामग्री जब्त की गई। कार्रवाई के बाद दोनों वर्कशॉप को सील कर दिया गया।
मशीनों से उकेरे जाते थे नकली ट्रेडमार्क
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपित विशेष मशीनों की मदद से बेयरिंग पर एचसीएच और एनबीसी कंपनियों के ट्रेडमार्क उकेरते थे, ताकि बाजार में ग्राहकों को यह असली उत्पाद लगे।
पैकिंग भी हूबहू असली कंपनियों जैसी की जाती थी। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि नकली बेयरिंग दिल्ली समेत आसपास के राज्यों में सप्लाई की जा रही थीं।
पुलिस का कहना है कि इस तरह की नकली बेयरिंग का इस्तेमाल मशीनों और वाहनों में होने पर बड़े हादसे की आशंका रहती है, क्योंकि कम गुणवत्ता वाले उत्पाद जल्दी खराब हो जाते हैं और तकनीकी नुकसान पहुंचा सकते हैं।
सप्लाई चेन और नेटवर्क की जांच जारी
क्राइम ब्रांच ने आरोपितों के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नकली बेयरिंग कहां से आयात की जा रही थीं, किन बाजारों में सप्लाई हो रही थीं और इस कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।












